Sunday, 26 January 2014

त्वचा की देखभाल » भिन्न – भिन्न प्रकार के फेशियल

त्वचा की देखभाल » भिन्न – भिन्न प्रकार के फेशियल

फ्रूट फेशियल  

सबसे पहले स्किन के प्रकार के अनुसार क्लींजिंग करनी चाहिए । इसके बाद डीप क्लींजिंग करनी चाहिए ।ब्लैक देड्स – वाईट डेड्स रिमूव  कर असट्रिमजन्ट लगाना चाहिए । नारंजी या मोसम्मी का फ्रेश फ्रूट जूस ले कर उसका गैल्वानिक प्लस (+) करंट से 7 मिनिट तक मसाज करना चाहिए । इसके बाद स्किन के प्रकार के अनुसार मसाज करना चाहिए । फिर फ्रूट मास्क लगाना चाहिए । अंत में पैक पोछ कर सन प्रटेक्शन लोशन लगाना चाहिए ।
वेजिटेबल फेशियल

सबसे पहले स्किन के प्रकार के अनुसार फेस को क्लीन करके डीप क्लींजिंग करनी चाहिए । ब्लैक डेड्स – वाईट डेड्स रिमूव कर असट्रिमजन्ट लगाना चाहिए । इसके बाद आलू , ककडी , टमाटर इत्यादी का फ्रेश वेजिटेबल जूस ले कर गैल्वानिक प्लस (+) करंट से 7 मिनट मसाज करना चाहिए । फिर मास्क बनाने केलिए आलू , ककडी और गाजर छील कर उससे स्किन के अनुरूप फेस पैक मिलाना चाहिए । गोजपीस को  रोजवाटर में डुबो कर फेस पर रखना चाहिए और इसके बाद ऊपर बताये अनुसार तैयार किया हुआ फेस पैक 15 से 20 मिनट के लिए रखना चाहिए । फिर वेजिटेबल फेस पैक ले कर फेस पर 5 से 7 मिनट तक रखे । अंत में फेस क्लीन करके सन प्रटेक्शन लोशन लगाना चाहिए ।

 लेमन फेशियल 

सबसे पहले लेमन क्लींजर से फेस को क्लीन करना चाहिए । फिर स्क्रब से डीप क्लींजिंग करके थोड़ी स्टीम दे कर ब्लैक डेड्स – वाइट डेड्स रिमूव करना चाहिए । अब लेमन क्रीम से मसाज करना चाहिए । लेमन क्रीम के साथ थोड़ी मिनट जेल भी ली जा सकती है । यह फेशियल आइली स्किन के लिए होता है । इसलिए 10 से 15 मिनट इससे मसाज करना चाहिए । मसाज करने के बाद लेमन टोनर लगा कर मशीन से हैप्रिक्वमसी देनी चाहिए । हैप्रिक्वमसी मशीन से स्किन में टोनर जाता है और स्किन की आइलिनेस कम हो जाती है ।

ग्रीन एपल फेशियल

ग्रीन एपल फेशियल थिन , ड्राई तथा डेलिकेट स्किन के लिए उपयुक्त होता है । इस फेशियल में क्लींजर से फेस को क्लीन करके स्क्रब से डीप क्लींजिंग करके ब्लैक हेडसे – वाइट हेड्स को रिमूव करना चाहिए । इसके बाद आस्त्रिन्जेंट लगाना चाहिए । फिर एपल क्रीम से 20 से 25 मिनट मसाज करना चाहिए । इस मसाज से स्किन में क्रीम उतर जाएगी और स्किन को माइश्चर मिलेगा । इसके बाद क्रीम को पोछ कर एपल्मास्क लगाना चाहिए | यह मास्क 10 से 12 मिनट तक लगा रहने दीजिए । बाद में इसे क्लीन कर दीजिए । इसके बाद एपल टोनर लगाना चाहिए ।


त्वचा की देखभाल » गोल्ड – मेटालिक फेशियल

त्वचा की देखभाल » गोल्ड – मेटालिक फेशियल
गोल्ड – मेटालिक फेशियल :-यह फेशियल ड्राई , नार्मल स्किन के लिए उपयोगी होता है । गोल्ड क्लीन्जर से फेस क्लीन करना चाहिए । इसके बाद डीप क्लींजिंग करके ब्लैक डेड्स – वाइट हेडसे रिमूव कर अस्ट्रिमजन्ट लगाना चाहिए । गोल्ड – मेटालिक पील को गोल्डडस्ट के साथ लगाना चाहिए । डस्ट को प्रोब्लामेटिक एरिया पर लगाना चाहिए । गोल्ड पील 7 से 10  मिनट तक लगी रहने दे । फिर इसे फ्रिकशन मसाज से रिमूव करना चाहिए । इसके बाद हैड्रोस्किन पालिशार से 5 से  7 मिनट तक मसाज करना चाहिए । इस प्रकार का मसाज करते समय वाटर का उपयोग नहीं करना चाहिए । इस जेल को पोछे बिना ही गोल्ड क्रीम से 20 से 25 मिनिट तक मसाज करना चाहिए । यदि स्किन अधिक ड्राई हो , तो स्किन बटर से 5 मिनट मसाज करने के बाद फेस को पोछ कर गोल्ड – मेटलिक जेल लगानी चाहिए । गोल्ड जेल पर गैल्वानिक अथवा अल्ट्रोसोनिक मशीन से 7 मिनट मसाज करना चाहिए । बाद में इसी जेल को हाथ से 5 मिनट मसाज करके स्किन में उतारनी चाहिए । इसके बाद इस पर गोल्डमास्क लगाना चाहिए । गोल्ड – मास्क 15 से 20 मिनट तक लगा रहने दे । फेस को पोछ कर सन प्रटेक्शन लोशन लगाना चाहिए । इस फेशियल के लिए लगभग 1 1 /2  से 2 घंटे का समय लगता है ।

स्लिवर फेशियल

सिल्वर फेशियल नार्मल तथा आइली स्किन के लिए उपयोगी होता है । सिल्वर क्लींजिंग से 5 से 7 मिनटमसाज करके फेस क्लीन करना चाहिए । स्क्रब से डीप क्लींजिंगकरके ब्लैक डेड्स – वाईट डेड्स रिमूव
कर अस्ट्रीजन्ट लगाना चाहिए । सिल्वर पील पाउडर को दही अथवा दूध में 7 से 10 मिनट तक भिगोने के बाद फेस पर लगाइए । पील को 10 मिनट फेस पर रखने के बाद दही अथवा दूध से मसाज करके इसे रिमूव करना चाहिए । इसके बाद फिर सिल्वर जेल लगा कर गैल्वानिक प्लस (+) करंट अथवा अल्ट्रासोनिक मशीन से 7 मिनट तक मसाज करना चाहिए । मशीन से मसाज करते समय साथ – ही – साथ सिल्वर लोशन लगाते रहना चाहिए । इसके बाद सिल्वर जेल से 10 से 15 मिनट मसाज करके सिल्वर पैक लगाना चाहिए । पैक 10 से 15 मिनट रख कर रिमूव करना चाहिए । अंत में सन प्रटेकशन लोशन लगाना चाहिए ।

पर्ल फेशियल
यह फेशियल नार्मल तथा डेलिकेट स्किन के लिए लाभदायक है । इस फेशियल से ठंडक मिलती है । इस फेशियल में इस्तेमाल किए जाने वाले सभी प्राडक्ट्स एन्टी – एलाज्रिक होते है । सबसे पहले पर्ल क्लींजर से 5 से 7 मिनट मसाज करके ब्लैक डेड्स – वाईट डेडस रिमूव कर अस्त्रिजन्ट लगाना चाहिए । इसके बाद पर्ल क्रीम से मसाज करना चाहिए । फेशियल स्टेप्स के अनुसार एक बार मसाज करना चाहिए । इसके बाद यह मसाज दूसरी बार करते समय पर्ल्कित में दिए गय आयल से फेस पर मसाज करना चाहिए । मसाज करने के बाद फेस को फोछ कर पर्ल्मास्क लगाना चाहिए । पर्ल्मास्क पोंछ कर सन प्रटेक्शन लोशन लगाना चाहिए ।


 

त्वचा की देखभाल » मक्खन के साथ चिकनी त्वचा

 त्वचा की देखभाल » मक्खन के साथ चिकनी त्वचा
घर के बाहर सर्द मोसम और घर के अंदर ब्लोअर की गरमी के बीच आखिर त्वचा मुलायम और आकर्षक कैसे बनी रहे ? कुछ बूटी  ट्रिक्स आपके लिए  ———

मैक्सिमम माइस्च्रैजर

ज्यादातर हम सभी को सर्दियों में अधिक माइस्चराइजर चाहिए । सर्दियों की ठंडी और शुष्क हवाएं त्वचा में मैजूद पानी और तेल का स्तर काफी कम कर  देती है । इससे चहरे और खुले अंगों पर झुरिया दिखने लगती है । एसे में प्योर क्रीम क्लींजर से चेहरा धोए । फोमिंग फार्मूलावाले क्लींजर की तुलाने में यह फेस को कम ड्राई करता है । सर्दी की सुबह क्लींजर से चेहरा न धोए । इसकी जगह माइस्चराइजर में थोड़ा सा गुनगुना पानी मिला कर चेहरे लगाए और टिश्यु से एक्स्ट्रा क्रीम पोछ दे । उसके बाद रिच माइस्चराइजर क्रीम लगाए , जिसमे खासतोर पर फैटी एसिड , क्रीम , विटामिन ई आइल जैसे तत्व हो ।

हेर्बल एक्स्फोलिएशन  

सर्दियों में अगर आप चेहरे में एक बार बारीक ग्रेन्यूल्स युक्त स्क्रुब का प्रयोग करती है , तो चेहरे की त्वचा
डेड सेल्स से मुक्त रहेगी । इससे स्किन साप्ट और समूद दिखाई देगी ।ध्यान रहे कि एक्स्फोलिएशन
क्रीम में इतने कड़े दरदरे दाने नहीं होने चाहिए , जिससे चेहरा ही छिल जाए । इससे चेहरा जरूरत से ज्यादा रूख हो जाता है । चहरे से किसी भूरे और काले दाग को हटाने के लिए कि सी ख़ास स्क्रब की जगह लैक्टिक एसिड या एवोकैड़ो व स्ट्राबेरी युक्त माइश्चाराइजर का इस्तामाल करे ।यह त्वचा कि मृत कोशिकाओं को खुदबखुद निकाल कर त्वचा में नमी प्रदान करेगा और सरदी के मैसम में भी त्वचा जवां दिखने लगेगी ।

हाट एंड वार्म आइल      

ठिठुरती ठंड में गुनगुने पानी से नहाना किसे अच्छा नहीं लगता ? लेकिन नहाना और भी मजेदार हो
सकता है । अगर आप गुनगुने तेल से बाडीमसाज करें और 1 घंटे बाद नहाए । रेडीमेड और होममेड बाडी आइल दोनों ही फायदेमंद है । ब्यूटी एक्सपर्ट बादाम और आलिव आयल को मिक्स करके बाडी आयल कि तरह इस्तमाल करने की सलाई देते है ।खुश्बूराहित इस पौष्टिक तेल से अधिक पाने के लिए इसमें कुछ असेंशियल आयल कि बूँदें भी दाल सकती है । सूर्यमुखी के तेल में विटमिन ई कि अच्छी मात्रा होती है । इसमें लेवेंडर , रोज या चन्दन असेंशियल आइल मिक्स कर सकती है । वैसे ग्रेप आइल को बेस्ट माना जाता है । यह तेल त्वचा की चमक को बरकरार रखता है । सनबर्न और मुंहासों के दाग – धब्बे भी दूर करने में मदद करता है । पिपरमिंट आइल की खुशबू से मन रिलेक्स होता है ।सर दर्द और जुकाम भी दूर होता है । इसे आप सिर के मालिश्वाले तेल में कुछ बूंद मिलाकर इस्तेमाल कर सकती है । युकिलिप्ट्स आइल बुखार , फ्लू और जुकाम में उपयोगी है । डेड और बाडी आइल को गुनगुना गरम करके प्रयोग करे । अनिद्रा , हाइपरटेंशन और डिप्रेशन की समस्या हो , तो मसाज जरूरी है  । हप्ते में कम से कम 1 घंटे तक मालिश कराए । जोड़ों की लचक बढेगी ।मांसपेशियों में एंठन दूर होगी । पाचन क्रिया दुरूस्त रहेगी और योनेछ में भी फर्क महसूस होगा ।

 टी मास्क  

अक्सर ज्यादा ठंडी हवाओंम से गाल फटने के कारण लाल हो जाते  है । महिलाएं लाल गाल को बढ़ियासेहत का संकेत मानती है । कैमोमाइल टी उबालें ।  एक घंटे के बाद इसेठंडा करके फ्रिज में रखे । इस पानी में छोटा धुला तैलिया हुबाएं और निचोड़ लें । इसे साफ चेहरे पर तब tak रखें जब तक कि कपड़ा सामान्य तापमान पर ना आ जाए । इससे चेहरे कि लालिमा दूर होगी ।

स्वीट एनेर्जी 

आपको अपनी डाईट से पूरी तरह से मीठा निकालने कि जरूरत नहीं है  । मीठे से ग्लूकोज मिलता है । ग्लूकोज से दिमाक फुर्तीला रहता है । सर्दियों में सुस्ती महसूस नहीं होती और थकान भी कम होती  है । पर स्वीट कैडी , रेगुलर सोडा स्टार्च युक्त खाना जैसे वाइट ब्रेड , मैदा , चावल , या पास्ता ना खाए । मीठे के लिए शहद , दूध की बनी मिठाईया , खजूर या अंजीर जैसे सूखे फल खाए ।

नेक क्रीम

ज्यादातर महिलाएं गर्दन पर क्रीम लगाना जरूरी है । नहीं समझती |नतीजा , गर्दन , और चहरे के रंग में
अंतर दिखने लगता है और झुरिया भी जल्दी पड़ने लगती है ।एक्सपर्टअंतर दिखने लगता है और झुरिया भी जल्दी पड़ने लगती है ।एक्सपर्टमानते है कि गर्दन की त्वचा चहरे कि त्वचा से ज्यादा सेंसिटिव होती है । इसीलिए ब्लीच क्रीम या फेस पैक को गरदन पर चेहरे की तुलाने में कम देर के लिए लगाया जाता है । जब भी चेहरे पर फेस क्रीम लगाए गरदन पर भी ऊपर की और स्ट्रोक्स देते हुए हल्की मालिश के साथ क्रीम लगाना ना भूलें ।
गुड फैट

खाने से तेल बिलकुल ही नदारद ना करे । इससे आपकी स्किन ड्राई दिखायी देगी । सेचुरेटेड फैट खाने  से परहेज करें , यह प्राइड फूड में ज्यादा होता है । मछली , अखरोट से मिलनेवाले ओमेगा 3 फैटी एसिड और आलिव से मिलनेवाले मोनोसेचुरेटेड फैट से त्वचा में नमी का स्तर बेह्तार होता है व् कडकती सर्दी में भी त्वचा मुलायम रहती है ।

ब्यूटी स्लीप

सोने से सोंदर्य का गहरा ताल्लुक है । अच्छी नींद खूबसूरत त्वचा के लिए वाकई जरूरी है ।आप जैसे ही सोती है , त्वचा की कोशिकाएं खुदबखुद रिपेअर होती है । त्वचा का रूखापन दूर होता है ।चेहरे पर लगाए गए माइस्च्रराइजर या नाइट क्रीम त्वचा में गहराई तक पहुँच कर असर करते करते है ।रोमछिद्र अपनी आरामदायक स्थिति में आते है और बाडी लोशन भी अच्छी तरह से अपना काम स्किन टोन के मुताबिक़ बढ़िया क्रीम लगाने की सलाह देते है ।

डे एंड नाइट
डे एंड नाइट क्रीम अलग – अलग इस्तमाल करें । डे क्रीम में एसपीएक होता है , जो सूर्य की तेज किरणों से त्वचा को को प्रभावित नहीं होने देता और नाइट क्रीम में स्किन रिपे अरिंग के गुण होते है ।  इससे दिन भर पर्यावरण से प्रभावित त्वचा रात में पुन्ज्रीविता हो उठती है ।  नाइट क्रीम खरीदते समय ध्यान रखे की इस क्रीम की बनावट बाम की तरह हो , जिसे त्वचा पर लगाने पर चेहरा चिकना महसूस हो । इसकी महक काफी हल्की हो और इसमें असेंशियल आयल जरूर हो । यह विटामिन और ख़ास पोष्टिकता से भरपूर हो । त्वचा पर इस क्रीम  प्रभाव रातोंरात होता है और सुबह स्किन फ्रेश दिखती है । डे क्रीम हल्की होती है और इसमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है , जो त्वचा में नमी का संतुलन सही रखती है और चेहरे पर मुंझासे वा रैशोज जैसी समस्याएं नहीं होती ।





त्वचा की देखभाल » त्वचा लाड़ प्यार के लिए सुझाव

त्वचा की देखभाल » त्वचा लाड़ प्यार के लिए सुझाव:-

हमारी प्रतिदिन की भाग दौड़ और बढ़ती उम्र का असर हमारे सौंदर्य पर भी पड़ता है। कई बार तो ऐसा भी होता है कि तनाव या भागदौड़ के कारण लोग समय से पहले ही बूढ़े दिखने लगते हैं।
 ऐसे में उम्र के असर को बे‍असर करने के लिए हम सभी ऐसे उपाय ढूंढते हैं, जो आसान भी हों और सुरक्षित भी। महीने में एक बार पार्लर जाना, सौंदर्य के लिए पर्याप्त नहीं। सौंदर्य निखार के लिए सबसे अच्छा उपाय है, ऐसे आहार का सेवन जिनसे झुर्रियां देर से पड़ें। आइये हम आपको ऐसे ही कुछ फलों के नाम बतायें जो आपके स्वास्‍थ्‍य के लिए ही नहीं, आपकी त्वचा के लिए भी अच्छे हैं।

भूले–बिसरे फल:

जब हम फलों की बात करते हैं तो सिर्फ सेब या केले का नाम हमें याद आता है। लेकिन हम यह भूल जाते हैं कि ताज़ा फलों में भी पोषक तत्वे होते हैं। मैक्स अस्पताल की मुख्य आहार विशेषज्ञ‘ डा रितिका सामद्दार’ के अनुसार, दिन में एक फल खाना आपकी त्वचा के लिए अच्छा है।
 खट्टे फल:खट्टे फल जैसे नीबू, संतरे, कीनू, चकोतरा का सेवन अधिक मात्रा में करें क्योंकि इनमें विटामिन सी होती है। विटामिन सी के सेवन से झुर्रियां देर से पड़ती हैं।रंग-बिरंगे आहार:
मैक्स हैल्थकेयर की मुख्य आहार विशेषज्ञ डा रितिका समद्दार का कहना है कि इन्द्रधनूषी अवधारणा हमें यह याद दिलाती है कि हमें सफेद जंक फूड नहीं खाने चाहिए। झुर्रियों के असर को बेअसर करने के लिए ब्लूबेरी, ब्लैकबेरीज़, चेरी, लाल और बैंगनी रंग के अंगूर, बैंगनी गोभी का सेवन करें।
फलों के रेशे:
एवोकैडो, अमरूद, खूबानी, अंजीर और करौंदे जैसे फलों में फाइबर अधिक मात्रा में होती है और ऐसे फलों को बिना छिलका उतारे ही खायें। त्वचा निखार के लिए इससे सरल और सुरक्षित उपाय क्यां हो सकता है।
 

त्वचा की देखभाल » 8 युक्तियाँ तेल त्वचा को नियंत्रित

त्वचा की देखभाल »
                            8 युक्तियाँ तेल त्वचा को नियंत्रित

 तैलीय त्‍वचा की केयर करना बहुत ही जरुरी है क्‍योंकि इसका कोई परमानेंट इलाज नहीं है। आजकल बाजार में ऑयली स्‍किन के‍ लिए बहुत तरह की क्रीम मिलती हैं पर वह सभी बेकार होती हैं या फिर मेहगीं होती हैं। क्‍या आपको पता है कि आपकी खुद की रसोईं में ही इतनी सारी चीज़े छुपी हुई हैं कि आपको बाजार जा कर क्रीम खरीदने की जरुरत ही नहीं है। अगर आप अपनी त्‍वचा से परेशान हो चुकी हैं तो अपनाएं यह उपाय -
 चेहरे से ऑयल कंट्रोल करें-

1.दिन में अपने चेहरे को किसी हल्‍के साबुन या फेसवॉश से जरुर धोएं। चेहरे को साफ करने के लिए कोई हर्बल स्‍क्रब लें।

2.चेहरे की सफाई करने के लिए एस्‍ट्रिजेंट लोशन का उपयोग करें। रुई को उसमें डुबो कर अपने पूरे चेहरे पर लगाएं।

3.चेहरे पर तेल रहित मॉस्‍चोराइज़र लगाएं यह अधिक साबुन और एस्ट्रिजेंट का असर कम करने में सहायक है। वरना चेहरा रुखा लगने लगेगा। जब चेहरे पर मॉस्‍चोराइज़र लगाएं तो बचा हुआ मॉस्‍चोराइज़र टिशू पेपर से पोंछ दें।

4.खीरे के रस में कुछ बूंदे नींबू की मिला कर चेहरे पर 15 मिनट तक के लिए लगाएं और उसे ठंडे पानी से धो लें।

5.चेहरे पर अंडे का सफेद भाग लगाएं और थोड़ी देर के बाद जब वह सूख जाए तो उसे बेसन के आंटे से साफ कर लें।

6.चेहरे से अधिक तेल को कम करने के लिए गुलाब जल और पुदीने का रस मिला कर लगाएं।

7.वही क्रीम या लोशन लगाएं जो केवल ऑयली त्‍वचा के लिए ही बनाया गया हो।

8.सेब और नींबू का रस एक मात्रा में मिलाएं और इसे चेहरे पर 10 से 15 मिनट तक के लिए लगाएं। यह आपकी त्‍वचा को बिल्‍कुल निखार देगा।

पाँच मिनट ब्यूटी टिप्स

पाँच मिनट ब्यूटी टिप्स

शहद का लेप चेहरे और गले पर करें। जब यह सूखकर कुछ चिपचिपा हो जाए तो उंगलियों के पोरों से चेहरे की मसाज करें। पूरी तरह सूख जाने पर गरम पानी से साफ करके ठंडे पानी से धो लें। इससे त्वचा में कसाव आएगा व चमकदार बनेगी। त्वचा के रूखेपन और अधिक तैलीयपन से भी आपको यह निजात दिलाएगा।
 दो चम्मच सोयाबीन का आटा, एक बड़ा चम्मच दही व शहद मिलाकर पेस्ट बनाएं तथा इस मिश्रण को कुछ देर चेहरे पर लगाकर चेहरा धो लें। इससे त्वचा में कसावट आती है।
बादाम, गुलाब के फूल, चिरौंजी और पिसा जायफल रात को दूध में भिगो दें। सुबह इसे पीसकर इसका उबटन लगाएं। इससे चेहरे के दाग-धब्बे मिटते हैं और त्वचा कांतिमय बनती है।
धूप में अक्सर हमारी त्वचा झुलस जाती है और काली पड़ जाती है। त्वचा के रंग को पूर्ववत करने के लिए आम के पत्ते, जामुन, दारूहल्दी, गुड़ और हल्दी की बराबर मात्रा मिलाकर उसका पेस्ट बनाकर पूरे शरीर पर लगाएं। कुछ समय रखने के बाद स्नान कर लें। इस लेप से त्वचा की रंगत निखरती है।
नीम की पत्तियां, गुलाब की पत्तियां, गेंदे का फूल सभी को एक कटोरी पानी में उबालें तथा इस रस को चेहरे पर लगाएं। इससे मुंहासे निकलना बंद हो जाते हैं।
 चंदन, गुलाब जल, पोदीने का रस एवं अंगूर का रस मिलाकर पेस्ट पेस्ट बनाएं और उसे चेहरे पर लगाएं। कुछ देर बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें। इस फेस पैक से चेहरे की झुर्रियां मिटती हैं।

त्वचा की देखभाल » घर पर इलाज

त्वचा की देखभाल » घर पर इलाज



लगभग छह हजार वर्ष पुरानी यह पद्धति एक बार फिर लोगों का विश्वास जीत रही है। इसके इलाज में न अधिक गोलियों की जरूरत होती है और न ही बहुत गंभीर उपचार की। इसके ढेरों नुस्खे तो ऐसे है ‘जिन्हे दादी-नानी के नुस्खे कहकर’ महिलाएं घर पर ही आजमा कर लाभ ले रही है।

घर पर इलाज :  कल्याणपुर निवासी 70 वर्षीय रामजानकी अवस्थी बताती है, ”घर में किसी के भी बीमार होने पर मैं आयुर्वेदिक नुस्खे आजमाने की सलाह देती हूं। हमारे घर में मौसम से होने वाले बुखार और जुकाम पर तो कोई डॉक्टर से दवा लेने ही नहीं जाता। हमें पता है कि बदलते मौसम से होने वाला जुकाम या बुखार तीन से चार दिन में सही हो जाता है। इसलिए नमक पानी का गरारा, अदरख, तुलसी, और काली मिर्च की चाय या काढ़ा का सेवन करते है। जुकाम ज्यादा तेज होता है तो सोते वक्त दूध के साथ हल्दी पाउडर लेने से दो या तीन दिन में आराम मिल जाता है। यह ऐसे घरेलू नुस्खे है, जिन्हे वर्षो से आजमाया जा रहा है और यह बहुत ही कारगर है।”

कोई साइड इफेक्ट नहीं :   कुरसवां निवासी 65 वर्षीया राजेश्वरी भाटिया कहती है, ”घरेलू नुस्खों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं है और इसमें प्रयोग होने वाली सारी चीजें घर में मौजूद होती है। अगर दांत में दर्द है और आप मेथी के गुनगुने पानी से सिकाई करती है तो इससे भला क्या नुकसान होगा या पैरों में सूजन आने पर गोली गटकने के बजाय नमक पानी से सिकाई कर ली जाए तो बुराई क्या है? इससे न सिर्फ पैसे की बचत होती है, बल्कि बिना नुकसान के फायदा मिलता है।”

काम आई दादी की टिप्स :  ग‌र्ल्स में चर्म रोग और बालों के गिरने की परेशानी आम है। साइड इफेक्ट न होने के कारण वे एलोपैथी के बजाय आयुर्वेद के जरिये इन समस्याओं का इलाज कराने पर जोर दे रही है। क्राइस्टचर्च कॉलेज की स्टूडेंट विनती अरोड़ा कहती है, ”मैं काफी समय से गिरते बालों से परेशान थी। मंहगी दवाओं के इलाज से जब आराम नहीं मिला तो दादी का बताया जड़ी-बूटियों वाला नुस्खा आजमाया। इन दिनों मैं भृंगराज, मुलेठी, आंवला, काले तिल से बने चूर्ण का सेवन कर रही हूं। अभी एक माह ही बीता है, लेकिन बहुत फायदा हुआ है।”

हर बीमारी का इलाज संभव :   आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. सतीश चंद्र शुक्ला बताते है, ”तनाव, अवसाद, मोटापा आदि बीमारियों के अलावा ऑर्थराइटिस और असाध्य बीमारियों के रोकथाम का इलाज आयुर्वेद से संभव है। बुजुर्गो द्वारा बताए गए सारे नुस्खे आयुर्वेदिक ही होते है। हां, अब थोड़ा बदलाव आया है। नुस्खे के तौर पर आजमाई जाने वाली घरेलू औषधियां हर्बल कंपनियों के उत्पाद के रूप में बाजार में भी मौजूद है।” आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. ओमप्रकाश आनंद कहते है, ”बीमारियां तभी घेरती है, जब शरीर में कैलशियम, आयरन, विटामिन या रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। आयुर्वेद में प्रयोग होने वाली आंवला, सतावरी, मुलेठी, हरितकी, गिलोय, पिपली, गुग्गल, त्रिफला आदि औषधिया शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती हैं। यह औषधियां एंटीबायोटिक दवाओं की तरह काम करती है। साइड इफेक्ट न होने के कारण नई पीढ़ी का विश्वास इन नुस्खों पर एक बार फिर जम रहा है।”

ऐसे करें सर्दियों में त्वचा की देखभाल

ऐसे करें सर्दियों में त्वचा की देखभालऐसे करें सर्दियों में त्वचा की देखभाल

हल्की – हल्की ठंडक के दस्तक देते ही शुरू हो जाता है त्वचा का खुश्क होना । दरअसल वातावरण का तापमान गिरने से पानी की कमी हो जाती है । इससे हवा में खुश्की बढ़ जाती है । त्वचा को खुश्की से बचाने के लिए जरूरत होती है माइश्चराइजर की । माइश्चराइजर  त्वचा को पोषण पहुंचता है और उसे बैक्टीरिया के संक्रमण से भी बचता है ।

त्वचा को पोषण पहुंचता है और उसे बैक्टीरिया के संक्रमण से भी बचता है ।
सर्दियों में त्वचा को ख़ास देखभाल की जरूरत होती है इसलिए उसे स्टेप बाई स्टेप निखारे :-

पहला स्टेप : सबसे पहले चहरे की गंदगी साफ करें । इसके लिए किसी अच्छी कंपनी का स्क्रब प्रयोग करें । इसे चेहरे पर मलें । हल्की – हल्की मसाज करें । फिर गुनगुने पानी से धो डाले । याद रखे जब तक चेहरे की गंदगी साफ नहीं होगी , तब तक चेहरे पर कोई भी लेप चढ़ा लें , रंगत नहीं आ सकती ।

दूसरा स्टेप : चेहरे का स्क्रब करने के बाद हर्बल फेशियल स्टीम लें । किसी अच्छी कास्मेटोलाजिस्ट  से सलाह लेकर ही स्टीम फेशियल खरीदें । अपनी त्वचा के अनुसार ही स्टीम फेशियल लें ।

एक बड़े बर्तन में पानी उबालें और इससे हर्ब मिश्रण डालें । थोड़ी देर आंच पर रखने के बाद इसे आंच से उतार लें । आंच से उतारने के बाद पांच – सात मिनट के लिए किसी मोटे तैलीए से सिर और चेहरे को ढक कर स्टीम लें । ज्यादा गर्म होने पर तैलीए के किरानों से ताजी हवा ले सकती है ।

तीसरा स्टेप :  तीसरे चरण में फेशियल करें । फेशियल से त्वचा में रक्त – संचार बेह्तार ढंग से होता है । इससे चेहरे पर नई आभा चमकने लगती है । इससे चेहरे की क्लींजिंग हो जाती है । रोमछिद्र खुल जाते है । चेहरे पर लाली आ जाती है । फेशियल त्वचा को पूरी तरह से पोषण पहुंचाता है । इससे रोमछिद्र तो खुलते ही है । त्वचा में तेल और पानी का संतुलन भी बनता है । जहां तक हो , हर्बल फेशियल करें । हर्बल फेशियल सबसे उपयुक्त रहता है ।

शहद एक ऐसा फेशियल है जो हर तरह की त्वचा को फायद देता है । इससे त्वचा को फायदा देता है । इससे त्वचा की सतह पर ताजा को रक्त का संचार होता है और त्वचा की सफाई भी होती है । इससे चेहरे पर अँगुलियों की सहयता से लगाएं , लेकिन बालों से दूर ही रखे हल्की मालिश करें , फिर थपथपाएं और फिर गुनगुने पानी से धो लें ।
मुल्तानी मिट्टी भी अच्छा फेस पैक है । यह भी उत्तम फेशियल है । मिट्टी का पानी में गाढा घोल बना लें । जितना मोटा पेस्ट होगा , उतना ही जल्दी सूखेगा । पेस्ट को चेहरे पर लगाकर सूखने दें । फिर सूखने के बाद धो लें ।

किस फेशियल मैटीरियल का इस्तेमाल करना है यह आपकी त्वचा पर निर्भर करता है । अपनी त्वचा को सूट करने वाला फेशियल प्रयोग करें । फेशियल करने के बाद जरूरत पड़ती है एस्ट्रिंजेंट की। इससे खुले हुए रोमछिद्र बंद हो जाते है । खुश्क त्वचा के लिए गुलाब जल बेहतर कंपनी का हर्बल एस्ट्रिंजेंट प्रयोग करें ।

चोथा स्टेप :  फेशियल के बाद किसी अच्छी माइश्चराइजर क्रीम से त्वचा की गोलाई में मालिश करें । उँगलियों से गोलाई में ऊपर और बाहर की ओर मसाज करें । इससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार रहती है ।

त्वचा की रखे साफ – सफाई :

त्वचा की रखे साफ – सफाई  :

त्वचा की रखे साफ – सफाई  :  त्वचा को साफ और निखरा हुआ रखने के लिए त्वचा की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए । त्वचा की क्लींजिंग टोनिंग और माइश्चाराईजिंग करें । त्वचा की स्क्रबिंग करें । सप्ताह में एक बार गुनगुने पाने से स्नान करे । दो चम्मच आटे में एक चम्मच बादाम रोगन मिलाकर एक मिनट तक लगाएं , फिर हलके हाथों से रगड़कर साफ करें और चेहरा धो लें । ऐसा करने से प्रदूषण की जमी परत त्वचा से हट जाएगी और त्वचा निखारी – निखरी लगेगी ।

शरीर की मालिश करें :  यदि हम नियमित रूप से तेल मालिश करें , तो हमारी त्वचा काफी समय तक युवा बनी रह सकती है । रोजाना नहाने से पूर्व सारे शरीर पर हल्की तेल मालिश करें और कुछ समय बाद यानी कम से कम 40 – 45 मिनट बाग़ स्नान करें । यदि समय की कमी हो , तो नहाते समय पहले शरीर गीला कर साबुन आदि लगाकर त्वचा साफ कर लें ।फिर हाथे लियों में तेल लेकर टांगों , बाजुओं , गर्दन व पैरों पर लगाएं । बाद में फिर से पानी से नहा लें । तेल के बाद त्वचा पर साबुन न लगें । फिर हल्का पोछ कर कपडे पहन लें । इससे भी त्वचा में कुदरती नमी बनी रहेगी और त्वचा में जल्दी झुरियां नहीं बढ़ेगी ।

सकारात्मक सोच अपनाएं :  जो लोग चिताग्रस्त रहते है , उनकी नमी प्रदान करने वाली ग्रंथियां गड़बड़ा जाती है , जिससे त्वचा पर रूखापन, लकीरें और झुरियां उम्र से पहले दिखने लगती है । इससे बचने के लिए , अपनी सोच को सकारात्मक रखें । स्वयं अच्छा प्रयास करें । परिणाम ऊपर वाले पर छोड़ दें ।

खुशी का दामन न छोड़ें :  जो लोग खुश रहते है , उनकी त्वचा आभ्युक्त होती है , क्योंकी त्वचा में नमी का संतुलन बना रहता है । खुश रहेंगे तो तनाव भी परेशान नहीं करेंगे । ऐसे में छोटी – छोटी समस्याओं पर आप आसानी से काबू पा सकेंगी ।

अपने लिए समय अवश्य निकालें  :  कितने भी व्यस्त क्यों न हो , पर अपने लिए समय अवश्य निकालें । अपने समय में अपनी पसंद का काम करें चाहे वह डासिंग हो , म्यूजिक सुनने का हो या म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट बजाने का , शापिंग करना, पिक्चर देखना या अपने किसी ख़ास मित्र से गप्पें मारने का । चाहे तो उस समय में आप अपनी साफ – सफाई पर भी ध्यान गे सकते है । इस प्रकार अपने लिए अपनी पसंद का किया काम या बिताया समय आपको एनर्जी से भर देगा । आप एनेर्जिटिक रहेगी , तो त्वचा तो खिली रहेगी ही ।

आसान उपायों से निखारे सौंदर्यआसान उपायों से निखारे सौंदर्य

आसान उपायों से निखारे सौंदर्यआसान उपायों से निखारे सौंदर्य


आज की युवा पीढी से पूछा जाए की आप अपने सोंद्रय को निखारने के लिए क्या करते है , तो उनका जवाब हो गा की मार्केट में इतने ब्यूटी प्रोडक्ट्स है , उनके प्रयोग से हम सुंदर बन सकते है । पर वे शायद उन उत्पादों में मिले तेज रसायनों के कुप्रभाव से वाकिफ नहीं है ।

बाजारी प्रोडक्ट्स त्वचा को रूख बनाते है और त्वचा में खिचाव लाकर त्वचा की प्राकृतिक नमी समाप्त कर देते है । परिनामाखारूप त्वचा बेजान और आन्तिहीन लगने लगती है । यदी कम कुछ प्राकृतिक नमी को बचा सकता है और अपनी त्वचा पर होने वाले कुप्रभावों से भी बाख सकते है ।

तनावमुक्त त्वचा निखारती है सोंदर्य  :  मनुष्य को प्राय : तीन तनाव होते है , मानसिक , शारीरिक और भावनात्मक । इन तीनों तनावों में से यदी एक भी तनाव साथ है , तो त्वचा अपनी प्राकृतिक सुंदरता खोने लगती है । आप दिन भर शारीरिक काम अधिक करती है , तो कुछ अंतराल बाद थोड़ा ब्रेक लें । आप दिमागी काम अधिक करते है , तो बीच में थोड़ी झपकी ले लें । कुछ देर बाहरी प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले या फिर अपनी पसंद का म्यूजिक सुने ।

कभी – कभी परिवार में कुछ ट्रेजडी हो जाती है , जिससे आप भावनात्मक रूप से जुड़े होते है , तब भी अप्प तनावग्रस्त रहते है । प्रयास करके तनावों को दूर रहे , ताकि त्वचा खिली रह सके ।

हेल्दी स्किन के लिए …

हेल्दी स्किन के लिए …

यदि आपकी त्वचा तैलीय या सामान्य है , तो इस ठंडे मोसम का उस पर विशेष प्रभाव नहीं पडेगा , पर रूखी या शुष्क है , तो आपको इस मोसम में अतिरिक्त देख – रेख की जरूरत पड़ेगी ही । इस दिनों ठंडी हवाओं से त्वचा फट जाती है या शुष्क हो जाती है । सबसे ज्यादा चेहरे की त्वचा ही प्रभावित होती है । त्वचा की नमी बनाए रखना मुश्किल नहीं है । आप मोसम के अनुसार फेशियल करके इसे मोसम के कुप्रभावों से बच सकती है । इन दिनों फेशियल कैसे करें और किन चीजों का इस्तेमाल करें , चलिए जानते है …

सबसे पहले चेहरे की त्वचा को क्लींजिंग मिल्क से साफ करके पानी से धो लें । अब बराबर मात्रा में ग्लिसरीन और गुलाब जल मिलाकर उससे चेहरे की हल्की मालिश करें । गर्दन की हल्की मालिश पर हाथ थोड़े सख्ती से ऊपर की तरफ चलाएं । ठोडी की मालिश हाथों को बाहर ले जाते हुए करें ।

गालों पर गोलाई से मालिश करते हुए हाथ नीचे से ऊपर की और ले जाएं । इस प्रक्रिया से रक्त संचार बढेगा और गलों का गुलाबीपन  बना रहेगा । ललाट या माथे पर मालिश करते समय लेफ्ट से राइट की तरफ हाथों को थोड़ा टेढा करके चलाएं ।  आँखों की नजाकत का ध्यान रखते हुए उँगलियों को गोलाई  से इस तरह घुमाएं की ग्लिसरीन आँखों में न जाने पाएं , क्योंकी आँखों में यह जलन पैदा कर सकती है ।

ग्लिसरीन की मालिश होठों केलिए सर्दियों में जरूरी है । इससे सूखी त्वचा नाम हो जाती है और फेट होठों को राहत मिलती है । होठों की मालिश एक बार बाई और फिर एक बार दाई ओर से करें । नाक के लिए भी यह बेहतरीन मसाज है । इससे नाक की कठोर त्वचा भी मुलायम होकर चमकने लगेगी ।

सर्दियों में केवल यह मसाज दिन में समय मिलने पर दो – तीन बार आपने कर ली तो आपकी त्वचा की चमक देखने लायक होगी और इसका असर त्वचा पर स्थायी होगा ।

इन दिनों लगने वाले फेस पैक भी थोड़े अलग होते है । सबसे अच्छा पैक लाल चंदन के पाउडर का माना जाता है ।इसमें ताजी मलाई इतनी मात्रा में मिलाएं की गढ़ा पेस्ट बन जाए ।इस पेस्ट को नीचे से ऊपर की ओर गोलाई में हाथ चलाते हुए गर्दन और पूरे चेहरे पर लगाएं । पंद्रह – बीस मिनट बाद हल्के गरम पानी से धो लें । इससे त्वचा का रूखापन दूर हो जाएगा ।

शुष्क त्वचा होने पर बादाम के तेल में नींबू के रस की दो – तीन बूंद डालें और चंदन का पाउडर मिक्स करें । इसे चेहरे पर लगाएं । पांच – सात मिनट बाद हल्के हाथों से रगड़ते हुए उतार लें और हल्के गरम पानी से चेहरा धो लें । बादाम का तेल न हो तो मलायुक्त दूध भी काम में ले सकते है । इससे त्वचा की कोमलता बढ़ेगी और साथ ही सांवलापन भी ख़त्म होगा ।

त्वचा के तैलीय होने पर शहद में बेसन मिलाकर हल्के हाथों से चेहरे पर मलें और बाद में धो लें ।बेसन अतिरिक्त तेल को ख़त्म करेगा और शहद त्वचा के ढीलेपन को ख़त्म करके कसाव लाएगा । त्वचा की चमक भी शहद बनाए रखेगा ।

आप अधिक देर धूप में रहते है , तो रंगत पर असर होती ही है । ऐसी त्वचा पर कच्छा दूध और नीबू का रस रूई में लेकर धीरे – धीरे मलें । इससे त्वचा अपने असली रंग में आ आएगी । फिर पैक इस्तेमाल करें ।

समय न होने पर बादाम , जैतून , तिल या सरसों के तेल से मालिश करके हल्के गरम पानी में भिगोए निचुड़े तैलिए से त्वचा पर शुष्क हवावों का असर नहीं होगा और वह चिकनी व मुलायम बनी रहेगी ।

खूबसूरत त्वचा के लिए चेहरे नकाबखूबसूरत त्वचा के लिए चेहरे नकाब

खूबसूरत त्वचा के लिए चेहरे नकाबखूबसूरत त्वचा के लिए चेहरे नकाब

एवोकीड़ो  मास्क  - 
पके  हुए एवोकेडो का पल्प निकले और कुछ मिनट के लिए चहरे पर लगाकर रखे  .

गाजर मास्क -

२ – ३ बड़े गाजर को पकाकर मैश करले इसमें  ४-५  टेबुल स्पून शहद मिलाए .चहरे पर १० मिनट तक    लगाकर रखे और ठंडे पानी से धो ले .

मिल्क मास्क -

१ टेबलस्पून  दूध  में  १/४ टीस्पून  बादाम का तेल  मिलाए . चेहरा साफ कर इस मिश्रण की पतली  परत चहरे पर लगाए . जब  ये  परत  सूख जाए , तब इसके ऊपर एक और परत  लगाए .इस तरह चार परत लगाए और  ये  परत  सुखकर कड़ी होजाए , तब चेहरा किसी गीले कपडे से पोछे और गुनगुने पानी से चेहरा धो ले .

एग मास्क -

ये  मास्क अत्याधिक  रूखी त्वचा के लिए उपयोगी हे . सोने से फेहले १ अंडे के सफेद भाग में १ बादाम का पेस्ट मिलाकर चहरे पर लगाए . सूखने पर पानी से धोए और कोई माँइस्चराइजर   लगाए .

बनाना मिक्स मास्क -

बौल  में १ पूरी तरह पका हुआ केला , २ टेबुलस्पून पिसा हुआ वोट्स , थोडा – सा दूद्द या क्रीम , चुटकीभर जायफल पावडर  और  २ टेबुलस्पून  गेहू का आटा  ले और अच्छी  तरह मिलाए .जरूरी हो , तो क्रीम और ओट की मात्रा बढाए , ताकि मिश्रण पेस्ट बन जाए . साफ चहरे पर १० – १५ मिनट लगाकर छोड़ दे . पानी से धोए .

स्पेशल फेस पैक

स्पेशल फेस पैक
टोमेटो फेक -


१ कटा  हुआ टमाटर , १  टेबुल्स्पून  इंस्टेंट वोटमील   और १ टेबुल्स्पून  नींबू का रस  मिलाकर ब्लेंडर में ब्लेंड करे . चेहर पर इसकी मोटी परत लगाए .जरुरत पड़े , तो मिश्रण को गाढ़ा करने केलिए ऊपर से वोटमील लगाए .१० मिनट सूखने दे और गरम पानी से चेहरा धो दे . इसे नियमित लगाने से दाग -धब्बे हलके हो जाएंगे

एग – हनी मिक्स पैक -

१ अंडे के सफेद भाग में डेढ़ टीस्पून  शहद  , आधा नींबू का रस और थोड़ा-सा दही मिलाए. चहरे पर लगाकर १५ मिनट सूखने दे . गीले कपडे से पोछे.

उड़द दाल का पैक -

१ टीस्पून उड़द दाल और ४ बादाम रातभर पानी पर भिकोकर रखे.  सुबह  इन्हें साथ  में पीस ले .प्रोटीन से भरपूर इस मिश्रण को चहरे पर लगाए और ३० मिनट बाद धो  ले .

हल्दी  पैक -

आधा कप बेसिन में २ टीस्पून हल्दी पौडर ,२ टीस्पून चंदन पौडर २ टीस्पून बादाम का तेल और पानी मिलाए .इस पीसते को चहरे और शरीर पर लगाए ५-१० मिनट बाद धो ले .

सामान्य और तेल त्वचा के लिए युक्तियाँ

सामान्य और तेल त्वचा के लिए युक्तियाँ

ब्यूटी फुड : टमाटर

स्किन टाइप :  नार्मल और आयली स्किन , मुंहासेवाली त्वचा .

ब्यूटी इफेक्ट : टमाटर के रस में एंटीआक्सीडेट्रस औरc होते हे. डेड स्किन को हटाकर त्वचा पर निखर लाता हे , लेकिन एग्जिमा , ड्राई और सेंसीटिवे स्किन पर टमाटर का रस लगाने से बचे .

टिप्स  : फेस मास्क और फेस पाक में टमाटर का रस मिलाकर लगाए. आयली स्किन पर टमाटर का रस डायरेक्ट अप्लाई भी कर सकते हे .

 ब्यूटी फुड  : संतरा  

स्किन  टाइप :   नार्मल और आयली स्किन

ब्यूटी इफेक्ट :    सिट्रिक एसिड होने के कारण संतरा अच्छे  क्लींजर का काम करता हे .

टिप्स :  संतरे के ज्यूस को टोनर नरिशिंग मास्क के तीर पर लगाए.

     संतरे   के ज्यूस में कहूकम किए हुए  संतरे के छिलके को मिलाकर स्क्रुब करे या मास्क की तरह इस्तेमाल करे .
    झुलसी हुई त्वचा के लिए संतरे का ज्यूस नेचुरल ब्लीचिंग एजेंट का काम करता हे .

ब्यूटी फुड : बेसन       

स्किन टाइप :  नार्मल और आयली स्किन

ब्यूटी इफेक्ट : बेसिन एक नेचुरल क्लींजर हे , जो सी पर ज़मानेवाली धुल – मिट्ट की परत को क्लीन करता हे .

 टिप्स  :  उबटन या क्लींजर की तरह बेसिन को दुद्द , मलाई या गुलाबजल में मिलाकर लगाए .

    अपनी स्किन टाइप के अनुसार बेसन को  अन्य चीजों के साथ मिलाकर लगाए   जेसे नार्मल स्किन के लिए बेसन को दूद्द के साथ , ड्राई स्किन केलिए बेसिन को मलाई के साथ और काम्बिनेशन स्किन  के लिए बेसन को गुलाबजल के साथ मिलाकर लगाए .



त्वचा की चमक के लिए फल

त्वचा की चमक के लिए फल

ब्यूटी  फुड : स्ट्राबेरी

स्किन टाइप :  एजिंग स्किन

ब्यूटी इफेक्ट : एंटी आंक्सीडेट और विटामिन सी से  भरपूर स्ट्राबेरी रिंकल्स को दूर करके चहरे पर कसाव लाता हे .

टिप्स : स्त्राबेर्री  का पल्प एजिंग स्किन के लिए बेहतरीन मास्क का काम करता हे , इसलिए स्ट्राबेरी पल्प को मास्क की तरह लगाए

 ब्यूटी फूड : तरबूज

स्किन टाइप  :  पैची स्किन

ब्यूटी इफेक्ट : तरबूज में विटामिन  ए , बी और सी अधिक मात्रा में होते हे, जो मृत त्वचा को हटाकर दाग – धब्बों को दूर करता हे .

टिप्स : तरबूज  के जूस को चहरे पर लगाकर रब करे . सूखने पर धो ले .

बूटी  फूड : पपीता  

स्किन टाइप :  झुलसी हुई और दागा – धब्बेवाली त्वचा

बूटी इफेक्ट : पपीता में मोजूद पेपन एंजाइम स्किन लाइटनिंग एजंट का काम करता हे  और  प्राकृतिक रूप से स्किन सेल्स को रिन्यू करता हे .

    इसमें अनेक न्यूट्रीएंट और मिनरल्स होते हे , जो दागा – धब्बो को दूर कर त्वचा को साफ्ट बनाते हे .

टिप्स : दागा – दब्बेवाली त्वचा पर पपीते को मास्क की तरह लगाए .

 ब्यूटी फूड :  नारियल पानी

स्किन टाइप :  बेजान त्वचा

ब्यूटी इफेक्ट : नारियल पानी बेजान त्वचा को हाइड्रेट करता हे .यह स्किन की साफ्टनेस और फ्लेक्सिबिलटी को बनाए रखता हे .

टिप्स : बेजान त्वचा को नारियल पानी से वाश करे .

 ब्यूटी फूड : ककडी

स्किन टाइप :  ड्राई,  इनफ्लेमड़  स्किन और डार्क सर्किल्स

ब्यूटी इफेक्ट : ककड़ी ड्राई व् इनफ्लेमड़  स्किन  पर  कूलिंग एजेंट  का काम करता हे . यह स्किन को साफ्ट , टोन और माइश्चराइज करता हे .

टिप्स : चहरे के झुरियोम को दूर करने के लिए ककडी के स्लाइसेस को चेहरे पर रब करे . थोड़ी देर बाद धो ले .

    डार्क सर्कल्स , सन ट़ेन और आँखों की सूजन को दूर के लिए आंखों पर ककडी की स्लाइस रखे .

ब्यूटी फूड : केला

स्किन टाइप : पिगमेंटेड और ड्राई स्किन

ब्यूटी इफेक्ट : केले में प्रचुर मात्रा में आयरन , पोटेशियम और सोडियम होता हे , इसलिए केले को स्किन पर अप्लाई करने से स्किन साफ्ट हो जाती हे और निखार भी आता हे .

टिप्स : केले को मेश करके मास्क की तरह लगाए .

रसोई से सौंदर्य उत्पादोंरसोई से सौंदर्य उत्पादों

रसोई से सौंदर्य उत्पादोंरसोई से सौंदर्य उत्पादों

ब्यूटी फुड :  हल्दी   

स्किन टाइप :  दाग – धब्बे और बेजान त्वचा

ब्यूटी इफेक्ट  :  दाग – धब्बे वाली त्वचा के लिए हल्दी एंटीसेप्टिक का काम करती हे .मुंहासों को तेजी से ठीक करती हे .यह बेजना त्वचा पर   ब्राईटनिंग एजेंट का काम करती हे .

टिप्स :  चुटकीभर हल्दी को स्क्रब या क्लींजर की तरह उबटन में मिलाकर लगाने से त्वचा में निखार आता हे .

    सेंसिटिव स्किन पर हल्दी को डाइरेक्ट लगाने की बजाय ,अपनी स्किन टैप के अनुसार उबटन में मिलाकर लगाइए .
ब्यूटी फुड : बेसन       

स्किन टाइप :  नार्मल और आयली स्किन

ब्यूटी इफेक्ट : बेसिन एक नेचुरल क्लींजर हे , जो सी पर ज़मानेवाली धुल – मिट्ट की परत को क्लीन करता हे .

 टिप्स  :  उबटन या क्लींजर की तरह बेसिन को दुद्द , मलाई या गुलाबजल में मिलाकर लगाए .

    अपनी स्किन टाइप के अनुसार बेसन को  अन्य चीजों के साथ मिलाकर लगाए   जेसे नार्मल स्किन के लिए बेसन को दूद्द के साथ , ड्राई स्किन केलिए बेसिन को मलाई के साथ और काम्बिनेशन स्किन  के लिए बेसन को गुलाबजल के साथ मिलाकर लगाए .

ब्यूटी फूड  : चावल का आटा

स्किन टाइप :  आयली स्किन

ब्यूटी इफेक्ट : चावल के आटे को नींबू  या टमाटर  का रस में मिलाकर लगाने से स्किन का पीएच बेलेस होता हे .

टिप्स : चावल का आटा और टमाटर के ज्यूस को मिलाकर चहरे पर क्लींजर और मास्क के बेस की तरह लगाए .
ब्यूटी फुड : चाय
स्किन टाइप :  आँखों के नीचे डार्क सर्कल्स

ब्यूटी इफेक्ट : चाय एंटी आंक्सीडेट और एसट्रिमजेट  का काम करती हे .ठंडी   कोमोमाइल टी त्वचा  की जलन को कम करती हे .बेजान बालों पर ठंडी  कोमोमाइल टी लगाने से बालों को एक्स्ट्रा बाउंस मिलता हे.

टिप्स :  ठन्डे केमोमाइल टी बेग्स आँखों पर रखने से आँखों की सूजन दूर होती हे और डार्क सर्कल्स भी दूर होते हे

    ठन्डे चाय के पानी से चेहरा धोने से प्रेश्नेस आती हे .
    बालों को शम्पू करने के बाद चाय के पानी से फाइनल रिंस करे .

ब्यूटी फुड : शहद

स्किन टाइप : रफ व ड्राई स्किन , जेसे – कोहनी व घुटने के आसपास की स्किन

ब्यूटी इफेक्ट : शहद में अधिक मात्रा में माइश्चर होता हे , जो स्किन को साफ्ट बनाता हे , ड्राई स्किन के लिए शहद बढ़िया एंटीआक्सीडेट हे .

टिप्स : मास्क की सामग्री में शहद मिलाकर लगाए . रफ स्किन के लिए स्क्रबिंग के बेस के तोर पर प्रयोग करे  .

 ब्यूटी फूड  :  नींबू  

स्किन एंड हेयर टाइप : पिग्मेंटेड स्किन और डानडॉफ

ब्यूटी इफेक्ट : नींबू का रस डानडॉफ और पिग्मेंटेशनवाली स्किन पर स्ट्रोंग एस्ट्रिंजेट और माइल्ड ब्लीचिंग का काम करता हे .यह एंटी बाक्टीरियल भी हे, जो बालों में डेड्राफ होने पर स्काल्प के पीएच को बेलेस करता हे .डेड स्किन को हटाने के लिए नींबू का रस अच्छा साल्यूशन हे, पर ड्राई , सेंसीटिवे  और एग्जिमावाली स्किन पर नींबू का रस लगाने से बचे .

टिप्स : नींबू की रस को टोनर , स्क्रब और मास्क की तरह लगाए .

    डेंड्राफ को दूर करने के लिए नींबू के रस को सीधा बालों पर लगाने की बजाय थोड़े – से पानी में मिलाकर लगाए .
    नेचुरल एस्ट्रिंजेट होने के कारण नींबू का रस सन टेंन को दूर करता हे .

ब्यूटी फूड : ओट्स 
स्किन टाइप :  ड्रय और सेंसीटिवे स्किन

ब्यूटी इफेक्ट : डेड स्किन को हटाने के लिए ओट्स सबसे आसन सल्यूशन हे .

टिप्स : सप्ताह में एक बार ओट्स को दूध में भिगोकर त्वचा को स्क्रब करे .

    ओट्स का प्रयोग करने से स्किन साफ्ट होती हे और काम्फ्लेशन में भी निखार आता हे .

भिन्न – भिन्न प्रकार के फेशियलभिन्न – भिन्न प्रकार के फेशियल

भिन्न – भिन्न प्रकार के फेशियलभिन्न – भिन्न प्रकार के फेशियल
फ्रूट फेशियल  

सबसे पहले स्किन के प्रकार के अनुसार क्लींजिंग करनी चाहिए । इसके बाद डीप क्लींजिंग करनी चाहिए ।ब्लैक देड्स – वाईट डेड्स रिमूव  कर असट्रिमजन्ट लगाना चाहिए । नारंजी या मोसम्मी का फ्रेश फ्रूट जूस ले कर उसका गैल्वानिक प्लस (+) करंट से 7 मिनिट तक मसाज करना चाहिए । इसके बाद स्किन के प्रकार के अनुसार मसाज करना चाहिए । फिर फ्रूट मास्क लगाना चाहिए । अंत में पैक पोछ कर सन प्रटेक्शन लोशन लगाना चाहिए ।

वेजिटेबल फेशियल

सबसे पहले स्किन के प्रकार के अनुसार फेस को क्लीन करके डीप क्लींजिंग करनी चाहिए । ब्लैक डेड्स – वाईट डेड्स रिमूव कर असट्रिमजन्ट लगाना चाहिए । इसके बाद आलू , ककडी , टमाटर इत्यादी का फ्रेश वेजिटेबल जूस ले कर गैल्वानिक प्लस (+) करंट से 7 मिनट मसाज करना चाहिए । फिर मास्क बनाने केलिए आलू , ककडी और गाजर छील कर उससे स्किन के अनुरूप फेस पैक मिलाना चाहिए । गोजपीस को  रोजवाटर में डुबो कर फेस पर रखना चाहिए और इसके बाद ऊपर बताये अनुसार तैयार किया हुआ फेस पैक 15 से 20 मिनट के लिए रखना चाहिए । फिर वेजिटेबल फेस पैक ले कर फेस पर 5 से 7 मिनट तक रखे । अंत में फेस क्लीन करके सन प्रटेक्शन लोशन लगाना चाहिए ।

 लेमन फेशियल 

सबसे पहले लेमन क्लींजर से फेस को क्लीन करना चाहिए । फिर स्क्रब से डीप क्लींजिंग करके थोड़ी स्टीम दे कर ब्लैक डेड्स – वाइट डेड्स रिमूव करना चाहिए । अब लेमन क्रीम से मसाज करना चाहिए । लेमन क्रीम के साथ थोड़ी मिनट जेल भी ली जा सकती है । यह फेशियल आइली स्किन के लिए होता है । इसलिए 10 से 15 मिनट इससे मसाज करना चाहिए । मसाज करने के बाद लेमन टोनर लगा कर मशीन से हैप्रिक्वमसी देनी चाहिए । हैप्रिक्वमसी मशीन से स्किन में टोनर जाता है और स्किन की आइलिनेस कम हो जाती है ।

ग्रीन एपल फेशियल

ग्रीन एपल फेशियल थिन , ड्राई तथा डेलिकेट स्किन के लिए उपयुक्त होता है । इस फेशियल में क्लींजर से फेस को क्लीन करके स्क्रब से डीप क्लींजिंग करके ब्लैक हेडसे – वाइट हेड्स को रिमूव करना चाहिए । इसके बाद आस्त्रिन्जेंट लगाना चाहिए । फिर एपल क्रीम से 20 से 25 मिनट मसाज करना चाहिए । इस मसाज से स्किन में क्रीम उतर जाएगी और स्किन को माइश्चर मिलेगा । इसके बाद क्रीम को पोछ कर एपल्मास्क लगाना चाहिए | यह मास्क 10 से 12 मिनट तक लगा रहने दीजिए । बाद में इसे क्लीन कर दीजिए । इसके बाद एपल टोनर लगाना चाहिए ।

गोल्ड – मेटालिक फेशियल

गोल्ड – मेटालिक फेशियल
यह फेशियल ड्राई , नार्मल स्किन के लिए उपयोगी होता है । गोल्ड क्लीन्जर से फेस क्लीन करना चाहिए । इसके बाद डीप क्लींजिंग करके ब्लैक डेड्स – वाइट हेडसे रिमूव कर अस्ट्रिमजन्ट लगाना चाहिए । गोल्ड – मेटालिक पील को गोल्डडस्ट के साथ लगाना चाहिए । डस्ट को प्रोब्लामेटिक एरिया पर लगाना चाहिए । गोल्ड पील 7 से 10  मिनट तक लगी रहने दे । फिर इसे फ्रिकशन मसाज से रिमूव करना चाहिए । इसके बाद हैड्रोस्किन पालिशार से 5 से  7 मिनट तक मसाज करना चाहिए । इस प्रकार का मसाज करते समय वाटर का उपयोग नहीं करना चाहिए । इस जेल को पोछे बिना ही गोल्ड क्रीम से 20 से 25 मिनिट तक मसाज करना चाहिए । यदि स्किन अधिक ड्राई हो , तो स्किन बटर से 5 मिनट मसाज करने के बाद फेस को पोछ कर गोल्ड – मेटलिक जेल लगानी चाहिए । गोल्ड जेल पर गैल्वानिक अथवा अल्ट्रोसोनिक मशीन से 7 मिनट मसाज करना चाहिए । बाद में इसी जेल को हाथ से 5 मिनट मसाज करके स्किन में उतारनी चाहिए । इसके बाद इस पर गोल्डमास्क लगाना चाहिए । गोल्ड – मास्क 15 से 20 मिनट तक लगा रहने दे । फेस को पोछ कर सन प्रटेक्शन लोशन लगाना चाहिए । इस फेशियल के लिए लगभग 1 1 /2  से 2 घंटे का समय लगता है ।

स्लिवर फेशियल
सिल्वर फेशियल नार्मल तथा आइली स्किन के लिए उपयोगी होता है । सिल्वर क्लींजिंग से 5 से 7 मिनट
मसाज करके फेस क्लीन करना चाहिए । स्क्रब से डीप क्लींजिंगकरके ब्लैक डेड्स – वाईट डेड्स रिमूव
कर अस्ट्रीजन्ट लगाना चाहिए । सिल्वर पील पाउडर को दही अथवा दूध में 7 से 10 मिनट तक भिगोने के बाद फेस पर लगाइए । पील को 10 मिनट फेस पर रखने के बाद दही अथवा दूध से मसाज करके इसे रिमूव करना चाहिए । इसके बाद फिर सिल्वर जेल लगा कर गैल्वानिक प्लस (+) करंट अथवा अल्ट्रासोनिक मशीन से 7 मिनट तक मसाज करना चाहिए । मशीन से मसाज करते समय साथ – ही – साथ सिल्वर लोशन लगाते रहना चाहिए । इसके बाद सिल्वर जेल से 10 से 15 मिनट मसाज करके सिल्वर पैक लगाना चाहिए । पैक 10 से 15 मिनट रख कर रिमूव करना चाहिए । अंत में सन प्रटेकशन लोशन लगाना चाहिए ।

पर्ल फेशियल
यह फेशियल नार्मल तथा डेलिकेट स्किन के लिए लाभदायक है । इस फेशियल से ठंडक मिलती है । इस फेशियल में इस्तेमाल किए जाने वाले सभी प्राडक्ट्स एन्टी – एलाज्रिक होते है । सबसे पहले पर्ल क्लींजर से 5 से 7 मिनट मसाज करके ब्लैक डेड्स – वाईट डेडस रिमूव कर अस्त्रिजन्ट लगाना चाहिए । इसके बाद पर्ल क्रीम से मसाज करना चाहिए । फेशियल स्टेप्स के अनुसार एक बार मसाज करना चाहिए । इसके बाद यह मसाज दूसरी बार करते समय पर्ल्कित में दिए गय आयल से फेस पर मसाज करना चाहिए । मसाज करने के बाद फेस को फोछ कर पर्ल्मास्क लगाना चाहिए । पर्ल्मास्क पोंछ कर सन प्रटेक्शन लोशन लगाना चाहिए ।



फेस पेक्स

 फेस पेक्स :-
फेशियल के महत्व :-

फेशियल के महत्व

आपके चेहरे की त्वचा सुंदर, स्वच्छ, चिकनी, कोमल और कातिमय है? अगर हा, तो आप भाग्यवान हैं। लेकिन आपकी त्वचा का यह सौंदर्य सदा ऐसा ही बना रहे इसके लिए देखभाल बहुत जरूरी है। फेशियल एक ऐसा सौंदर्य उपचार है, जो त्वचा की कमनीयता को बरकरार रखने में सहायक होता है।

फेशियल रूखी व सामान्य त्वचा के लिए आदर्श है। फेशियल से रक्त संचार बढ़ता है और त्वचा के अंदर की गंदगी बाहर निकल जाती है। फेशियल मसाज के दौरान दिए जाने वाले स्ट्रोक्स से मृत कोष निकल जाते हैं और नए सेल्स का निर्माण होता है। नियमित फेशियल से चेहरे पर झुर्रिया देर से आती हैं।

जिनकी उम्र 25 वर्ष से अधिक है उनको पंद्रह दिन में एक बार फेशियल करना अपनी आदत बना लेना चाहिए। उचित सफाई के अभाव में प्रदूषण व मेकअप से रोमछिद्र बंद हो जाते हैं और रोमछिद्र बंद हो जाने से सीबम ऑयल बाहर नहीं निकल पाता। इस कारण एक्ने, मुंहासे और ब्लैक हेड्स जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। इनसे छुटकारा पाने के लिए फेशियल एक कारगर उपाय है। साधारण फेशियल में कम से कम एक घटा लग जाता है। फेशियल में काफी भिन्नता है, लेकिन स्टेप्स एक जैसे रहते हैं। अंतर प्रोडक्ट में व उनकी प्रॉपर्टीज में होता है।

सौंदर्य विशेषज्ञ एवं नेचर ऐसेंस ब्यूटी प्रोडक्ट की जनरल मैनेजर सुनीता अरोड़ा कहती हैं कि फेशियल एक प्रकार की फेस एक्सरसाइज है, जिसके जरिए त्वचा के डेड सेल को हटाया जाता है। फेशियल कितनी बार किया जाए यह त्वचा और आयु पर निर्भर करता है, जिसके बारे में जानकारी चार्ट में दी गई है।

जितनी प्रकार की त्वचा होती है, उतनी ही प्रकार के फेशियल हैं। त्वचा में जब कुदरती लचीलापन कम हो जाता है तो उसकी क्लीजिंग और पालिशिग जरूरी हो जाती है। यह फेशियल बखूबी करता है, साथ ही यह त्वचा में कसाव भी लाता है। त्वचा खिली-खिली नजर आती है।

फेशियल कैसे करें :

    फेशियल में पहले चेहरे की सफाई की जाती है, फिर मालिश।
    सफाई: फेशियल हमेशा साफ व स्वच्छ त्वचा पर ही किया जाता है। सबसे पहले मेकअप को हटाने के लिए स्किन टोनर का इस्तेमाल करें। फिर क्लींजर से, जिसमें कुछ सॉल्टिक तत्व हो, चेहरे को साफ करें। अगर आपकी त्वचा तैलीय है तो गुनगुने पानी या फेशवॉश से चेहरा साफ करें, अगर त्वचा शुष्क है तो ठंडे पानी में कॉटन को भिगोकर चेहरे को पोंछ लें।
    फेस स्क्त्रब: मृत त्वचा को हटाने के लिए फेस स्क्त्रब का इस्तेमाल करें। स्क्त्रब अपनी त्वचा के अनुरूप ही प्रयोग करें। जैसे रूखी त्वचा के लिए मॉइश्चरयुक्त स्क्त्रब होना चाहिए।
    फेशियल मसाज: अगर त्वचा को मसाज की जरूरत है तो फेशियल मसाज करें। अगर जरूरत नहीं है तो मॉइश्चराइजिंग करें। मॉइश्चराइजिंग में सिर्फ मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करते हैं। अगर मसाज करनी हो तो उसके लिए क्त्रीम का चयन अपनी त्वचा को ध्यान में रखकर ही करें। अगर आपकी त्वचा सामान्य है तो ऑल परपज क्त्रीम, शुष्क है तो विटामिन प्रोटेक्शन क्त्रीम और अगर त्वचा तैलीय है तो ऑयल फ्री क्त्रीम या लोशन का प्रयोग करें।मसाज हमेशा अंदर से बाहर व नीचे से ऊपर की ओर ही करें। आखों के आसपास की त्वचा अत्यंत कोमल होती है इसलिए यहा दबाव डाले बिना ही क्त्रीम लगाएं। मालिश दस से पंद्रह मिनट तक की जानी चाहिए। चेहरे पर जहा सूजन हो उन प्वाइंट्स को हल्के हाथों से दबाते हुए नीचे की दिशा में मालिश करें ताकि उन प्वाइंट्स में एकत्रित पानी धीरे-धीरे नीचे की ओर चला जाए। अगर चेहरे पर फालतू क्त्रीम बच जाए तो उसे कॉटन से पोंछ दें।
    स्टीम: स्टीम उस त्वचा पर देते हैं, जिसमें एक्ने हो या जिसके रोमछिद्र बंद हों, क्योंकि भाप लेने से त्वचा के रोमछिद्र खुल जाते हैं और त्वचा को फेसपैक का पूरा लाभ मिलता है। हर त्वचा को फेशियल स्टीम की जरूरत नहीं होती।
    फेसपैक: मसाज के बाद चेहरे को साफ करके पैक लगाते हैं। फेसपैक अलग-अलग त्वचा पर अलग-अलग इस्तेमाल करें। फेसपैक कितनी देर तक फेस पर लगा रहे यह आपकी त्वचा व फेसपैक की किस्म पर निर्भर करता है।
    मुख्य बात यह है कि फेसपैक सूख जाना चाहिए। इसके बाद ठंडे पानी में स्किन टोनर डालकर एक तौलिया उसमें भिगोकर चेहरे पर रखते हैं। फेस साफ करने के बाद अपनी स्किन के मुताबिक कोई स्किन प्रोटेक्टर यानी सन ब्लॉक या सनस्क्त्रीन लोशन जरूर लगाएं।

रसोई से सौंदर्य उत्पादों

रसोई से सौंदर्य उत्पादों  :-

ब्यूटी फुड :  हल्दी   

स्किन टाइप :  दाग – धब्बे और बेजान त्वचा

ब्यूटी इफेक्ट  :  दाग – धब्बे वाली त्वचा के लिए हल्दी एंटीसेप्टिक का काम करती हे .मुंहासों को तेजी से ठीक करती हे .यह बेजना त्वचा पर   ब्राईटनिंग एजेंट का काम करती हे .

टिप्स :  चुटकीभर हल्दी को स्क्रब या क्लींजर की तरह उबटन में मिलाकर लगाने से त्वचा में निखार आता हे .

    सेंसिटिव स्किन पर हल्दी को डाइरेक्ट लगाने की बजाय ,अपनी स्किन टैप के अनुसार उबटन में मिलाकर लगाइए .

 ब्यूटी फुड : बेसन       

स्किन टाइप :  नार्मल और आयली स्किन

ब्यूटी इफेक्ट : बेसिन एक नेचुरल क्लींजर हे , जो सी पर ज़मानेवाली धुल – मिट्ट की परत को क्लीन करता हे .

 टिप्स  :  उबटन या क्लींजर की तरह बेसिन को दुद्द , मलाई या गुलाबजल में मिलाकर लगाए .

    अपनी स्किन टाइप के अनुसार बेसन को  अन्य चीजों के साथ मिलाकर लगाए   जेसे नार्मल स्किन के लिए बेसन को दूद्द के साथ , ड्राई स्किन केलिए बेसिन को मलाई के साथ और काम्बिनेशन स्किन  के लिए बेसन को गुलाबजल के साथ मिलाकर लगाए .

ब्यूटी फूड  : चावल का आटा

स्किन टाइप :  आयली स्किन

ब्यूटी इफेक्ट : चावल के आटे को नींबू  या टमाटर  का रस में मिलाकर लगाने से स्किन का पीएच बेलेस होता हे .

टिप्स : चावल का आटा और टमाटर के ज्यूस को मिलाकर चहरे पर क्लींजर और मास्क के बेस की तरह लगाए .
ब्यूटी फुड : चाय
स्किन टाइप :  आँखों के नीचे डार्क सर्कल्स

ब्यूटी इफेक्ट : चाय एंटी आंक्सीडेट और एसट्रिमजेट  का काम करती हे .ठंडी   कोमोमाइल टी त्वचा  की जलन को कम करती हे .बेजान बालों पर ठंडी  कोमोमाइल टी लगाने से बालों को एक्स्ट्रा बाउंस मिलता हे.

टिप्स :  ठन्डे केमोमाइल टी बेग्स आँखों पर रखने से आँखों की सूजन दूर होती हे और डार्क सर्कल्स भी दूर होते हे

    ठन्डे चाय के पानी से चेहरा धोने से प्रेश्नेस आती हे .
    बालों को शम्पू करने के बाद चाय के पानी से फाइनल रिंस करे .

ब्यूटी फुड : शहद

स्किन टाइप : रफ व ड्राई स्किन , जेसे – कोहनी व घुटने के आसपास की स्किन

ब्यूटी इफेक्ट : शहद में अधिक मात्रा में माइश्चर होता हे , जो स्किन को साफ्ट बनाता हे , ड्राई स्किन के लिए शहद बढ़िया एंटीआक्सीडेट हे .

टिप्स : मास्क की सामग्री में शहद मिलाकर लगाए . रफ स्किन के लिए स्क्रबिंग के बेस के तोर पर प्रयोग करे  .

 ब्यूटी फूड  :  नींबू  

स्किन एंड हेयर टाइप : पिग्मेंटेड स्किन और डानडॉफ

ब्यूटी इफेक्ट : नींबू का रस डानडॉफ और पिग्मेंटेशनवाली स्किन पर स्ट्रोंग एस्ट्रिंजेट और माइल्ड ब्लीचिंग का काम करता हे .यह एंटी बाक्टीरियल भी हे, जो बालों में डेड्राफ होने पर स्काल्प के पीएच को बेलेस करता हे .डेड स्किन को हटाने के लिए नींबू का रस अच्छा साल्यूशन हे, पर ड्राई , सेंसीटिवे  और एग्जिमावाली स्किन पर नींबू का रस लगाने से बचे .

टिप्स : नींबू की रस को टोनर , स्क्रब और मास्क की तरह लगाए .

    डेंड्राफ को दूर करने के लिए नींबू के रस को सीधा बालों पर लगाने की बजाय थोड़े – से पानी में मिलाकर लगाए .
    नेचुरल एस्ट्रिंजेट होने के कारण नींबू का रस सन टेंन को दूर करता हे .

ब्यूटी फूड : ओट्स 
स्किन टाइप :  ड्रय और सेंसीटिवे स्किन

ब्यूटी इफेक्ट : डेड स्किन को हटाने के लिए ओट्स सबसे आसन सल्यूशन हे .

टिप्स : सप्ताह में एक बार ओट्स को दूध में भिगोकर त्वचा को स्क्रब करे .

    ओट्स का प्रयोग करने से स्किन साफ्ट होती हे और काम्फ्लेशन में भी निखार आता हे .

बालों के लिए फ़ूड

बालों के लिए फ़ूड :-

बूटी फुड : दही

स्किन टाइप : ड्रय स्किन और हेयर

ब्यूटी इफेक्ट : अधिक ड्रय सकल्प और ड्रय व् फ्रीजी हेयर के लिए दही बेहतरीन मैश्चरायजर का काम करता हे .

टिप्स :  दही बालों के लिए कंडीशनर का काम करता हे ,इसीलिए शम्पू करनेसे पहले बालों में अच्छी तरह से दही लगाए

    दही त्वचा को साफ्ट , क्लींज और हाईड्रेट करती  हे ,  इसीलिए दही को मास्क के बेस के तोर पर भी लगा  सकता हे  .

ब्यूटी फुड : अंडा
स्किन एंड हेयर  टाइप :  सभी  तरह की त्वचा और बेजान बाल

ब्यूटी एंड हेयर इफेक्ट : अंडों में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होता हे , जो बालों को वाल्यूम और बाउंस देता हे .

यह स्किन के लिए कंडीशनर का काम भी करता हे .

टिप्स :   फेट हुए अंडे में दही और नींबू का रस मिलाकर लगाने से बेजान बालों  को वाल्यूम और बाउंस मिलता हे .

    अंडे का सफेदवाला भाग नार्मल और आयली स्किन के लिए कंडीशनर का काम करता हे , जबकि अंडे का पीलेवाला भाग ड्रय स्किन की समस्यावों को दूर करता हे

 ब्यूटी फूड : बियर

स्किन एंड हेयर टाइप  :  आयली स्काल्प और बेजान बाल

हेयर इफेक्ट :  बियर आयली स्काल्प और बेजान बालों के लिए बेहतरीन क्लींजर ,टोनर और कंडीशनर का काम करता हे .अल्कूहल होने के कारण बियर स्काल्प और बालों के लिए एंटीसेप्टिक का काम करता हे .

टिप्स : शम्पू से वाश करने के बाद स्काल्प और बालों को  को बियर से रिंस करे .

बालों के लिए खायें कुछ खास

बालों के लिए खायें कुछ खास:-



बालों के लिए खायें कुछ खास

बालों को ऊपर से ही नही अन्दर से भी मजबूती की आवश्यकता होती है । बालों की मजबूती निर्भर करती है । आपके खान – पान पर , इसलिए जरुरी है की अपने भोजन में पोषक तत्व शामिल करे ।

कदूद के बीज अच्छी साज – संभाल और आयलिंग के बावजूद भी बालों की ग्रोथ ठीक से न हो रही हो तो जरूर इसका ताल्लुक आपकी खुराक में जिंक की कमी से हो सकता हे ।जिंक डैन्डरफ से मुकाबला करने और ड्राइनेस दूर करने में बेहद सक्षम होता है । अपने भोजन में कददू के बीज शामिल करे , जो जिंक में समृद्ध स्रोत है ।

खजूर

खजूर आयरन से भरपूर होते है । आयरन की कमी से बालों के टूटने , झड़ने की समस्या हो सकती है । बालों की मजबूती के लिए संचित मात्रा में खजूर , किशमिश , जामुन , आंवला और हरी पत्तेदार सब्जियों का नियमित सेवन करे ।

बादाम

बादाम में शक्तिशाली एंटी आक्सीडेट विटामिन – ई प्रचूर मात्रा में पाया जाता है । स्ट्रेस , पाल्यूशन और अल्ट्रावायलेट किरणों से बाइ बालों  होने वाले फ्री रेडिकल डैमेज से बादाम बेहतरीन तरीके से बचा सकता है । इनके सेवन से खोपड़ी में ब्लड सर्कुलेशन भी सही होते है ।

मछली

मछली प्रोटीन के सबसे हैल्दी स्रोतों में शुमार है । इससे हैर सेल्स की ग्रोथ के लिए आवश्यक अमीनो एसिड्स मिलता है । मचिलियो में ओमेगा – 3 प्रचुर मात्रा में मिलता है जो बालों को न सिर्फ स्मूद और बाउंसी बनाता है बल्कि रूखेपन से भी बचता है । आपको फिश आयल सप्लीमेंट का सेवन कर सकती है ।

अमरूद

अमरूदों में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है । यह बालों को दोमूहा होने से बचाता है । अमरूद , आयरन के अवशोषण में भी सहायक होता है , जो बालों की सेहत के लिए एक महत्वपूर्ण न्यूट्रीएंट है ।

 सोयाबीन

इसमें एक ख़ास अमीनो अम्ल लाइजीन पाया जाता है , जो शरीर में सभी प्रकार के प्रोटींस के लिए जरूरी बिल्डिंग ब्लांक है । लाइजीन से फेरिटिन की उत्पत्ति भी होती है , जो बालों की ग्रोथ के लिए जरूरी है ।

पानी 

हमारे हर बाल का चैथाई हिस्सा पानी होता है अगर आप समुचित मात्रा में पानी नहीं पीएंगी  तो बालों की सिरे टूटने लगेंगे और बाल रूखे – सूखे हो जाएंगे । इसीलिए जरूरी हे की रोजाना कम से कम् दस गिलास पानी जरूरी पीए ।

अंडा / एग

अंडा सल्फर का महत्वपूर्ण स्रोत है । सल्फर युक्त भोजन करने से बाल बेहद सुंदर और स्वस्त हो जाते है ।

ध्यान दें :-

    अगर बाल आयली है तो विटामिन – बी – 6 की कमी है । अगर ड्राई है तो इशोंसियाल फैटी एसिड की कमी है ।
    अगर बालों का विकास सही नहीं है तो जिंक की कमी है । बाल झडते है तो आयरन , विटामिन – बी – 1 , विटामिन – सी और अमीनो अम्ल लाइजीन की कमी है ।
    बाल असमय सफेद हो रहे है तो फालिक आम्ल और बायोटीन की कमी है । डेंड्रफ ज्यादा है तो बीटा कैरोटिन , विटामिन – ए और इशोंसियल फैटी एसिड की कमी है ।

स्वस्थ बालों के लिए 14 सुझाव दिए

 स्वस्थ बालों के लिए 14 सुझाव दिए:-
 
स्वस्थ बालों के लिए 14 सुझाव दिए

बाल रूखे हो  या मुलायम , हर तरह के बालों के साथ कोई ना कोई समस्या तो आती ही है । ऐसे में जरूरत है इसके पीछे छुपे कारण जानने की और समस्या सुलझाने की ।

    बालों को कभी भी जड़ से सर तक ना सुलझाए । इससे उलझे बाल नीचे तक टूटेंगे । ब्लों ड्राई करने से बाल कुछ बेहतर बनेंगे , लेकिन बालों को ड्राई करने से पहले एक – एक लट को सुलझाना बेहद जरूरी है । बालों में स्टेलिंग प्रोडक्ट लगाए और अपने आप ही सूखने दे ।


    पोस्ट शावर कंडीशनर इस्तमाल करे । इनके इस्तेमाल से बाल एकदम सुलझ कर मुलायम हो जाते है ।बालों में जेल लगाने  से बाल रूखे होते है , इसीलिए चाहे , तो बालों में हेअर स्पा का प्रयोग करे ।


    बालों का पतला होना या जड़ना हार्मोनल बदलावों के कारण भी होता है । लेकिन इसका यह मतलब बिलकुल नहीं हे की पतले होते बालों के लिए कुछ भी ना  किया जाए  ।


    बालों  के लिए समय निकाले । बालों में रोलर्स , लगाए ,इससे बाल हेवी दिखेगे । साथ ही बालों में नियम से शाम्पू करे , जिससे बाल साफ रहे और बढ़ भी सखे


 बालों के सिरों से दोमुंडे हो जाने पर बाल सिरों से एकदम बजाना हो जाते है । ऐसे में बालों को नीचे से कटवा देना चाहिए । बालों में जरूरत से ज्यादा हीट स्टेलिंग कराने से यह समस्या आ सकती है और बाल काफी हद तक खराब भी हो सकते है । इसके साथ ही गीले बालों को सुलझाने से भी बालों को काफी नुकसान पहुंच सकता है  , इसलिए यह जरूरी है  की  बालों की रेगुलर कंडीशनिंग की जाए ।

कंडीशनर पहले बालों के सिरों पर लगाए और जब्ब होने दे , फिर बाकी के बालों में लगाए ।
डैमेज बालों को कंडीशन करे । इससे बाल तुरंत ठीक नहीं होंगे , लेकिन बालों में मजबूती जरूर आएगी । स्टाइलिंग पोमेड प्रयोग में लाए ।


आपके बालों को नमी की जरूरत है । अकसर बालों का रंग हल्का करते वक्त इस्तमाल किए गए ब्लीच के कारण भी बाल रूखे व कड़े हो जाते  है ।


बालों का लुक बदलने में कोइ इर्ज नहीं है । फिर भी बालों को गहरा रंग करने से ज्यादा नुक्सान बालों का रंग हलका करनेवाला ब्लीच पहुंचाता है , जिससे बालों से नमी एकदम ख़त्म हो जाती है ।


बालों में हेअर कार्लिंग आयन का प्रयोग करे , लेकिन इन्हें बालों में फिराती तहे । एक ही जगह पर बहुत देर तक करने से बाल टूट सकते है । बाद में कंडीशनर इस्तमाल में लाए ।


सर्दियों में ज्यादातर डेंड्राफ  होने की आशंका होती है । जरूरत से ज्यादा हेआर स्टाइलिंग प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से भी स्कैल्प ड्राई हो जाता है और रूसी की समस्या हो जाती है । इसलिए सर्दियों में इस तरह के स्टाइलिंग जेल जैसे हेअर प्रोडक्ट नाही प्रयोग करे , तो बेह्तार है ।


नींबू और सिरका या अंडे और आलिव आयल का भी पैक 20 मिनट तक लगा कर हर्बल शाम्पू से धोएं ।


नारियल का तेल , आलिव आयल और बादाम के तेल को मिला कर , गुनगुना करके बालों की जड़ों पर मालिश करें और गरम पानी से नीचोड़े तैलीए से सिर को लपेटे । एक घंटेके बाद या अगले दिन बालों को हेर्बल शाम्पू से धो ले ।
सुपर स्मूद हेअर के लिए मेथी दाने को पाउडर को रात भर भिगो कर सुबह ग्रैंड करके बालों में लगाए और बालों को धोले । अगर आपको चिपचिपा महसूस होता हो , तो हेर्बल शम्पू से एक बार वाश कर ले । 


मेथी , नींबू का रस , आंवला पाउडर दही मिला कर भी डेंड्राफ फ्री हेअर करने के लिए हेअर पैक लगाए और हेर्बल शैंपू से वाश कर ले ।




































वाइट हेयर समस्या के लिए टिप्स

वाइट हेयर समस्या के लिए टिप्स:-

वाइट हेयर समस्या के लिए टिप्स

बालों का सफेद होना आम बात है। कई बार कम उम्र के लोगों के बाल सफेद हो जाते हैं और वे विभिन्न केमिकल्स द्वारा उन्हें रंगकर काले करने का प्रयास करते हैं। केमिकल्स से बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं, साथ ही अन्य दूसरे साइड इफेक्ट्स भी आ जाते हैं। यहाँ सफेद बालों हेतु घरेलू नुस्खे से उपचार की जानकारी इस प्रकार है-

सफेद बालों हेतु घरेलू खिजाब

पिसी हुई सूखी मेहँदी एक कप, कॉफी पावडर पिसा हुआ 1 चम्मच, दही 1 चम्मच, नीबू का रस 1 चम्मच, पिसा कत्था 1 चम्मच, ब्राह्मी बूटी का चूर्ण 1 चम्मच, आँवला चूर्ण 1 चम्मच और सूखे पोदीने का चूर्ण 1 चम्मच। इतनी मात्रा एक बार प्रयोग करने की है। इसे एक सप्ताह में एक बार या दो सप्ताह में एक बार अवकाश के दिन प्रयोग करना चाहिए।

सभी सामग्री पर्याप्त मात्रा में पानी लेकर भिगो दें और दो घण्टे तक रखा रहने दें। पानी इतना लें कि लेप गाढ़ा रहे, ताकि बालों में लगा रह सके। यदि बालों में रंग न लाना हो तो इस नुस्खे से कॉफी और कत्था हटा दें। पानी में दो घण्टे तक गलाने के बाद इस लेप को सिर के बालों में खूब अच्छी तरह, जड़ों तक लगाएँ और घण्टेभर तक सूखने दें।

इसके बाद बालों को पानी से धो डालें। बालों को धोने के लिए किसी भी प्रकार के साबुन का प्रयोग न करके, खेत या बाग की साफ मिट्टी, जो कि गहराई से ली गई हो, पानी में गलाकर, कपड़े से पानी छानकर, इस पानी से बालों को धोना चाहिए। मिट्टी के पानी से बाल धोने पर एक-एक बाल खिल जाता है जैसे शैम्पू से धोए हों।

लाभ :   इस नुस्खे का प्रति सप्ताह प्रयोग करने से जहाँ बाल सुन्दर व मजबूत रहते हैं, वहीं सिर दर्द, अनिद्रा, शरीर की अतिरिक्त गर्मी, आँखों की जलन आदि व्याधियाँ दूर होती हैं। जिनके बाल अधपके होंगे वे इस नुस्खे के प्रयोग से काले दिखाई देंगे। खिजाब (हेयर डाई) लगाने की अपेक्षा इस नुस्खे का प्रयोग करना श्रेष्ठ है, क्योंकि खिजाब में जो केमिकल्स होते हैं, वे त्वचा पर बुरा असर करते हैं और रहे-सहे काले बाल भी सफेद हो जाते हैं। इस नुस्खे के सेवन से ऐसा कोई दुष्परिणाम नहीं होता।

     आमलकी रसायन आधा चम्मच प्रतिदिन सेवन करने से बाल प्राकृतिक रूप से जड़ से काले हो जाते हैं।
    एक छोटी कटोरी मेहँदी पावडर लें, इसमें दो बड़े चम्मच चाय का पानी, दो चम्मच आँवला पावडर, शिकाकाई व रीठा पावडर, एक चम्मच नीबू का रस, दो चम्मच दही, एक अंडा (जो अंडा न लेना चाहें वे न लें), आधा चम्मच नारियल तेल व थोड़ा-सा कत्था। यह सामग्री लोहे की कड़ाही में रात को भिगो दें। सुबह हाथों में दस्ताने पहनकर बालों में लगाएँ, त्वचा को बचाएँ, ताकि रंग न लगने पाए। दो घंटे बाद धो लें। यह आयुर्वेदिक खिजाब है, इससे बाल काले होंगे, लेकिन इन्हें कोई नुकसान नहीं होगा।
     सफेद बालों को कभी भी उखाड़ें नहीं, ऐसा करने से ये ज्यादा संख्या में बढ़ते हैं। सफेद बाल निकालना हों तो कैंची से काट दें या उन्हें काला करने वाला उपाय अपनाएँ।
     त्रिफला, नील, लोहे का बुरादा- तीनों 1-1 चम्मच लेकर भृंगराज पौधे के रस में डालकर रात को लोहे की कड़ाही में रख दें। प्रातः इसे बालों में लगाकर, सूख जाने के बाद धो डालें।
    जपा (जवाकुसुम या जास्बंद) के फूल और आँवला, एक साथ कूट-पीसकर लुगदी बनाकर, इसमें बराबर वजन में लौह चूर्ण मिलाकर पीस लें। इसे बालों में लगाकर सूखने के बाद धो डालें।
     रात को सोते समय नाक में दोनों तरफ षडबिन्दु तेल की 2-2 बूँद नियमित रूप से टपकाते रहें।

ये सभी प्रयोग धीरे-धीरे बालों को काला करने वाले हैं। कोई भी एक प्रयोग लगातार 5-6 माह तक करते रहें। षडबिन्दु तेल का प्रयोग अन्य प्रयोग करते हुए भी कर सकते हैं।



बालों से बढ़ती सुंदरता

बालों से बढ़ती सुंदरता:-

बालों से बढ़ती सुंदरता 



यह सही है कि सुरक्षा से नारी की सुंदरता बढ़ती है । घने एवं सुंदर बालों से नारी का आकर्षण बढ़ जता है , फिर केश सज्जा एवं बालों की पर्मिग से नारी का रूप पहले से कही अधिक निखार जाता है ।अतएव नारी को अपनी जुल्फों पर फार ध्यान देते हुए उन्हें आकर्षक ढंग से संवारना आवश्यक होता  है ।

    सिर के बाल मजबूत एवं सुंदर होने से चेहरा खिल उठता है और फिर व्यक्तित्व भी अनूठा सा लगता है । इसकेलिए नारी को निरोग रहने के साथ – साथ खुशमिजाज रहना भी जरूरी है । बालों की उचित देखबाल होने से बालों को सुरक्षा मिलती है और केश भी मजबूत व घने होते है । इनसे आकर्षक केश – विन्यास बनाने में भी सुविधा होती है ।
    जुल्फों का सौन्दर्य हमेशा लोगोंको आकर्षित करता रहा है । काले , घने , लंबे , चमकदार ,आकर्षक तथा मुलायम बाल हर महिला की विशेष चाहत होती है । इन सभी के लिए सवस्थ होने के साथ -साथ बालों को उचित ढंग से संभाल कर रखना निहायत जरूरी होता है ।
    अतएव जुल्फों पर विशेष ध्यान देने के लिए निम्नांकित कार्य करने से नारियों को विशेष फ़ायदा हो सकता है और केश संबंधी समस्या से भी निजात पाया पाया जा सकता है ।
    सिर के बालों को खुली जगह में ताजी हवा देने लाभप्रद है । इसके लिए सुबह – सुबह सिर के बालों को ढीला कर हरी घास्वाले खेले मैदानों या बगीचों में टहलाना चाहिए । इससे मस्तिष्क में नई स्पूर्ती एवं शक्ती आने के साथ – साथ नेत्र ज्योती में भी वृद्दि होती है ।
    सुबह के नाश्ते में फूला हुवा मूंग ,चना एवं सोयाबीन ,खजूर ,नारियल ,मेथी के लाइडू, आंवला का मुरब्बा तथा पालक व सहजन के पत्तों का सूप जरूर शामिल करें । साथ ही अंडे की जर्दी एवं कलेजी को भी ग्रहण किया जा सकता है ।
    स्नान के पूर्व चहरे एवं माथे पर असली गुलाब जल एवं नारियल का पानी लगाएं ।फिर इसके बाद बालों पर दस – पंद्रह मिनट तक कभी गरम पानी का तो कभी ठन्डे पानी से भिगोया हवा साफ तेलिया लपेटे ।इससे चेहरा आकर्षक होने के साथ – साथ सिर के बालों के जड़ों में रक्त संचार काफी तेजी से होता है और नारी के केश स्वस्थ बने रहते है ।
    इसके कुछ देर बाद कुछ आराम करने के पश्चात खटटे दही में मुल्तानी मिट्टी , घुत कामारी का रस एवं धतूरा चूर्ण मिलाकर सिर की अच्छी तरह मालिश करें । फिर कुछ समय बाद नहा लें । बालों में चमक आ जाएगी और धीरे – धीरे बालों का टूटना भी रूक जाएगा ।
    मजबूत एवं लंबे केश के लिए उचित मात्रा में जडी – बूटियों का भी सेवन लाभप्रद होता है । सप्ताह में एक बार बालों में नीम एवं बेर के पत्तों का रस लगाएं । साथ ही दही में ककोड़े की जड़ का रस एवं काली मिर्ची का चूर्ण मिलाकर थोड़ी देर तक बालों में लगाएं ।यदा – कदा   सूरजमुखी एवं शंखपुष्पी का तेल लगाएं । जैतून के तेल में गंध्य या हरमल जडी का रस एवं  नारियल के पत्तों का रस मिलाकर बालों में कभी – कभी लगाएं । साथ ही स्त्रियों तीन – चार माह तक लगातार अशोकारिष्ट एवं आरोग्यवर्धिनी वाटिका सेवन कर सकती है ।
    हर्बल रूप से मेहंदी एवं खजूर के पत्तों का रस बालों के लिए कंडीशनर का भी कार्य करते है । इनके यदा – कदा प्रयोग करने से सिर में संक्रमण का भय नहीं रहता है । मेहंदी में टैनिन एवं ग्लोकोसाइड पाए गए है , अतः इनके प्रयोग से जुल्फों को रंगते हुए इन्हें सुंदर बनाया जा सकता है ।
    जिन स्त्रियों के असमय बाल पकने – सफेद होने का खतरा बन गया है उन्हें अपने भोजन में गाजर , मूली , खीरा , ककडी , पपीता मकोय , रामदान ,आम ,छाछ ,पुदीना , सेव आदी लेने के साथ – साथ आंवला हरड एवं बहेड़ा का चूर्ण ग्रहण करना चाहिए । फिर आम की गुथिलियों से तेल निकालकर उसे बालों पर यदा – कदा नियमित रूप से लगाएं ।
    सुंदर एवं चमकीले बालों के लिए व्यक्ति को अपने पौष्टिक आहार – विहार पर विशेष ध्यान देना पड़ता है । सिर के बाल काफी संख्या में टूटने  लगे हो उन्हें अच्छे भोजन के साथ – साथ उपचार एवं दवाई की भी जरूरत पड़ती है । सामान्यतः बालों को खूबसूरत बनाने के लिए प्रायः हर आदमी अपने – अपने ढंग से प्रयास करता है , लेकिन फिर भी बालों की विशेष देखभाल संतुलित तरीके से जरूरी है ।

 

एलोवेरा से खूबसूरत बाल

एलोवेरा से खूबसूरत बाल :-

एलोवेरा से खूबसूरत बाल 



खूबसूरत बालों की यदि आप ख्वाहिश रखती है तो इसके लिए आपको कुछ खास तत्वों का भी इस्तेमाल करना होगा जिससे आप बालों को खूबसूरत बना सकें। ऐसे में आप आवला, शिकाकाई या फिर एलोवेरा का इस्तेमाल कर सकती हैं। इन तीनों में से किसी एक के प्रयोग से आप अपने बालों को चमकदार और खूबसूरत बना सकती हैं। एलोवेरा के फायदे बहुत हैं। यह ना सिर्फ आपके बालों को खूबसूरत और चमकदार बनाता है बल्कि बालों की जड़ों को मजबूत करता है और बालों में जान डालने के लिए भी कारगर है। बालों को खूबसूरत बनाने के लिए इधर-उधर के उपाय छोड़ आपको एलोवेरा का इस्तेमाल करना ही सबसे बढि़या रहेगा। इसके इस्तेमाल से बालों संबंधित समस्याओं से भी निजात पाई जा सकती है। आइए जानें खूबसूरत बालों के लिए एलोवेरा और कितना मददगार है।

बालों के उपचार के लिए ऐलावेरा किसी जादुई प्रभाव से कम नहीं। बालों संबंधी जितनी भी समस्याएं हैं एलोवेरा के प्रभाव से दूर हो जाती हैं जैसे- बालों का गिरना, रूखे बाल, बालों में डेंड्रफ इत्यादि समस्याएं। एलोवेरा जेल को सिर्फ आधा घंटा लगाने के बाद आप उनको धो सकते हैं। ऐसा आप सिर्फ महीने में दो बार भी करते हें तो आपको इसके परिणाम कुछ ही महीनों में दिखाई देने लगेंगे।

ऑयली बालों की समस्याओं को सुलझाने के लिए भी एलोवेरा जेल बहुत कारगर है। बालों और स्कॉल्प में ऑयल की अधिक मात्रा को सामान्य कर बालों की शक्ति को भी बढ़ाता है।

एलोवेरा जेल से गंजेपन की समस्या को भी दूर किया जा सकता है। एलोवेरा को स्कॉल्प पर लगाने से यह शैंपू का काम भी करता है। इतना ही नहीं यह डैंड्रफ को दूर करने में भी सहायक है। ऐसे में आप बालों को खूबसूरत और आकर्षंक बनाने के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल कर सकते हैं।

बाजार में बहुत सी ऐसी दवाईया मौजूद है जिनके सेवन से आप बालों संबंधी समस्याओं से बचाव का सकते हैं। लेकिन यदि आप ऐलोवेरा के नेचुरल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करेंगे तो उसका आपके बालों पर ना तो कोई अतिरिक्त प्रभाव पड़ेगा और आपके बाल अधिक घने, लंबे और खूबसूरत भी होगे।

आजकल बाजार में एलोवेरा युक्त बहुत से उत्पाद आते हैं, लिहाजा आप उन उत्पादों को खरीदकर अपने बालों के लिए उपयोग कर सकते हैं। लेकिन उसके लिए जरूरी है कि आपको अपने बालों के हिसाब से इन उत्पादों का प्रयोग करना होगा।

एलोवेरा का सबसे बड़ा फायदा है कि इसके कोई अतिरिक्त प्रभाव नहीं है। ऐसे में यदि आप बालों की प्रभावित जगह पर एलोवेरा का सीधा-सीधा इस्तेमाल करती हैं तो इसमें आपको डरने की कोई जरूरत नहीं है। इससे आपको नए बालों की ग्रोथ में भी मदद मिलेगी।

बालों को चमकदार बनाने के लिए आप एलोवेरा शैंपू के साथ ही एलोवेरा कंडीशनर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यदि आप इनका नियमित रूप ये उपयोग करते हैं तो आप हमेशा के लिए डेंड्रफ और बालों के बिरने की समस्या से निजात पा सकते हैं।

बालों को नरम, चमकदार बनाने के साथ ही लंबे बनाने के लिए आप खुद घर पर एलोवेरा शैंपू भी बना सकते हैं। इसके लिए आपको एलोवेरा जूस में नारियल, दूध और गेहूं और तेल मिलाकर बनाएं।

इन टिप्स को अपनाकर आप एलोवेरा के इस्तेमाल से आप निश्चित तौर पर अपने बालों को खूबसूरत और काले और चमकदार बना सकते हैं।
 

 

बाल सुझावों:-


 बाल सुझावों:-
घर पर इलाज :-
घर पर इलाज

लगभग छह हजार वर्ष पुरानी यह पद्धति एक बार फिर लोगों का विश्वास जीत रही है। इसके इलाज में न अधिक गोलियों की जरूरत होती है और न ही बहुत गंभीर उपचार की। इसके ढेरों नुस्खे तो ऐसे है ‘जिन्हे दादी-नानी के नुस्खे कहकर’ महिलाएं घर पर ही आजमा कर लाभ ले रही है।

घर पर इलाज :  कल्याणपुर निवासी 70 वर्षीय रामजानकी अवस्थी बताती है, ”घर में किसी के भी बीमार होने पर मैं आयुर्वेदिक नुस्खे आजमाने की सलाह देती हूं। हमारे घर में मौसम से होने वाले बुखार और जुकाम पर तो कोई डॉक्टर से दवा लेने ही नहीं जाता। हमें पता है कि बदलते मौसम से होने वाला जुकाम या बुखार तीन से चार दिन में सही हो जाता है। इसलिए नमक पानी का गरारा, अदरख, तुलसी, और काली मिर्च की चाय या काढ़ा का सेवन करते है। जुकाम ज्यादा तेज होता है तो सोते वक्त दूध के साथ हल्दी पाउडर लेने से दो या तीन दिन में आराम मिल जाता है। यह ऐसे घरेलू नुस्खे है, जिन्हे वर्षो से आजमाया जा रहा है और यह बहुत ही कारगर है।”

कोई साइड इफेक्ट नहीं :   कुरसवां निवासी 65 वर्षीया राजेश्वरी भाटिया कहती है, ”घरेलू नुस्खों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं है और इसमें प्रयोग होने वाली सारी चीजें घर में मौजूद होती है। अगर दांत में दर्द है और आप मेथी के गुनगुने पानी से सिकाई करती है तो इससे भला क्या नुकसान होगा या पैरों में सूजन आने पर गोली गटकने के बजाय नमक पानी से सिकाई कर ली जाए तो बुराई क्या है? इससे न सिर्फ पैसे की बचत होती है, बल्कि बिना नुकसान के फायदा मिलता है।”

काम आई दादी की टिप्स :  ग‌र्ल्स में चर्म रोग और बालों के गिरने की परेशानी आम है। साइड इफेक्ट न होने के कारण वे एलोपैथी के बजाय आयुर्वेद के जरिये इन समस्याओं का इलाज कराने पर जोर दे रही है। क्राइस्टचर्च कॉलेज की स्टूडेंट विनती अरोड़ा कहती है, ”मैं काफी समय से गिरते बालों से परेशान थी। मंहगी दवाओं के इलाज से जब आराम नहीं मिला तो दादी का बताया जड़ी-बूटियों वाला नुस्खा आजमाया। इन दिनों मैं भृंगराज, मुलेठी, आंवला, काले तिल से बने चूर्ण का सेवन कर रही हूं। अभी एक माह ही बीता है, लेकिन बहुत फायदा हुआ है।”

हर बीमारी का इलाज संभव :   आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. सतीश चंद्र शुक्ला बताते है, ”तनाव, अवसाद, मोटापा आदि बीमारियों के अलावा ऑर्थराइटिस और असाध्य बीमारियों के रोकथाम का इलाज आयुर्वेद से संभव है। बुजुर्गो द्वारा बताए गए सारे नुस्खे आयुर्वेदिक ही होते है। हां, अब थोड़ा बदलाव आया है। नुस्खे के तौर पर आजमाई जाने वाली घरेलू औषधियां हर्बल कंपनियों के उत्पाद के रूप में बाजार में भी मौजूद है।” आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. ओमप्रकाश आनंद कहते है, ”बीमारियां तभी घेरती है, जब शरीर में कैलशियम, आयरन, विटामिन या रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। आयुर्वेद में प्रयोग होने वाली आंवला, सतावरी, मुलेठी, हरितकी, गिलोय, पिपली, गुग्गल, त्रिफला आदि औषधिया शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती हैं। यह औषधियां एंटीबायोटिक दवाओं की तरह काम करती है। साइड इफेक्ट न होने के कारण नई पीढ़ी का विश्वास इन नुस्खों पर एक बार फिर जम रहा है।”






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