फेस पेक्स :-
फेशियल के महत्व :-

आपके चेहरे की त्वचा सुंदर, स्वच्छ, चिकनी, कोमल और कातिमय है? अगर हा, तो आप भाग्यवान हैं। लेकिन आपकी त्वचा का यह सौंदर्य सदा ऐसा ही बना रहे इसके लिए देखभाल बहुत जरूरी है। फेशियल एक ऐसा सौंदर्य उपचार है, जो त्वचा की कमनीयता को बरकरार रखने में सहायक होता है।
फेशियल रूखी व सामान्य त्वचा के लिए आदर्श है। फेशियल से रक्त संचार बढ़ता है और त्वचा के अंदर की गंदगी बाहर निकल जाती है। फेशियल मसाज के दौरान दिए जाने वाले स्ट्रोक्स से मृत कोष निकल जाते हैं और नए सेल्स का निर्माण होता है। नियमित फेशियल से चेहरे पर झुर्रिया देर से आती हैं।
जिनकी उम्र 25 वर्ष से अधिक है उनको पंद्रह दिन में एक बार फेशियल करना अपनी आदत बना लेना चाहिए। उचित सफाई के अभाव में प्रदूषण व मेकअप से रोमछिद्र बंद हो जाते हैं और रोमछिद्र बंद हो जाने से सीबम ऑयल बाहर नहीं निकल पाता। इस कारण एक्ने, मुंहासे और ब्लैक हेड्स जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। इनसे छुटकारा पाने के लिए फेशियल एक कारगर उपाय है। साधारण फेशियल में कम से कम एक घटा लग जाता है। फेशियल में काफी भिन्नता है, लेकिन स्टेप्स एक जैसे रहते हैं। अंतर प्रोडक्ट में व उनकी प्रॉपर्टीज में होता है।
सौंदर्य विशेषज्ञ एवं नेचर ऐसेंस ब्यूटी प्रोडक्ट की जनरल मैनेजर सुनीता अरोड़ा कहती हैं कि फेशियल एक प्रकार की फेस एक्सरसाइज है, जिसके जरिए त्वचा के डेड सेल को हटाया जाता है। फेशियल कितनी बार किया जाए यह त्वचा और आयु पर निर्भर करता है, जिसके बारे में जानकारी चार्ट में दी गई है।
जितनी प्रकार की त्वचा होती है, उतनी ही प्रकार के फेशियल हैं। त्वचा में जब कुदरती लचीलापन कम हो जाता है तो उसकी क्लीजिंग और पालिशिग जरूरी हो जाती है। यह फेशियल बखूबी करता है, साथ ही यह त्वचा में कसाव भी लाता है। त्वचा खिली-खिली नजर आती है।
फेशियल कैसे करें :
फेशियल में पहले चेहरे की सफाई की जाती है, फिर मालिश।
सफाई: फेशियल हमेशा साफ व स्वच्छ त्वचा पर ही किया जाता है। सबसे पहले मेकअप को हटाने के लिए स्किन टोनर का इस्तेमाल करें। फिर क्लींजर से, जिसमें कुछ सॉल्टिक तत्व हो, चेहरे को साफ करें। अगर आपकी त्वचा तैलीय है तो गुनगुने पानी या फेशवॉश से चेहरा साफ करें, अगर त्वचा शुष्क है तो ठंडे पानी में कॉटन को भिगोकर चेहरे को पोंछ लें।
फेस स्क्त्रब: मृत त्वचा को हटाने के लिए फेस स्क्त्रब का इस्तेमाल करें। स्क्त्रब अपनी त्वचा के अनुरूप ही प्रयोग करें। जैसे रूखी त्वचा के लिए मॉइश्चरयुक्त स्क्त्रब होना चाहिए।
फेशियल मसाज: अगर त्वचा को मसाज की जरूरत है तो फेशियल मसाज करें। अगर जरूरत नहीं है तो मॉइश्चराइजिंग करें। मॉइश्चराइजिंग में सिर्फ मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करते हैं। अगर मसाज करनी हो तो उसके लिए क्त्रीम का चयन अपनी त्वचा को ध्यान में रखकर ही करें। अगर आपकी त्वचा सामान्य है तो ऑल परपज क्त्रीम, शुष्क है तो विटामिन प्रोटेक्शन क्त्रीम और अगर त्वचा तैलीय है तो ऑयल फ्री क्त्रीम या लोशन का प्रयोग करें।मसाज हमेशा अंदर से बाहर व नीचे से ऊपर की ओर ही करें। आखों के आसपास की त्वचा अत्यंत कोमल होती है इसलिए यहा दबाव डाले बिना ही क्त्रीम लगाएं। मालिश दस से पंद्रह मिनट तक की जानी चाहिए। चेहरे पर जहा सूजन हो उन प्वाइंट्स को हल्के हाथों से दबाते हुए नीचे की दिशा में मालिश करें ताकि उन प्वाइंट्स में एकत्रित पानी धीरे-धीरे नीचे की ओर चला जाए। अगर चेहरे पर फालतू क्त्रीम बच जाए तो उसे कॉटन से पोंछ दें।
स्टीम: स्टीम उस त्वचा पर देते हैं, जिसमें एक्ने हो या जिसके रोमछिद्र बंद हों, क्योंकि भाप लेने से त्वचा के रोमछिद्र खुल जाते हैं और त्वचा को फेसपैक का पूरा लाभ मिलता है। हर त्वचा को फेशियल स्टीम की जरूरत नहीं होती।
फेसपैक: मसाज के बाद चेहरे को साफ करके पैक लगाते हैं। फेसपैक अलग-अलग त्वचा पर अलग-अलग इस्तेमाल करें। फेसपैक कितनी देर तक फेस पर लगा रहे यह आपकी त्वचा व फेसपैक की किस्म पर निर्भर करता है।
मुख्य बात यह है कि फेसपैक सूख जाना चाहिए। इसके बाद ठंडे पानी में स्किन टोनर डालकर एक तौलिया उसमें भिगोकर चेहरे पर रखते हैं। फेस साफ करने के बाद अपनी स्किन के मुताबिक कोई स्किन प्रोटेक्टर यानी सन ब्लॉक या सनस्क्त्रीन लोशन जरूर लगाएं।
फेशियल के महत्व :-
आपके चेहरे की त्वचा सुंदर, स्वच्छ, चिकनी, कोमल और कातिमय है? अगर हा, तो आप भाग्यवान हैं। लेकिन आपकी त्वचा का यह सौंदर्य सदा ऐसा ही बना रहे इसके लिए देखभाल बहुत जरूरी है। फेशियल एक ऐसा सौंदर्य उपचार है, जो त्वचा की कमनीयता को बरकरार रखने में सहायक होता है।
फेशियल रूखी व सामान्य त्वचा के लिए आदर्श है। फेशियल से रक्त संचार बढ़ता है और त्वचा के अंदर की गंदगी बाहर निकल जाती है। फेशियल मसाज के दौरान दिए जाने वाले स्ट्रोक्स से मृत कोष निकल जाते हैं और नए सेल्स का निर्माण होता है। नियमित फेशियल से चेहरे पर झुर्रिया देर से आती हैं।
जिनकी उम्र 25 वर्ष से अधिक है उनको पंद्रह दिन में एक बार फेशियल करना अपनी आदत बना लेना चाहिए। उचित सफाई के अभाव में प्रदूषण व मेकअप से रोमछिद्र बंद हो जाते हैं और रोमछिद्र बंद हो जाने से सीबम ऑयल बाहर नहीं निकल पाता। इस कारण एक्ने, मुंहासे और ब्लैक हेड्स जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। इनसे छुटकारा पाने के लिए फेशियल एक कारगर उपाय है। साधारण फेशियल में कम से कम एक घटा लग जाता है। फेशियल में काफी भिन्नता है, लेकिन स्टेप्स एक जैसे रहते हैं। अंतर प्रोडक्ट में व उनकी प्रॉपर्टीज में होता है।
सौंदर्य विशेषज्ञ एवं नेचर ऐसेंस ब्यूटी प्रोडक्ट की जनरल मैनेजर सुनीता अरोड़ा कहती हैं कि फेशियल एक प्रकार की फेस एक्सरसाइज है, जिसके जरिए त्वचा के डेड सेल को हटाया जाता है। फेशियल कितनी बार किया जाए यह त्वचा और आयु पर निर्भर करता है, जिसके बारे में जानकारी चार्ट में दी गई है।
जितनी प्रकार की त्वचा होती है, उतनी ही प्रकार के फेशियल हैं। त्वचा में जब कुदरती लचीलापन कम हो जाता है तो उसकी क्लीजिंग और पालिशिग जरूरी हो जाती है। यह फेशियल बखूबी करता है, साथ ही यह त्वचा में कसाव भी लाता है। त्वचा खिली-खिली नजर आती है।
फेशियल कैसे करें :
फेशियल में पहले चेहरे की सफाई की जाती है, फिर मालिश।
सफाई: फेशियल हमेशा साफ व स्वच्छ त्वचा पर ही किया जाता है। सबसे पहले मेकअप को हटाने के लिए स्किन टोनर का इस्तेमाल करें। फिर क्लींजर से, जिसमें कुछ सॉल्टिक तत्व हो, चेहरे को साफ करें। अगर आपकी त्वचा तैलीय है तो गुनगुने पानी या फेशवॉश से चेहरा साफ करें, अगर त्वचा शुष्क है तो ठंडे पानी में कॉटन को भिगोकर चेहरे को पोंछ लें।
फेस स्क्त्रब: मृत त्वचा को हटाने के लिए फेस स्क्त्रब का इस्तेमाल करें। स्क्त्रब अपनी त्वचा के अनुरूप ही प्रयोग करें। जैसे रूखी त्वचा के लिए मॉइश्चरयुक्त स्क्त्रब होना चाहिए।
फेशियल मसाज: अगर त्वचा को मसाज की जरूरत है तो फेशियल मसाज करें। अगर जरूरत नहीं है तो मॉइश्चराइजिंग करें। मॉइश्चराइजिंग में सिर्फ मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करते हैं। अगर मसाज करनी हो तो उसके लिए क्त्रीम का चयन अपनी त्वचा को ध्यान में रखकर ही करें। अगर आपकी त्वचा सामान्य है तो ऑल परपज क्त्रीम, शुष्क है तो विटामिन प्रोटेक्शन क्त्रीम और अगर त्वचा तैलीय है तो ऑयल फ्री क्त्रीम या लोशन का प्रयोग करें।मसाज हमेशा अंदर से बाहर व नीचे से ऊपर की ओर ही करें। आखों के आसपास की त्वचा अत्यंत कोमल होती है इसलिए यहा दबाव डाले बिना ही क्त्रीम लगाएं। मालिश दस से पंद्रह मिनट तक की जानी चाहिए। चेहरे पर जहा सूजन हो उन प्वाइंट्स को हल्के हाथों से दबाते हुए नीचे की दिशा में मालिश करें ताकि उन प्वाइंट्स में एकत्रित पानी धीरे-धीरे नीचे की ओर चला जाए। अगर चेहरे पर फालतू क्त्रीम बच जाए तो उसे कॉटन से पोंछ दें।
स्टीम: स्टीम उस त्वचा पर देते हैं, जिसमें एक्ने हो या जिसके रोमछिद्र बंद हों, क्योंकि भाप लेने से त्वचा के रोमछिद्र खुल जाते हैं और त्वचा को फेसपैक का पूरा लाभ मिलता है। हर त्वचा को फेशियल स्टीम की जरूरत नहीं होती।
फेसपैक: मसाज के बाद चेहरे को साफ करके पैक लगाते हैं। फेसपैक अलग-अलग त्वचा पर अलग-अलग इस्तेमाल करें। फेसपैक कितनी देर तक फेस पर लगा रहे यह आपकी त्वचा व फेसपैक की किस्म पर निर्भर करता है।
मुख्य बात यह है कि फेसपैक सूख जाना चाहिए। इसके बाद ठंडे पानी में स्किन टोनर डालकर एक तौलिया उसमें भिगोकर चेहरे पर रखते हैं। फेस साफ करने के बाद अपनी स्किन के मुताबिक कोई स्किन प्रोटेक्टर यानी सन ब्लॉक या सनस्क्त्रीन लोशन जरूर लगाएं।
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