त्वचा के लिए ग्लायकोलिक एसिड के फायदे व नुकसान
ग्लायकोलिक एसिड, अल्फा हाइड्रोक्सील एसिड के समूह में से ही एक है। यह प्राकृतिक रुप से गन्ने व अंगूर में पाया जाता है। इसका प्रयोग त्वचा के उपचार के लिए किया जाता है जैसे एक्ने, केमिकल पीलिंग व एक्सफोलिएशन आदि।
ग्लायकोलिक एसिड के फायदे
ग्लायकोलिक एसिड एक प्राकृतिक एक्सफोलिएंट होने के कारण त्वचा को स्वस्थ व चमकदार बनाता है। इससे त्वचा नर्म व मुलायम हो जाती है। ग्लायकोलिक एसिड मिले उत्पादों का लंबे समय तक प्रयोग करने से झुर्रियां, एंटी एजिंग के निशान चेहरे पर दिखाई नहीं देते हैं। इसके अलावा ये चेहरे को स्मूथ बनाता है जिससे एक्ने व अन्य तरह के दाग गायब हो जाते हैं।
ग्लायकोलिक एसिड का प्रयोग यूवी रेज से डैमेज हुए स्किन में जान डालने के लिए किया जाता है। जब सूर्य की रोशनी त्वचा की नमी सोखकर उसे ड्राई कर देती है तो ग्लायकोलिक एसिड का प्रयोग त्वचा में खोई नमी व चमक को वापस लाता है।
पिगमेंटेशन व भूरे रंग क निशान त्वचा की आम समस्याओं में से एक है। ग्लायकोलिक एसिड के नियमित इस्तेमाल से रंग निखरने के साथ ही इन समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है।
कुछ मामलों में ग्लायकोलिक एसिड के प्रयोग से एक्ने की समस्या से निजात मिल सकता है। यह ऑयली व शुष्क त्वचा में इस प्रकार संतुलन बनाता है जिससे एक्ने की समस्या का समाधान हो जाता है।
ग्लायकोलिक एसिड फेशवॉश के रुप में भी इस्तेमाल किया जाता है। जिससे त्वचा की क्लींजिंग के साथ-साथ उसे पोषण व मॉश्चरराइजर भी मिलता है।
ग्लायकोलिक एसिड के साइड इफेक्ट
ग्लायकोलिक एसिड बहुत ही शक्तिशाली एसिड है। त्वचा के उपचार के लिए इसकी थोड़ी सी मात्रा प्रयोग करनी चाहिए। आप चाहें तो किसी स्किन के डॉक्टर से इसकी मात्रा के बारे में सलाह ले सकते हैं।
ग्लायकोलिक एसिड हर तरह की स्किन की केमिकल पीलिंग के लिए उपयुक्त नहीं है। त्वचा पर ग्लायकोलिक एसिड की कितनी मात्रा लगानी चाहिए इसका सही उत्तर आपका डॉक्टर बेहतर बता सकता है। इसलिए कभी-कभी खुद से ग्लायकोलिक एसिड का प्रयोग शुरु ना करें।
ग्लायकोलिक एसिड का सबसे बड़ा साइड इफेक्ट है कि वह पीलिंग के बाद चेहरे पर काले व भूरे निशान छोड़ जाता है। इसके अलावा त्वचा में खुजली, रेडनेस व सूजन भी आ जाती है।
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