Monday, 27 January 2014

sunbed

sunbed  के जरिए बेहतर टैन पाने के कुछ आसान व असरकारी टिप्स :-


    सनबेड टैन के लिए चेहरे पर सनस्‍क्रीन का इस्‍तेमाल करें।
    शरीर पर ब्राउन्जर लगाने से भी सनबेड टैन में होता है फायदा।
    सनबेड टैन के दौरान आईकप लगाकर आंखों की हिफाजत करें।
    बेड से उठने के बाद अपनी त्वचा पर माश्‍चराइजर लगाना न भूलें।

सनबेड पर टैनिंग लेने से आपको बिना टैन लाइन के समान टैन मिल जाता है। हालांकि सनबेड टैन से आपके शरीर के कुछ हिस्सों पर सफेद निशान भी पड़ सकते हैं, आमतौर पर इस तरह के सफेद निशान बनने की समस्‍या सभी के साथ नहीं होती। अच्छा सनबेड टैन पाने के लिए आपको कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देना चाहिए। इससे आपकी त्वचा की समान रंगत बनी रहेगी।

चेहरे पर सनस्क्रीन लगाएं

अपने चेहरे पर सनस्क्रीन लगाएं। आपके चेहरे की त्वचा शरीर के अन्य हिस्सों के मुकाबले अधिक संवेदनशील होती है। चेहरे की त्वचा के काले और लाल होने का खतरा बाकी शरीर के मुकाबले अधिक होता है। अपने चेहरे पर समान टैनिंग के लिए जरूरी है कि आप उसे बचाकर रखें। टैनिंग सप्लीमेंट कुछ खास मददगार साबित नहीं होते। सनस्क्रीन लगाने के बाद अपने हाथों को अच्छी तरह धो लें।

फायदेमंद है ब्राउन्जर का इस्तेमाल

ब्राउन्जर का इस्तेमाल करें। इसे व्यवस्थित तरीके से लगाएं। थोड़ा ब्राउन्जर अपने हाथों पर लें और इसे अपनी टांगों और छाती पर लगाएं। इसके साथ ही कमर और कंधों पर भी इसका इस्तेमाल करें। आपको अपनी बाजुओं पर सबसे आखिरी में ब्राउन्जर का इस्तेमाल करना चाहिए।

हाथों को रखें साफ

अपने हाथों को अच्छी तरह पोंछ लें। याद रखें कि अगर आपने अतिरिक्‍त ब्रान्जर नहीं हटाया, तो आपकी उंगली के पोर और हथेलियां काली पड़ सकती हैं।

आंखों को बचाएं

आंखों के ऊपर आईकप लगाएं। यह बहुत जरूरी है क्योंकि इससे आपकी आंखें सुरक्षित रहती हैं। आपकी आंखों के आसपास की त्वहचा काफी संवेदनशील होती है और उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने की आवश्यकता होती है। अगर आप इस हिस्सेस की त्वपचा की सही देखभाल नहीं करेंगे, तो इससे आपके चेहरे की रंगत असमान बनी रहेगी।

अधिक दबाव अच्‍छा नहीं

बेड पर आराम करें। टेनिंग बेड से आपके शरीर पर सफेद निशान पड़ सकते हैं। जहां भी आपके शरीर से बेड पर अधिक दबाव पड़ता है, शरीर के उस हिस्से पर निशान पड़ने की आशंका रहती है। आपको आराम से लेटने की जरूरत होती है, ताकि आपके शरीर के किसी एक खास हिस्से पर अधिक जोर न पड़े। आपकी रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से और कंधे की हड्डी पर अधिक जोर पड़ने का खतरा हमेशा बना रहता है। तो आपको बार-बार उन पर अधिक जोर पड़ने से रोकना होता है।

करवट बदलें

उठने से केवल पांच मिनट पहले घूम जाएं। इस दबाव के धब्बे को कम करने और आप अन्यथा सफेद के रूप में प्रकट हो सकता है कि क्रीज से बचने में मदद मिलेगी

माश्‍चराइजर लगाएं त्‍वचा दमक उठेगी

जब आप बेड से उठें तो अपनी त्वचा पर माश्चराइजर लगाएं। अपनी त्वचा को किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाने के लिए काफी मात्रा में लोशन लगाएं। इससे आपकी त्वचा रक्तिम और रंगहीन नहीं लगेगी। इसके साथ ही आप अपनी त्व‍चा को पहले से अधिक साफ और टोन्ड देख पाएंगे।

कम से कम 48 घंटे बाद ही दूसरी बार टैन लीजिए। बहुत जल्‍दी-जल्‍दी टैन लेने से आपकी त्‍वचा को नुकसान पहुंच सकता है।

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skin-tan-problem से राहत पाने और त्‍वचा में चमक लाने के आसान घरेलू उपाय

    त्‍वचा के निखार को वापस लौटाता हैं नींबू का रस, बादाम तेल और शहद।
    गुलाब जल व खीरे का रस चेहरे को ठंडक देने के साथ ही यूवी किरणों से बचाता है।
    दही, बेसन और चंदन पाउडर मिलाकर लगाने से मुंहासों के निशान कम होते हैं।
    नारियल पानी पीने से रंग में निखार आने के साथ ही त्‍वचा मुलायम बनती है।

गर्मियों में चिलचिलाती धूप के कारण त्‍वचा अक्‍सर काली पड़ जाती है। सनस्‍क्रीन और छाता प्रयोग करने के बावजूद सूरज की यूवी किरणें अपना असर दिखा जाती हैं। नतीजतन आपको स्किन टैन की समस्‍या हो सकती है। स्किन टैन में त्‍वचा जगह-जगह से काली पड़ जाती है। घरेलू उपायों से टैनिंग की समस्‍या से बचा जा सकता है।
नींबू का रस, बादाम तेल और शहद आपकी त्‍वचा के निखार को वापस लौटा सकते हैं। बहुत से लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि नहीं जानते कि शुगर आपकी त्‍वचा को साफ करती हैं और नींबू का रस टैन को कम करता है। बटर मिल्‍क त्‍वचा को मुलायम बनाता है और नारियल पानी से चमक आती है। इस लेख के जरिए हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे फेसपैक, जिन्‍हें आप घर में बनाकर टैन से छुटकारा पा सकती हैं।
खीरा और गुलाब जल

गुलाब जल और खीरे के रस को नींबू में मिलाकर चेहरे पर लगाएं। ऐसा करने से आपको स्किन टैन की समस्‍या में राहत मिलेगी। नींबू का रस टैन के उपचार में कारगर होता है। गुलाब जल और खीरे का रस चेहरे को ठंडक देने के साथ ही यूवी किरणों से बचाव करता है।
शहद और नींबू का रस

दो चम्‍मच शहद में कुछ बूंदें नींबू का रस मिलाकर दिन में दो बार चेहरे पर लगाएं। आधे घंटे बाद ठण्‍डे पानी से अपना चेहरा धो लें। इससे आपका चेहरा निखर जाएगा। आप चाहें तो इस मिश्रण को दो से ज्‍यादा बार भी लगा सकती हैं। इससे आपको फायदा ही होगा। शहद जहां आपके चेहरे को जरूरी पोषण देता है, वहीं नींबू का रस त्‍वचा से मैल हटाने का काम करता है।


हल्‍दी का उबटन

हल्‍दी के उबटन से त्‍वचा की खोई हुई रंगत वापस लौटती है। इससे आपकी त्‍वचा गोरी लगती है। उबटन तैयार करने के लिए हल्‍दी पाउडर में नींबू का रस और कच्‍चा दूध मिलाकर पेस्‍ट तैयार कर लें। चेहरे पर लगाने के बाद सूखने तक इंतजार करें। अब इसे ठंडे पानी से धो लें।

ओट्स और बटर मिल्‍क पैक

बटर मिल्‍क त्‍वचा को शुष्‍क और मुलायम बनाता है। एक चम्‍मच पिसे हुए ओट्स को बटरमिल्‍क में मिलाकर पेस्‍ट तैयार करें। इस पेस्‍ट को अपने चेहरे और शरीर के टैन प्रभावित हिस्‍से पर लगाएं। ओट्स पुरानी पड़ चुकी स्किन को अलग करता है और आपकी त्‍वचा में निखार लाता है।

दही और बेसन

ताजे दही में बेसन और नींबू का रस मिलाकर लगाने से त्‍वचा में रंगत आती है। यदि आप इस मिश्रण को नियमित तौर पर दो बार लगाती हैं तो आपको स्किन टैन से छुटकारा मिलेगा। साथ ही यदि आपके चेहरे पर मुंहासों आदि के निशान हैं तो वे भी हल्‍के पड़ जाएंगे।

नींबू रगड़ने से उपचार

यदि आप अपनी कोहनी और घुटनों के साथ ही शरीर के अन्‍य हिस्‍सों को मुलायम व साफ रखना चाहती हैं तो नींबू बहुत फायदेमंद रहता है। ताजा नींबू लेकर उसे अपने शरीर के प्रभावित हिस्‍से में 15 मिनट तक रगड़ें। पूरी तरह सूखने के बाद इसे साफ पानी से धो लें।

नारियल पानी

ताजे नारियल पानी से त्‍वचा के रंग में निखार आता है और त्‍वचा मुलायम बनती है। इसे दिन भर में दो बार हाथों और चेहरे पर लगाना फायदेमंद रहेगा। इसके साथ ही नारियल पानी पीने से त्‍वचा को जरूरी पोषण मिलता है और यह खिल उठती है।

मिल्‍क पाउडर और शहद

मिल्‍क पाउडर, नींबू का रस, बादाम तेल और शहद को बराबर-बराबर मात्रा में लेकर एक मिश्रण तैयार कर लें। चेहरे या शरीर के प्रभावित हिस्‍से में कम से कम 20 मिनट तक लगाएं। लगातार एक हफ्ते तक इस्‍तेमाल करेंगी तो टैन की समस्‍या में आराम मिलेगा। घर पर आपका ज्‍यादा समय व्‍यतीत होता है तो आप इसे दिन में तीन बार भी ट्राई कर सकती हैं।

नींबू और चीनी

चीनी के प्रयोग से भी आपकी त्‍वचा में निखार आता है। पिसी हुई चीनी को नींबू के रस में मिलाकर चेहरे पर 20 मिनट के लिए लगाएं। यदि आपकी शुष्‍क त्‍वचा है तो इस मिश्रण में कुछ बूंद ग्‍लिसरीन की मिलाने के बाद चेहरे पर लगाएं।

उबला हुआ आलू और नींबू

स्किन के टैनिंग का शिकार होने पर उबले हुए आलू में आधा चम्मच नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाएं। इससे स्किन का कालापन दूर होगा। सेब के रस में दो-तीन बूंद गुलाब जल मिलाकर लगाने से डस्की कलर भी फेयर होने लगता है।

इन सबके अलावा संतुलित भोजन भी आपकी त्‍वचा के लिए बेहद जरूरी होता है। अपने भोजन में अनार,गाजर, साबुत अनाज जैसे तत्‍वों को शामिल करें। इसके साथ ही तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। दो साल से बड़े बच्चों पर सनस्क्रीन का इस्तेमाल कर सकते हैं।

nazuk-twacha-ki-dekhbhal-ke-prakritik-upay

nazuk-twacha-ki-dekhbhal-ke-prakritik-upay  :-

नाजुक त्वचा की देखभाल करना आसान काम नहीं है। ऐसी त्वचा पर कोई भी प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से पहले उसकी पूरी जानकारी होना जरूरी है। अगर आपकी त्वचा भी ऐसी है तो उसकी देखभाल के लिए क्यों ना कुछ प्राकृतिक उपाय अपनाया जाए।

कुछ खास व बेहतरीन प्रकृतिक उपायों की मदद से आपके लिए नाजुक त्वचा की देखभाल करना आसान हो सकता है। इन उपायों के नियमित प्रयोग से कुछ ही दिनों में त्वचा चमकदार व खूबसूरत बनेगी। जानें हमारे साथ ऐसे ही कुछ आसान प्रकृतिक उपायों के बारे में-


क्लींजिंग ऑयल

सेंसटिव स्किन को साफ करने के लिए ऑलिव ऑयल, कैस्टर ऑयल को मिलाएं। इस मिश्रण को हथेली पर रगड़ कर गर्म करें और चेहरे पर लगाएं। इसके बाद भीगे कपड़े को गर्म पानी में भीगोएं और कपड़े को अच्छे से निचोड़ कर चेहरे पर तब तक रखें जब तक कपड़ा ठंडा ना हो जाए। इस प्रक्रिया को एक बार से फिर से दोहराएं और पाएं नर्म व चमकदार त्वचा।

शहद मास्क

शहद त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होता है। शहद की थोड़ी सी मात्रा को त्वचा पर लगाएं और दस मिनट बाद चेहरे को धो लें। इससे त्वचा स्मूद व सॉफ्ट रहेगी।

अंडे का मास्क

नहाने से पहले अंडे में ऑरेंज जूस व ऑलिव ऑयल मिलाएं उसमें गुलाब जल व नींबू की कुछ बूंदे भी मिला लें। इस मिश्रण को हर सुबह 15 मिनट के लिए चेहरे पर लगाएं।


चॉकलेट मास्क

त्वचा संबंधी समस्याओं से बचने के लिए चॉकलेट का प्रयोग कर सकते हैं। चॉकलेट मास्क के प्रयोग से चेहरे में चमक बनी रहती है और झुर्रियां व स्ट्रेच मार्क जैसी समस्या दूर रहती है। कोकोआ पाउडर में शहद व मैश किया हुआ एवोकाडो मिलाकर एक पेस्ट बनाए। इस मास्क को चेहरे व शरीर के अन्य हिस्सों पर लगाएं और 15-20 मिनट बाद धो लें।

स्ट्रांग साबुन से बचें

सेंसटिव स्किन के लिए स्ट्रांग साबुन के प्रयोग से बचना चाहिए। कभी भी साबुन का चुनाव उसकी खूशबू से नहीं करना चाहिए। इस तरह के साबुन त्वचा के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं।

आम का मास्क

पके हुए आम के गुदे में चीनी मिलाएं और इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं। 15-20 मिनट के बाद चेहरे को धो लें। इसके बाद किसी भी तरह के लोशन का प्रयोग करने से बचना चाहिए। आम से बने मास्क का प्रयोग चेहरे में जान डाल देता है।

अंडे, शहद व ऑलिव ऑयल मास्क

एक अंडे में शहद व ऑलिव ऑयल मिलकार पेस्ट तैयार करें। इसमें गुलाब जल की कुछ बूंदे डाल लें। इसे 15-20 मिनट के लिए चेहरे पर लगाएं फिर सामान्य पानी से धो लें।

केले का मास्क

पके हुए केले को मैश करके पूरे चेहरे पर अच्छे से लगाएं। इसे लगाने के बाद दस मिनट तक बैठें उसके बाद हल्के गर्म पानी से चेहरे को दो लें।

बादाम व दूध का मास्क

रात भर भीगे हुए 3-4 बादाम को आधे कप दूध में मिलाकर अच्छे से पीस लें। इस पेस्ट को फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें। रात को सोने से पहले इस मिश्रण को लगा लें और अगले दिन सुबह उठकर साफ पानी से चेहरे को धो लें।



ऑरेंज पील फेस मास्‍क

संतरे के छिलके को धूप में कम से कम दो दिन सुखा कर उसका पाउडर बना लीजिये। अब गैस पर मध्‍यम आंच पर एक कप पानी उबालें, उसमें चीनी डाल कर उसे आधा होने तक पकाएं। अब इसमें एक चम्‍मच सूखा संतरे के छिलके वाला पाउडर डालें और चेहरे पर लगाएं। 10 मिनट बाद जब यह सूख जाए तब इसे ऊपर की ओर निकाले। इससे आपके ब्‍लैकहेड्स और डेड स्‍किन दोनों ही साफ होगें।



दही से मसाज

नाजुक त्वचा की देखभाल के लिए दही एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें प्रोबायोटिक तत्‍व होते हैं जो त्‍वचा को साफ कर के उसे अंदर से निखारता है। हर रोज दही से अपने चेहरे की मसाज करें और फर्क महसूस करें।

ab-kisi-bhi-umar-mein-payein-swasth-twacha

ab-kisi-bhi-umar-mein-payein-swasth-twacha  :-

प्रदूषण, धूल-मिट्टी, तनाव, धूप और दौड़भाग न जाने कितनी चीजों का सामना हमारी त्वचा को प्रतिदिन करना पड़ता है। ऐसे में समय रहते उचित देखभाल न करने से तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
हर उम्र में खूबसूरत व आकर्षक दिखने के लिए त्वचा की देखभाल के साथ-साथ स्वस्थ खान-पान भी जरूरी है। जवां दिखने के लिए जरूरी है कि आप अपनी त्वचा की जरूरतों को समझें और उन्हें पूरा करने की कोशिश करें। कुछ खास व आसान उपायों के जरिए आप हमेशा खूबसूरत व जवां दिख सकती हैं। जानें उन उपायों के बारें में- 


सूर्य की रोशनी से बचें

धूप से स्किन को कई तरह से नुकसान पहुंचता है। इस मौसम की तेज धूप भी आपका रंग चुरा सकती है। स्किन टैन होना, झुर्रियां, स्पॉट् व अन्य त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना ना भूलें। सुबह दस से चार के बीच की धूप में निकलने से बचना चाहिए क्योंकि इस समय सूर्य की रोशनी काफी तेज होती है।

चेहरे की सफाई है जरूरी

हफ्ते में एक बार चेहरे की क्लीजिंग, टोनिंग, स्क्रबिंग व मसाज जरूरी है। इसे चेहरे पर जमा डेड स्किन हट जाते हैं और रोम छिद्र खुल जाते हैं जिससे चेहरे में चमक आ जाती है। आप चाहें तो पार्लर या घर पर इस आसानी से कर सकती हैं। 

नमी के लिए पीएं पानी

त्वचा को प्राकृतिक रूप से खूबसूरत बनाना हो तो प्रतिदिन 8-10 लीटर पानी पीएं । इससे त्वचा में कुदरती नमी बनी रहेगी और त्वचा चिपचिपी नजर नहीं आएगी। साथ ही यह शरीर को स्वस्थ और त्वचा को हाईड्रेटेड रखने में मदद करता है।

नाइट क्रीम लगाना ना भूलें

नाइट क्रीम लगाने से त्वचा सवस्थ व चमकदार बनी रहती है। और यह आपकी त्वचा की प्राकृतिक मरम्मत में भी सहायक होता है। नियमित रूप से मॉस्चराइजर का उपयोग झुर्रियों को आने से रोकता है और आपकी त्वचा को कोमल और उज्जवल बनाए रखने में सहायता करता है।

नींद पूरी करना जरूरी है

पर्याप्त मात्रा में नींद न लेने से भी त्वचा तनावपूर्ण और थकी हुई दिखती है। नियमित तौर पर पर्याप्त नींद आपकी त्वचा को स्वस्थ और जवान रखने में सहायक है। जब आप सोते हैं तो आपका शरीर पुनर्जीवन की प्रक्रिया से होकर गुजरता है और अधिक स्वस्थ त्वचा कोशिकाएं उत्पन्न करता है जो झुर्रियों और बुढ़ापे को रोकता है।

आहार का रखें ध्यान

जिस तरह हमारे शरीर को ऑक्सीजन की जरूरत है ठीक उसी तरह हमारी त्वचा के लिए विटामिन की आवश्यकता होती है। कुछ खास तरह के विटामिन आपकी त्वचा की चमक को बरकरार रखने में मदद करता है जैसे विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन ई आदि।

Beauty-treatment

Beauty-treatment :- त्वचा से दाग-धब्बे हटाने के प्राकृतिक उपाय :-

चेहरे के दाग-धब्बे आपकी सुंदरता को बिगाड़ देते हैं। इसके लिए बार-बार डॉक्टर या कॉस्मेटिक का ज्यादा प्रयोग करना नुकसानदेह हो सकता है। ऐसे में कुछ प्राकृतिक उपायों की मदद से इनसे छुटकारा पाया जा सकता है। ये उपाय बिना किसी दुष्प्रभाव के जल्द ही असर दिखाने में कामयाब होते हैं। जानें इन खास व सरल उपायों के बारे में-

बड़े काम का नींबू

    चेहरे के दाग-धब्बे वाले हिस्से पर नींबू का रस लगाएं। उसे तीस मिनट तक रहने दें उसके बाद साफ पानी से चेहरे को धो लें। नींबू का रस चेहरे के दाग-धब्बों को हटाने में मदद करता है। दो महीने तक इस प्रक्रिया को अपनाने के बाद जल्‍द ही आपको फर्क नजर आने लगेगा।
    एक नींबू के रस में थोड़ी सी चीनी को घोल लें। इस मिश्रण को कॉटन के टुकड़े की मदद से दाग वाले हिस्से पर लगाएं। आधे घंटे बाद सामान्य पानी से चेहरे को धो लें।
    नींबू के रस में शहद मिलाएं और पेस्ट को अच्छे से मिक्स करें। इस मिश्रण को चेहरे प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं। आधे घंटे बाद चेहरे को धो लें। नींबू के रस से त्वचा शुष्क हो सकती है लेकिन शहद से त्वचा को मॉशचरराइजर मिलता है जो त्वचा को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है।
    नींबू के रस व दही का पेस्ट बनाएं। आप इस पेस्ट को चेहरे के स्पॉट वाले हिस्से पर रगड़ सकते हैं या मास्क की तरह भी लगा सकते हैं। 20-30 मिनट के बाद चेहरे को सामन्य पानी से धो लें।

स्‍ट्राबेरी है कमाल

स्ट्राबेरी व छिले हुए एप्रिकॉट को मैश करके पेस्ट बना लें। इस मिश्रण को नियमित रुप से चेहरे के स्पॉट वाली जगह पर लगाने से जल्द ही असर दिखायी देगा। ध्यान रहें इस मिश्रण को 15 मिनट के बाद धो लें।     

चावल और तरबूज से निखारें रूप

कच्चे चावल को अच्छे से पीस कर तरबूज के रस में मिलाकर एक मास्क तैयार करें। इसे चेहरे पर लगाएं और पंद्रह मिनट बाद सामान्य पानी से चेहरे को धो लें।

अनानास करे दाग धब्‍बों का नाश

अनानास के रस को कॉटन की मदद से स्पॉट पर लगाएं। प्रतिदिन इसके प्रयोग से चेहरा दाग रहित हो जाएगा।
  
रूप निखारे पपीता

पीपते के गुदे को चेहरे के दाग वाले हिस्से पर हल्के हाथों से रगड़ें। 15-20  मिनट के लिए चेहरे को ऐसे ही छोड़ दें। फिर हल्के गुनगुने पानी से चेहरे को साफ कर लें। ऐसा करने से चेहरे साफ व चमकदार बनेगा।
  

एलोवरा है अमृत
 
एलोवेरा जैल को चेहरे के दाग-धब्बे वाले हिस्से पर लगाएं। इसे चेहरे पर 45 मिनट के लिए छोड़ दें। एक महीने बाद आपको असर दिखाना शुरु हो जाएगा।

कैस्‍टर ऑयल का कमाल

कैस्टर ऑयल (अरंडी का तेल) को चेहरे पर लगाने से दाग-धब्बों से छुटकारा मिलता है। इसके प्रयोग से दाग धीरे-धीरे हल्के पड़ने शुरु हो जाते हैं।

जादू करे आलू

आलू के टुकड़े को दाग वाले हिस्से पर लगा सकते हैं। इसके अलावा मैश आलू, नींबू का रस, दूध की थोड़ी मात्रा व शहद को मिलाकर मास्क बनाएं। इसे स्पॉट वाली जग पर लगाएं। धीरे-धीरे दाग हल्के नजर आने लगेंगे।

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skin-care-at-home  / घर पर कैसे करें त्वचा की देखभाल

त्वचा की देखभाल का जिक्र आते ही अक्‍सर लोग बाजार के महंगे उत्पादों के बारे में ही सोचते हैं। लेकिन क्या आपने कभी घर पर प्राकृतिक चीजों से बने सौंदर्य प्रसाधनों के प्रयोग के बारे में सोचा है। ये सौंदर्य प्रसाधन बिना किसी साइड इफेक्ट के आपको बेदाग निखार देते हैं। 


प्रकृति के कण-कण में खूबसूरती बिखरी हुई है। और इसी प्रकृति की गोद से निकले प्राकृतिक उपाय आपको कितना खूबसूरत बना सकते हैं। खूबसूरती पाना एक सफर है और इसके लिए कदम-दर-कदम बढ़ना होता है।

त्वचा की देखभाल के लिए सबसे पहला स्टेप होता है चेहरे की सफाई यानी की क्लीजिंग। हर दिन त्वचा धूल-मिट्टी व प्रदूषण के संपर्क में आती है, जो केवल पानी से साफ नहीं हो पाती। अगर त्वचा को हर दिन क्लीन न की जाए, तो रोम छिद्र बंद हो जाते हैं। धूप व प्रदूषण के कारण स्किन बेजान, टैन व झुरिर्यों युक्त हो जाती है। जानिए हमारे साथ घर पर रोजाना क्लीजिंग, टोनिंग व मॉइश्चराइजिंग करने के आसान टिप्स।  





क्लीजिंग

चेहरे को प्राकृतिक रुप से साफ करने के लिए घर पर बने क्लींजर का प्रयोग कर सकती हैं। खीरे का रस को थोड़े से दूध के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं। यह नेचरल क्लींजर का काम करेगा। इसके अलावा, केले को मैश करके लगभग 20 मिनट के लिए चेहरे पर लगाकर रखें। यह ड्राई स्किन के लिए बेहद फायदेमंद है।

टोनिंग

क्लीजिंग के बाद त्वचा को टोनिंग अर्थात पोषण की जरूरत होती है। टोनिंग से त्वचा में मौजूद अतिरिक्त तेल का स्राव नियंत्रित होता है और त्वचा में धूल-मिट्टी के कारण जमा गंदगी भी साफ होती है। त्वचा के प्रकार को देखते हुए त्वचा की क्लींजिंग और टोनिंग करें। इस के लिए पपीते और खीरे, टमाटर का जूस व केले का पल्प भी लगा सकती हैं।

स्क्रबिंग

त्वचा की सफाई के लिए स्क्रबिंग भी अच्छा उपाय है। यह त्वचा की बाहरी मृत परत को यह आसानी से हटाता है। साथ ही अतिरिक्त सीबम के बहाव के कारण बंद हुए रोमकूपों को खोलता है ताकि ब्लैकहेड्स न बनने पाएं। सीबम त्‍वचा का प्राकृतिक मॉश्‍चराइजर होता है। स्क्रबिंग से त्वचा का रक्तसंचार व लचीलापन बढ़ता है। ऑरेंज पील पाउडर में कुछ बूंदे एसेंशियल ऑयल व दूध की मिलाकर तैयार पेस्ट से चेहरे की स्क्रबिंग करें। इससे त्वचा साफ-सुंदर हो जाएगी।

मॉश्चरराइजर

त्वचा की नमी को बरकरार रखने के लिए मॉश्चरराइजर का इस्तेमाल जरूरी है। यह त्वचा को कोमल और कांतिमय बनाए रखता है। एवोकाडो, शहद, नींबू का रस व दही को एकसाथ ब्लेंड करें। इस मिश्रण को अच्छी तरह फेंटें जिससे यह क्रीम की तरह हो जाए। आधे घंटे के लिए फ्रिज में रखें। फिर इससे चेहरे और गर्दन की मसाज करें। यह त्वचा की नमी को बरकरार रखने के साथ ही उसे चिकना और कांतिमय बनाए रखता है।

फेस पैक

रूखी, बेजान त्वचा में निखार लाने और उसे चुटकियों में खूबसूरत बनाने के लिए फेस पैक से बेहतर विकल्प कोई और नहीं है। यह न सिर्फ त्वचा को भीतर से खूबसूरत बनाता है, बल्कि उसे साफ करने में भी मदद करता है। एक बाउल में टमाटर का पेस्ट और चार-पांच बूंद नीबू का रस डालकर अच्छी तरह से मिलाएं। अपनी उंगलियों की मदद से इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं और हल्के हाथों से चेहरे पर मसाज करें। इस फेस पैक को चेहरे पर 15 मिनट तक लगा रहने दें और उसके बाद चेहरा साफ कर लें। इस फेस पैक से चेहरे की त्वचा में कसाव आएगा और त्वचा मुलायम व चमकदार बनेगी।

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lady-with-beautiful-lips   त्‍वचा की देखभाल

होठों की झुर्रियों के कारण व बचाव
झुर्रियां या लकीरों का दिखाना बढ़ती उम्र की निशानी मानी जाती है। इसके अलावा बुरी आदतें व दोषपूर्ण जीवनशैली भी इन समस्याओं को बढ़ा देती हैं। ज्यादातर महिलाएं मुंह व होठों  के आसापास की त्वचा पर लकीरों की समस्या से परेशान रहती हैं।



होठों पर झुर्रियां व लाइनों के कई कारण हो सकते हैं। इन कारणों के उपायों के बारे में जानने से पहले एक नजर उन कारणों पर डाल लेते हैं-  

धूम्रपान

धूम्रपान की आदत ना सिर्फ फेफड़ों के लिए हानिकारक होती है बल्कि यह आपके होठों की त्वचा को भी नुकसान पहुंचाती है। धूम्रपान से कोलेजन व इलेस्टिन ( वे तत्व जो त्वचा को सहारा व संरचना प्रदान करते हैं) क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। इसलिए धूम्रपान की आदत को जल्द से जल्द छोड़ने की कोशिश करें।

च्युइंग गम

सुनने में च्युइंग गम खाने की आदत भले ही बुरी ना लगती हो लेकिन ज्यादातर लोग स्मोकिंग के बाद च्युइंग गम खाते हैं जो  होठों पर झुर्रियों का कारण बन सकती है। च्युइंग गम खाने से होठों के आसपास की त्वचा या जॉ लाइन क्षतिग्रस्त होने लगती हैं।    

स्ट्रॉ का प्रयोग

जब आप कोई भी ड्रिंक स्ट्रॉ से पीते हैं तो आपके होठों का आकार सिगरेट पीने के समान हो जाता है। आपने देखा होगा जो लोग सिगरेट पीते हैं उनके होठों पर या इसके आसपास झुर्रियां व लाइनें दिखाई देने लगती हैं। इसी प्रकार स्ट्रॉ का प्रयोग करने वाले लोगों में भी यह समस्या हो सकती है।  

होठों पर झुर्रियों व लाइनों की समस्या से बचने के लिए खास देखभाल की जरूरत होती है। जानें होठों की झुर्रियों से बचने के आसान उपायों के बारे में-

    प्रतिदिन 5 से 6 गिलास पानी पिएं। पानी न सिर्फ शरीर में पानी की पूर्ति करता है बल्कि होंठों की नमी भी बनाए रखता है।
    मौसम में आ रहे बदलाव का सबसे ज्यादा असर होंठों पर पड़ता है, इसलिए अच्छे क्वालिटी का लिप बाम दो से तीन बार लगाएं।
    यदि होठ स्मोकिंग से काले पड़ चुके हैं तो नींबू लगाइये क्योंकि यह प्राकृतिक ब्लीच होता है। जो कि त्वचा का रंग साफ करेगा।
    बहुत लोगों को दांतों से होंठ काटने या चबाने की आदत होती है। इस आदत को बदलें।
    जब आप लिपस्टिक लगाती हैं तब जिस तरह से अपने होठो को बाहर की ओर निकालती हैं, बिल्कुसल वैसा ही रोज करें। ऐसा दिन में 20 बार करें जिससे आपके होठ भरे-भरे लगें।
    देशी गुलाब की भीगी हुई पत्तियों को होठों पर कुछ देर तक नियमित मलें। इससे आपके होठ नेचुरल गुलाबी हो जाएंगे।
    रात को सोने से पहले होंठों पर क्रीम, मलाई, मक्खन या देशी घी हल्के हाथों से कुछ देर मलें। होंठों की त्वचा इससे एक जैसी होकर मुलायम बनी रहेगी।

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girl-with-good-skin       त्‍वचा के साथ न करें ये पांच गलतियां

हर किसी का सपना होता है एक परफेक्‍ट स्किन पाना। हम सब चाहते हैं कि हमारी त्‍वचा कोमल और मुलायम हो। वह पूरी तरह से बेदाग़ हो। इसके लिए हम कई प्रयास भी करते हैं। लेकिन, कई बार हमारी ये कोशिशें अपने अंजाम तक नहीं पहुंच पातीं। इसकी वजह यह होती है कि हम अपनी त्‍वचा को लेकर कुछ गलत और गैरजरूरी फैसले करते हैं।

आप किसी भी जानकार से पूछ सकती हैं। वह आपको यही बताएगा कि अगर महंगे और उत्तम क्‍वालिटी के स्किन प्रोडक्‍ट्स को सही तरीके से इस्‍तेमाल न किया जाए तो वे फायदे के बजाय नुकसान दे सकते हैं। क्‍या आप उन उत्‍पादों को सही तरीके से इस्‍तेमाल करते हैं। शायद नहीं... हम भले ही कितनी ही सावधानियां क्‍यों न बरतें, त्‍वचा सम्‍बन्‍धी उत्‍पादों को इस्‍तेमाल करते समय हमसे अक्‍सर गलतियां हो ही जाती हैं। और उसका खामियाजा हमारी त्‍वचा को भुगतना पड़ता है। आइए जानते हैं ऐसी त्‍वचा सम्‍बन्‍धी पांच गलतियां जो हम अक्‍सर दोहराते हैं-

माश्‍चराइजर क्‍या है
अधिकतर लोग यही सोचते हैं कि माश्‍चराइजर हमेशा अच्‍छे होते हैं। वे मानते हैं कि कोई भी मौसम हो या आपकी त्‍वचा किसी भी प्रकार की हो, माश्‍चराइजर आप कभी भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं। लेकिन, यह बात हर बार सही नहीं होती। माश्‍चराइजर आपकी त्‍वचा को अस्‍‍थायी रूप से मोटा बना सकते हैं। माश्‍चराइजर लगाने से त्‍वचा से पानी बाहर नहीं आ पाता जिससे आपकी त्‍वचा मोटी लग सकती है। अगर आपकी त्‍वचा ऑयली है या आपको मुंहासों की समस्‍या होती रहती है, तो आपको माश्‍चराइजर की जरूरत नहीं है क्‍योंकि इससे आपकी त्‍वचा और ऑयली हो सकती है। आपकी त्‍वचा को रूखापन दूर करने के लिए माश्‍चराइजर की जरूरत होती है। चेहरे के कुछ हिस्‍से को ही माश्‍चराइजर की जरूरत होती है। तो इसका ओवरडोज आकपे लिए अच्‍छा नहीं।



सनस्‍क्रीन
हम तभी सनस्‍क्रीन का इस्‍तेमाल करते हैं जब हमें धूप में बाहर निकलना होता है। लेकिन, इसके अलावा भी सनस्‍क्रीन काफी मददगार हो सकती है। जब भी घर से बाहर निकलें सनस्‍क्रीन का इस्‍तेमाल जरूर करें। भले ही मौसम कैसा भी हो। सूर्य की अल्‍ट्रावॉयलेट किरणें किसी भी मौसम में आपको नुकसान पहुंचा सकती हैं। ये आपकी त्‍वचा के लिए भी नुकसानदेह होती हैं। यहां तक कि जब आप अपनी कार में होते हैं, तब भी ये किरणें आपको काफी नुकसान पहुंचा सकती हैं। सूर्य की किरणें आपकी त्‍वचा के काफी अंदर तक समा जाती हैं जिससे डीएनएन को भी नुकसान पहुंचता है। सन बर्न के कारण आपको स्किन कैंसर भी हो सकता है।


सफाई पसंदगी
अगर आपको अपनी त्‍वचा को बार-बार साफ करने की आदत है, तो यकीन ज‍ानिए आप अपनी त्‍वचा को नुकसान ही पहुंचा रहे हैं। त्‍वचा को साफ करना अच्‍छी आदत है, लेकिन कई बार इससे फायदा कम और नुकसान अधिक होता है, खासतौर पर अगर आपका साबुन काफी हार्ड है तो। साबुन आपके चेहरे से धूल-मिट्टी और एक्‍स्‍ट्रॉ ऑयल तो हटाते ही हैं, लेकिन कई बार आपकी त्‍वचा को काफी रुखा कर जाते हैं। इसके बाद आप उसे साफ करने के लिए एल्‍कोहल आधारित क्‍लींजर का इस्‍तेमाल करती हैं तो इससे आपकी त्‍वचा को और अधिक नुकसान पहुंचता है। त्‍वचा विशेषज्ञ आपको हलके क्‍लींजर इस्‍तेमाल करने की सलाह देते हैं।


मेकअप लगाकर सोना
कभी भी यह गलती न करें। रात को सोने से पहले सारा मेकअप उतार कर सोयें। मेकअप में धूल-मिट्टी और ऑयल फंसा हुआ हो सकता है और सारी रात इसे लगाकर सोने से ये कण चेहरे के रोमछिद्रों में फंस सकते हैं। इसके साथ ही मेकअप में कुछ ऐसे पदार्थ भी हो सकते हैं, जो कुछ समय के बाद आपकी त्‍वचा में जलन पैदा कर सकते हैं। तो, इसलिए सोने से पहले मेकअप उतारना एक अच्‍छी आदत है। और आपको यह जरूर करना चाहिए।


अपने चेहरे को गलत तरीके से धोना
आपको अपना चेहरा हमेशा सही तरीके से धोना चाहिये। अपना चेहरा हमेशा अपने बाल धोने के बाद धोयें। बाल धोते समय को कंडीशनर या बाल धोने के उत्‍पाद चेहरे को एक बार दोबारा 'धो' देते हैं। कंडीशनर से आपको काफी नुकसान हो सकता है। और साथ ही कुछ उत्‍पादों में नारियल तेल होता है। इससे आपके चेहरे पर मुंहासों की समस्‍या हो सकती है। तो पहले अपने बाल धोयें और उसके बाद अपना चेहरा धोयें।

kaise-kare-scalded-skin-syndrome-ka-upchar

kaise-kare-scalded-skin-syndrome-ka-upchar  त्‍वचा की देखभाल कैसे करें


स्केलडेड स्किन सिंड्रोम एक प्रकार का त्वचा संक्रमण है। इसमें त्वचा क्षतिग्रस्त हो जाती है और उतरने लगती है। स्टाफ संक्रमण के कारण उत्पन्न विषाक्‍त पदार्थ, स्केलडेड स्किन सिंड्रोम का कारण बन सकते हैं। यह रोग अक्सर नवजात को बुखार, दाने और कभी-कभी फफोले जैसे लक्षणों के साथ होता है। इस संक्रमण का उपचार संभव है। इस लेख को पढ़ें और स्केलडेड स्किन सिंड्रोम और इसके उपचार के बारे में जानें।


स्केलडेड स्किन सिंड्रोम
स्केलडेड स्किन सिंड्रोम एक संक्रमण है जो स्टाफीलोकोकस बैक्टीरिया की विकृति के कारण होता है। यह बैक्टीरिया विष का उत्पादन करता है। इस विष के त्वचा क्षतिग्रस्‍त हो जाती है। इस स्थिति में त्वचा पर छाले हो जाते हैं। छालों के फूटने पर त्वचा लाल हो जाती है और ऐसी लगती है कि जैसे वह जल गई हो। स्केलडेड स्किन सिंड्रोम पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में सबसे ज्‍यादा पाया जाता है।


स्केलडेड स्किन सिंड्रोम की शुरूआत स्थानीय स्टाफिलोकोकल संक्रमण से होती है। यह संक्रमण दो प्रकार के विष (एपिडर्मोलिटिक विषाक्‍त पदार्थों ए और बी) के कारण उत्पन्न होता है। यदि आपके बच्‍चे के शरीर पर जले होने जैसे निशान दिखाई दें तो यह चिंताजनक हो सकता है। यदि यह बिगड़ जाये तो स्केलडेड स्किन सिंड्रोम जीवन के लिए भी घातक साबित हो सकता है। इसलिए इस रोग का उपचार तत्काल कराना चाहिए। बच्‍चों के साथ ही यह रोग वयस्‍कों में गुर्दे की विफलता और प्रतिरक्षा क्षमता में कमी के कारण हो सकता है।

स्केलडेड स्किन सिंड्रोम के लक्षण


स्केलडेड स्किन सिंड्रोम के लक्षण निम्‍न लिखित हैं-

- फफोले
- बुखार
- त्वचा का छिलना या गिरना (छूटना या विशल्कन)
- त्वचा में दर्द
- त्वचा में लालिमा (एरथीम), यह शरीर के अधिकांश भाग में फैल जाती है।


 स्केलडेड स्किन सिंड्रोम का उपचार
स्केलडेड स्किन सिंड्रोम के उपचार के लिए मरीज को अस्पताल में रहना पड़ता है। स्टाफिलोकोकल संक्रमण को खत्म करने के लिए नसों में एंटीबायटिक दवाओं को देने की आवश्यकता होती है। इस रोग के उपचार के लिए फ्लोक्लोक्सिसलीन, पेनेसिलिनेस तथा स्टैफलोकोकल जैसे एंटीबायटिक दी जाती हैं। समय बीतने के बाद दवाओं को बदला जा सकता है। रोगी की स्थिति में सुधार होने पर चिकित्‍सक मरीज को छुट्टी दे सकता है, लेकिन घर पर भी उपचार जारी रहता है।

 स्केलडेड स्किन सिंड्रोम के अन्य उपचार
- पैरासिटामोल जब बुखार और दर्द के लिए जरूरी हो तो
- तरल और इलेक्ट्रोलाइट मात्रा को बनाए रखें।
- त्‍वचा नाजुक होने पर देखभाल

स्केलडेड स्किन सिंड्रोम के लक्षण भयानक होते हैं। फिर भी यदि इस प्रकार के रोगी को शुरूआत में ही सही चिकित्‍सा मिल जाये तो यह 5 से 7 दिन के अंदर ठीक हो जाता है।

 स्केलडेड स्किन सिंड्रोम में की जाने वाली जांच


इसमें जांचकर्ता डॉक्टर शारीरिक परीक्षा कर त्वचा की जांच करता है। यह जांच समय लेती है क्‍योंकि इसमें त्वचा बहुत नाजुक हो जाती है और मामूली रगड़ लगने पर छिल सकती है।

 इस जांच में शामिल हैं-
- पूर्ण रक्‍त गणना (सीबीसी)
- त्वचा और गले के कल्चर
- इलेक्ट्रोलाइट परीक्षण
- त्वचा बॉयोप्‍सी (दुर्लभ मामलों में)

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यह त्‍वचा की एक समस्‍या है जो स्‍टफ बैक्‍टीरिया के संक्रमण के कारण होता है। स्‍केलडेड स्किन सिंड्रोम सबसे ज्‍यादा नाक पर होता है। यह समस्‍या, सर्जरी, किसी प्रकार की चोट आदि के कारण भी हो सकती है।



स्‍केलडेड स्किन सिंड्रोम में संक्रमण होने पर त्‍वचा जली हुई दिखाई देती है। यह छोटे बच्‍चों और नवजातों में ज्‍यादा होती है, पांच साल के कम उम्र के बच्‍चे इसकी चपेट में ज्‍यादा आते हैं। आइए हम आपको स्‍केलडेड स्किन सिंड्रोम होने के प्रमुख कारणों के बारे में बताते हैं।

स्‍केलडेड स्किन सिंड्रोम के कारण

    स्‍केलडेड स्किन सिंड्रोम संक्रमण के कारण होता है, इसके लिए स्‍टेफीलोकोकस (Staphylococcus) बैक्‍टीरिया जिम्‍मेदार है। यह बैक्‍टीरिया त्‍वचा को नुकसान पहुंचाता है। यह बैक्‍टीरिया जहर का उत्‍पादन करता है, जो त्‍वचा को जलाता है और त्‍वचा जली हुई दिखती है।
    इसे जली हुई त्‍वचा सिंड्रोम भी कहते हैं। यह बैक्‍टीरिया त्‍वचा, आंखों और नाक पर सबसे ज्‍यादा पाया जाता है।
    यह संक्रमण फोड़े और फुंसियों के कारण भी फैलता है। यदि त्‍वचा पर कोई घाव हो जाए और उसकी देखभाल अच्‍छे से न हो तो संक्रमण फैल सकता है।
    नवजात शिशुओं की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है जिसके कारण वे इस बैक्‍टीरिया से सबसे ज्‍यादा प्रभावित होते हैं। यह रोग बड़ों को बहुत कम होता है।
    जिन लोगों का इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर होता है, उनको यह संक्रमण सबसे ज्‍यादा होता है। जिनके गुर्दे फेल हो जाते हैं उनको भी यह बैक्‍टीरिया संक्रमित करता है।
    दवाओं के दुष्‍प्रभाव और कीमोथेरेपी के दौर से गुजरने वाले लोगों को भी स्‍टेफीलोकोकल बैक्‍टीरिया संक्रमित कर सकता है।
    स्‍टेफीलोकोकस रोगाणु किसी के खांसने, छींकने या फिर तौलिए के इस्‍तेमाल करने से दूसरे व्‍यक्ति को भी फैल सकता है। कभी-कभी यह संक्रमण आदमी के अंदर होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह किसी के माध्‍यम से फैलता है।
इस बीमारी के लक्षण -

स्‍केलडेड स्किन सिंड्रोम होने पर त्‍वचा पर फफोले पड़ जाते हैं, बुखार आता है। जिस जगह पर यह होता है वहां की त्‍वचा छिल जाती है, इसके साथ ही उस जगह बहुत ही दर्द होता है। त्‍वचा जली हुई प्रतीत होने जैसे लक्षण इस संक्रमण के फैलने के बाद दिखाई देते हैं।

 स्‍केलडेड स्किन सिंड्रोम होने पर तुरंत चिकित्‍सक से संपर्क कीजिए, नियमित दवाओं का प्रयोग करने से इसका इलाज संभव है।

ड्राई बॉडी ब्रशिंग से पहले जानें ये बातें

ड्राई बॉडी ब्रशिंग से पहले जानें ये बातें
हो सकता है ड्राई ब्रशिंग नाम आप पहली बार सुन रही हो लेकिन, इसका प्रयोग आपकी त्वचा को खूबसूरत व चमकदार बना सकता है। ड्राई ब्रशिंग का प्रयोग केवल चेहरे पर ही नहीं बल्कि पूरी बॉडी पर किया जा सकता है। यह शरीर की मृत कोशिकाओं को हटा कर त्वचा में जान डाल देता है। 
क्या है ड्राई बॉडी ब्रशिंगhttp://www.onlymyhealth.com/imported/images/2013/July/02_Jul_2013/a-woman-brushing-her-arm-300x450.jpg

ड्राई ब्रशिंग के जरिए बॉडी पर जमा गंदगी व डेड सेल्स से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके अलावा यह सैल्युलाइट यानि वसा से भी निजात दिलाता है। सेल्युलाइट के कारण शरीर पर असामान्य उभार व स्ट्रेच मार्कस आ जाते हैं। जिसके चलते महिलाएं अपनी उम्र से बड़ी नजर आती है। इस समस्या में बॉडी ब्रशिंग तकनीक मददगार साबित हो सकती है। इससे त्वचा की रंगत और प्रकार को ठीक किया जा सकता है।

कैसे करें बॉडी ब्रशिंग

    ब्रशिंग हमेशा नहाने से पहले सूखी त्वचा पर करना चाहिए। कभी भी गीली त्वचा पर ब्रशिंग नहीं करें। इससे त्वचा को नुकसान हो सकता है। 
    ब्रशिंग के प्रयोग किया जाने वाला ब्रश नर्म, मुलायम व लंबे हैंडल वाला होना चाहिए जिससे आप अपने बैक पर भी ब्रशिंग कर सकें।
    ब्रशिंग करते समय हल्के हाथों से ब्रश या लूफाह को ऊपर से नीचे लेकर जाएं। इस तरह से पूरी बॉडी पर यह प्रक्रिया अपनाएं।
    हमेशा अपने ऐंकल यानि टखने से शुरु करते हुए हृदय की तरफ ऊपर आएं। इसके अलावा चेहरे को छोड़कर इसे पूरे शरीर पर करना चाहिए। 
    बैक पर ब्रशिंग करते समय ब्रश को ऊपर से नीचे की ओर लेकर जाएं। बैक पर ब्रशिंग के दौरान आप देख नहीं सकती हैं इसलिए यहां पर ब्रशिंग करते समय ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
    ऐंकल पर ब्रशिंग के बाद पैर की निचले हिस्सों, जांघो, पेट व बांह आदि पर ब्रशिंग करना शुरु करें। संवेदनशील जगहों जैसे सीने व स्तनों पर ब्रशिंग के दौरान सावधान रहना चाहिए।
    ध्यान रहें कि कभी भी सर्नबर्न, रेशेज, घावों व चोट पर ब्रशिंग ना करें। इससे त्वचा संबंधी समस्या हो सकती है।
    शॉवर लेने से पहले यह जरूर देख लें कि बॉडी की गंदगी व डेड स्किन साफ हो गए या नहीं।
    शॉवर लेने के बाद शरीर पर मॉशचरराइजर लगाना ना भूलें। इससे त्वचा चमकदार व खूबसूरत दिखेगी। आप चाहें तो नारियल तेल का भी प्रयोग कर सकती हैं।


ड्राई ब्रशिंग की जरूरत क्यों

    डेड स्किन सेल से निजात पाने के लिए।
    सेल्युलाइट कम करने के लिए। 
    वजन कम करने के लिए।
    त्वचा को चमकदार बनाने के लिए। 

 कितना समय लगता है- ड्राई ब्रशिंग में कम से कम पांच मिनट व ज्यादा से ज्यादा 10-15 मिनट लगते हैं। इस प्रक्रिया को आप मियमित रुप से नहाने से पहले दिन में एक बार कर सकती हैं। आप चाहें तो दिन में दो बार भी कर सकती हैं।

ड्राई स्किन ब्रशिंग के फायदे

ड्राई स्किन ब्रशिंग के फायदे
अकसर रुखी व बेजान त्वचा होने के कारण आपका लुक खराब हो जाता है। ड्राई स्किन को स्वस्थ व खूबसूरत बनाने के लिए ब्रशिंग की मदद ली जाती है।



http://www.onlymyhealth.com/imported/images/2013/July/01_Jul_2013/A-body-brush-with-towel-300x450.jpgदेखभाल व सफाई की जरूरत सिर्फ चेहरे की त्वचा को नहीं होती है। बॉडी पर जमा डेड सेल्स व धूल मिट्टी के कारण त्वचा की चमक खोने लगती है। नियमित रुप से साफ सफाई व ब्रशिंग के जरिए आप त्वचा को चमकदार व खूबसूरत बना सकती हैं। शरीर पर जमा टॉक्सिन को निकालने के लिए ब्रशिंग एक अच्छा तरीका माना जाता है।


ड्राई स्किन ब्रशिंग के फायदे

    ड्राई स्किन ब्रशिंग की मदद से बॉडी पर जमा डेड स्किन सेल को दूर किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में ज्यादा समय नहीं लगता है। बस नहाते समय लूफाह या ब्रश के जरिए आप इससे कर सकती है। इस प्रक्रिया के बाद आपको त्वचा में खुद फर्क नजर आने लगेगा।
    ड्राई स्किन ब्रशिंग से बॉडी में रक्त का संचार बढ़ जाता है साथ ही त्वचा चमकदार व खूबसूरत लगने लगती है।
    इससे त्वचा में कसाव आता है।  इस प्रक्रिया को लगातार करने से बॉडी के टॉक्सिन निकल जाते हैं। यह लिंफेटिक सिस्टम को मजबूत बनाता है जिससे इम्मयून सिस्टम ठीक रहता है।
    ब्रशिंग के मांसपेशियों को स्वस्थ बनाने के साथ शरीर की चर्बी को भी कम करने में मददगार साबित होती है। यह प्रक्रिया गर्भवस्था में सूजन व वेरीकॉज वेंस से बचाता है।
    ब्रशिंग से हार्मोन व तेल ग्रंथियों को उत्तेजित बनाता है। ध्यान रखें त्वचा शरीर का सबसे बड़ा अंग है, इसलिए त्वचा का स्वस्थ होना जरूरी है। ब्रशिंग के बाद त्वचा के रोम छिद्र खुल जाते हैं जिससे त्वचा खुलकर सांस ले सकती है।

ध्यान रखें

    ब्रशिंग के लिए हमेशा सॉफ्ट ब्रश का प्रयोग करें जैसे लंबे हैंडल वाला ब्रश व लूफाह।
    अगर त्वचा में किसी प्रकार के रैशेज, घाव व चोट हो तो ब्रशिंग नहीं करनी चाहिए।
    रैशेज व संक्रमण  के दौरान ब्रशिंग करने से हो सकता है कि यह संक्रमण पूरे शरीर में फैल जाए।  
    कभी भी ब्रश को पानी से भीगोएं नहीं। हमेशा सूखे ब्रश का प्रयोग करें।
    ध्यान रखें कि आप अपने ब्रश को कम से कम हफ्ते में एक बार पानी या साबुन से जरूर धोएं। जब आप ब्रश को धोएं तो उसे कुछ देऱ हवा में सूखने के लिए रख दें। अच्छी तरह सूखने के बाद ही इसे दोबारा प्रयोग करें।
    ब्रशिंग के दौरान त्वचा पर ज्यादा दबाव ना डालें। हल्के व धीरे-धीरे से त्वचा पर ब्रशिंग करें। अगर आप ज्यादा जोर डालेंगीं तो त्वचा में रेडनेस व खुजली की समस्या हो सकती है।
    स्किन ब्रशिंग के परिणाम के लिए आपको इस प्रक्रिया को नियमित रुप से करना चाहिए। इसके परिणाम दिखने में कम से कम एक महीने का समय लगता है। इसलिए निराश होने की जगह इसे नियमित रुप से अपनाएं।

 

त्वचा से वैक्स हटाने के उपाय

त्वचा से वैक्स हटाने के उपाय
वैक्सिंग एक ऐसी प्रकिया है जिसमें महिलाओं को त्वचा के अनचाहे बालों से छुटकारा मिलता है। महिलाओं में इसका चलन जोरों पर है। लेकिन कई बार वैक्स के त्वचा पर रह जाने के कारण त्वचा संबंधी समस्या सामने आती है।



http://www.onlymyhealth.com/imported/images/2013/June/21_Jun_2013/woman-grooming-with-wax-300x450.jpgखूबसूरत व चमकदार पाने के लिए महिलाएं अकसर वैक्सिंग की मदद लेती हैं। लेकिन कभी-कभी वैक्सिंग के दौरान थोड़ी मुश्किलें भी आती हैं। खासकर तब जब आपने नया-नय वैक्सिंग करवाना शुरु किया है। अकसर सख्त बालों को वैक्सिंग से निकालने के बाद त्वचा पर पैचेजेज या रेडनेस की समस्या हो जाती है। यह सब तब होता है जब वैक्स त्वचा से ठीक से साफ नहीं हो पाता है। वैक्सिंग के जरिए नर्म व खूबसूरत त्वचा पाने व त्वचा से वैक्सिंग हटाने के उपाय के लिए पढ़ें-



हल्का गर्म पानी
पहले एक साफ कपड़े को हल्के गर्म पानी में डूबोएं। इस बात का ध्यान रखें कि पानी ज्यादा गर्म ना हो क्योंकि वैक्सिंग के बाद त्वचा काफी सेंसटिव हो जाती है और उसमें खुजली व रडनेस होनी की संभावना बढ़ जाती है। शरीर के जिस जगह पर वैक्सिंग की गई है वहां पर भीगे हुए कपड़े को एक मिनट के लिए छोड़ दें। फिर उसे हल्के हाथों से पोछें। त्वचा को पोछते समय कपड़े को ऊपर से नीचे लेकर आएं।

ऑलिव ऑयल
ऑलिव ऑयल त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होता है। कॉटन के टुकड़े को ऑलिव ऑयल, बेबी ऑयल व मिनरल ऑयल में भीगोएं। उसके बाद वैक्स वाली जगह को तेल में भीगे हुए कॉटन से साफ करें। ऑयल से वैक्स आराम से आपकी त्वचा से निकल जाएगा और आपकी स्किन में किसी तरह की चिपचिपाहट महसूस नहीं होगी।

पैट्रोलियम जैली
त्वचा पर लगे वैक्स को हटाने के लिए पैट्रोलियम जैली की मोटी परत लगाएं। दो तीन मिनट के बाद इसे गर्म पानी में भीगे कॉटन या साफ कपड़े की मदद से साफ कर लें। इससे त्वचा पर लगा वैक्स आसानी से चुटकियों में निकल जाएगा।


खीरे का रस
वैक्स को हटाने के लिए एक साफ तौलिए को हल्के गर्म पानी में भीगो दें। फिर उस तौलिए से वैक्सिंग वाली जगह को हल्के हाथों से साफ करें। इसके बाद त्वचा में खुजली, दाने व रेडनेस की समस्या से बचने के लिए खीरे के रस का प्रयोग करें। 

मेकअप से बचें
वैक्सिंग करवाने के 12 घंटे तक आप उस पर साबुन, परफ्यूम या हेवी मेकअप न करें और न ही सीधे धूप में निकलें। वैक्सिंग के बाद त्वचा काफी देर तक सेन्सटिव रहती है इसलिए इन चीजों का खास खयाल रखना चाहिए।



 

क्‍या खतरनाक है सनस्‍क्रीन

क्‍या खतरनाक है सनस्‍क्रीन
आपके साथ भी ऐसा हुआ होगा कि गर्मियों के मौसम में तेज धूप में बाहर निकलने से आपने परहेज किया होगा। अक्‍सर तेज धूप आपको घर से बाहर न निकलने पर मजबूर कर देती है। इसका प्रमुख कारण होता है कि आप स्किन बर्न से बचना चाहते हैं। कभी मजबूरी में आप बाहर निकल भी जाते हैं तो यह एक्‍सपीरियंस आपके लिए अच्‍छा साबित नहीं होता।
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हालांकि आजकल बाजार में आ रहे सनस्‍क्रीन लोशन ने सनस्‍क्रीन के असर को काफी कम कर दिया है। आप इन पर भरोसा भी कर सकते हैं। लेकिन ये आपके लिए कितने सुरक्षित हैं या आपकी त्‍वचा के लिए खतरनाक हैं? क्‍या इस तरह के लोशन सूर्य की किरणों से त्‍वचा पर होने वाले असर और स्किन कैंसर से आपको बचा सकते हैं? ऐसे तमाम सवाल आपके भी दिमाग में आते होंगे और शायद ये सब सोचकर आप भी टेंशन में आ जाते हैं।

तेज धूप में सूरज की किरणों का आपकी स्किन पर असर न हों, इसके लिए आप सनस्‍क्रीन लोशन का इस्‍तेमाल करते हैं। और न जानें ऐसी ही चीजों पर कितना पैसा खर्च कर देते हैं। आगे बात करते हैं सनस्‍क्रीन लोशन के फायदे और नुकसान के बारे में।

सनस्‍क्रीन लोशन है फायदेमंद
सनस्‍क्रीन लोशन की समय-समय पर काफी आलोचना होती रहती है और इसी डिबेट के बढ़ने पर इसे यूज करने वालों के लिए अच्‍छी खबर आ जाती है। अमेरिकन अकादमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के मुताबिक सूरज की धूप आपकी त्‍वचा के लिए लाभदायक होती है। सूरज की धूप से आपकी त्‍वचा को स्किन कैंसर से लड़ने में मदद मिलती है।

सनस्‍क्रीन से बचाव के लिए बाजार में मिलने वाले विभिन्‍न प्रोडक्‍ट्स और लोशन के बारे में कहा जाता है कि ये सूर्य की किरणों के बुरे असर को रोकने में कारगर साबित होते हैं। सूरज की यूवीबी किरणें सनबर्न और स्किन कैंसर के लिए जिम्‍मेदार होती हैं। सनस्‍क्रीन लोशन में टाइटेनियम डाइऑक्‍साइड, मेक्‍सोरल एसएक्‍स, एवोबेनजोन और जिंक ऑक्‍साइड मिला होता है, जो सूरज की किरणों से होने वाले बुरे असर से आपकी सुरक्षा करता है।

सनस्‍क्रीन लोशन है खतरनाक
बतौर ग्राहक आपका फर्ज है कि जिस प्रोडक्‍ट को आप इस्‍तेमाल कर रहे हैं उसके बारे में आपको पूरी जानकारी हो। आप सनस्‍क्रीन लोशन को यूज करते हैं तो इसमें कौन-कौन से कैमिकल मिले हैं आदि जानकारी आपको होनी चाहिए। यह भी पाया गया है कि सनस्‍क्रीन लोशन इस्‍तेमाल करने वाले 831 लोगों में से 84 फीसदी की त्‍वचा पर यह बुरा असर डाल रहा था।

सनस्‍क्रीन लोशन को तैयार करने में यूज किए गए कैमिकल्‍स जैसे बेंजोफेनिन, होमोसाल्‍ट और ऑक्‍टल मैथोक्‍सिनमेट त्‍वचा पर बुरा असर डालते हैं। ये कैमिकल्‍स आपके बॉडी सिस्‍टम पर भी विपरीत असर डालते हैं।

यदि आप भी सनस्‍क्रीन लोशन को इस्‍तेमाल करते हैं या इसे इस्‍तेमाल करने के बारे में सोच रहे हैं तो इसकी सुरक्षा से जुड़ी कुछ जानकारी और सुझाव हम आपके साथ साझा कर रहे हैं।

    ऐसे सनस्‍क्रीन लोशन से परहेज करें जिसमें ज्‍यादा मात्रा में कैमिकल्‍स को यूज किया गया हो।
    ऐसे लोशन को चुनें जो सूर्य की किरणों के पड़ने पर परिवर्तित न हो। इसके लिए जिंक ऑक्‍साइड बेहतर विकल्‍प होगा।
    यदि आप सनस्‍क्रीन लोशन यूज करें तो प्रत्‍येक दो घंटे बाद इसे दुबारे से लगाने की आदत डाल लें। क्‍योंकि यह फेस पर लगाने के एक घंटे बाद अपना असर करना धीरे-धीरे बंद कर देता है।
    धूप में निकलने पर हो सके तो टोपी या कपड़े का इस्‍तेमाल करें।


त्वचा के लिए ग्लायकोलिक एसिड के फायदे व नुकसान


त्वचा के लिए ग्लायकोलिक एसिड के फायदे व नुकसान
ग्लायकोलिक एसिड, अल्फा हाइड्रोक्सील एसिड के समूह में से ही एक है। यह प्राकृतिक रुप से गन्ने व अंगूर में पाया जाता है। इसका प्रयोग त्वचा के उपचार के लिए किया जाता है जैसे एक्ने, केमिकल पीलिंग व एक्सफोलिएशन आदि।
http://www.onlymyhealth.com/imported/images/2013/June/20_Jun_2013/twacha-ke-liye-glycolic-acid-ke-fayde-aur-nuksaan-300x450.jpgग्लायकोलिक एसिड की कुछ मात्रा क्रीम व लोशन में मौजूद होती है,जो त्वचा के उपचार के लिए प्रयोग की जाती है। इस तरह के लोशन का प्रयोग फेशवॉश के लिए किया जाता है। इसे चेहरे पर लगाने के बाद फिर साफ पानी से चेहरे को धो लेना चाहिए। यह डेड स्किन को हटाकर त्वचा के रोमछिद्रों को खोलता है जिससे त्वचा फिर से ग्लो करने लगती है।


ग्लायकोलिक एसिड के फायदे

    ग्लायकोलिक एसिड एक प्राकृतिक एक्सफोलिएंट होने के कारण त्वचा को स्वस्थ व चमकदार बनाता है। इससे त्वचा नर्म व मुलायम हो जाती है। ग्लायकोलिक एसिड मिले उत्पादों का लंबे समय तक प्रयोग करने से झुर्रियां, एंटी एजिंग के निशान चेहरे पर दिखाई नहीं देते हैं। इसके अलावा ये चेहरे को स्मूथ बनाता है जिससे एक्ने व अन्य तरह के दाग गायब हो जाते हैं।
    ग्लायकोलिक एसिड का प्रयोग यूवी रेज से डैमेज हुए स्किन में जान डालने के लिए किया जाता है। जब सूर्य की रोशनी त्वचा की नमी सोखकर उसे ड्राई कर देती है तो ग्लायकोलिक एसिड का प्रयोग त्वचा में खोई नमी व चमक को वापस लाता है।
    पिगमेंटेशन व भूरे रंग क निशान त्वचा की आम समस्याओं में से एक है। ग्लायकोलिक एसिड के नियमित इस्तेमाल से रंग निखरने के साथ ही इन समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है।
    कुछ मामलों में ग्लायकोलिक एसिड के प्रयोग से एक्ने की समस्या से निजात मिल सकता है। यह ऑयली व शुष्क त्वचा में इस प्रकार संतुलन बनाता है जिससे एक्ने की समस्या का समाधान हो जाता है।
    ग्लायकोलिक एसिड फेशवॉश के रुप में भी इस्तेमाल किया जाता है। जिससे त्वचा की क्लींजिंग के साथ-साथ उसे पोषण व मॉश्चरराइजर भी मिलता है।


ग्लायकोलिक एसिड के साइड इफेक्ट

    ग्लायकोलिक एसिड बहुत ही शक्तिशाली एसिड है। त्वचा के उपचार के लिए इसकी थोड़ी सी मात्रा प्रयोग करनी चाहिए। आप चाहें तो किसी स्किन के डॉक्टर से इसकी मात्रा के बारे में सलाह ले सकते हैं।
    ग्लायकोलिक एसिड हर तरह की स्किन की केमिकल पीलिंग के लिए उपयुक्त नहीं है। त्वचा पर ग्लायकोलिक एसिड की कितनी मात्रा लगानी चाहिए इसका सही उत्तर आपका डॉक्टर बेहतर बता सकता है। इसलिए कभी-कभी खुद से ग्लायकोलिक एसिड का प्रयोग शुरु ना करें।
    ग्लायकोलिक एसिड का सबसे बड़ा साइड इफेक्ट है कि वह पीलिंग के बाद चेहरे पर काले व भूरे निशान छोड़ जाता है। इसके अलावा त्वचा में खुजली, रेडनेस व सूजन भी आ जाती है।

 

डेड स्किन हटाने के उपाय

डेड स्किन हटाने के उपाय
चेहरे पर जमा मृत त्वचा यानी डेड स्किन आपकी सुंदरता में दाग लगा सकती है। डेड स्किन आपकी खूबसूरती को बिगाड़ने के साथ धीरे-धीरे त्वचा को डैमेज कर देती है।
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स्वस्थ व खिली-खिली त्वचा पाने के लिए त्वचा को मॉश्चरराइज व क्लींजिंग करना बहुत जरूरी। ये दो प्रक्रिया आपकी स्किन को सूर्य, हवा, धूल व ऑयल से बचाती है। अगर आप त्वचा की उचित देखभाल नहीं करेंगी तो धीरे-धीरे त्वचा शुष्क हो कर डेमैज हो जाएगी। बाहर निकलने से धूल मिट्टी के कारण चेहरे की त्वचा पर मृत सेल्स जमा हो जाते हैं। जानिए हमारे साथ डेड स्किन को हटाने के कुछ खास उपायों के बारे में-


गुनगुने पानी से सफाई

चेहरे से डेड स्किन को हटाने के लिए गुनगुने पानी का सहारा लें। गुनगुने पानी में किसी साफ कपड़े या कॉटन को डूबोएं और उससे चेहरे को पोछें। ध्यान रहें ज्यादा गर्म पानी का इस्तेमाल चेहरे के मॉश्चर को छीन लेगा और स्किन ड्राई हो सकती है।


स्क्रब चमकाएं त्वचा

चेहरे से डेड स्किन हटाने का सबसे अच्छा व सरल तरीका है स्क्रबिंग। इससे चेहरे की मृत त्वचा आसानी से हट जाती है और आपकी त्वचा फिर से चमकने लगती है। स्क्रबिंग के लिए माइल्ड स्क्रब का ही प्रयोग करना चाहिए साथ ही स्क्रबिंग हमेशा हल्के हाथों से करें। उसके बाद चेहरे को सामान्य पानी से अच्छे से धोएं।   

क्लीजिंग है जरूरी

रात को सोने से पहले चेहरे पर किसी तरह का मेकअप नहीं होना चाहिए। क्लींजिंग मिल्क के जरिए चेहरे को अच्छी तरह से साफ करें और नाइट क्रीम लगाकर सोएं।

दूध व पपीता निखारे चेहरा

दूध में पपीते के गुदे को अच्छे से मिक्स करके चेहरे पर लगाएं। पपीते में एक प्रकार का एंजाइम होता है जो कि डेड स्किन को निकाल कर चेहरे के दाग-धब्बों को दूर करता है। इस मिश्रण को गदर्न तथा चेहरे पर लगाएं, फिर 2 मिनट के लिये मसाज करें। इसके बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लीजिये। आपका चेहरा ग्लो करने लगेगा।

फेसमास्क हटाए डेड स्किन

डेड स्किन को हटाने के लिए फेसमास्क का प्रयोग भी फायदेमंद हो सकता है। यह धूल और मृत त्वचा से आपके चेहरे को दूर रखता है। चने के आटे का स्क्रब भी आपको फायदा दे सकता है।

ध्यान से चुनें फेसवॉश

चेहरे के लिए फेशवॉश का चुनाव करते समय यह जरूर ध्यान रखें कि वो ऑयल फ्री होना चाहिए। साथ ही सैलिसाइलिक एसिड युक्त फेसवॉश प्रयोग करें क्योंकि यह सैलिसाइलिक एसिड एंटी बैक्टीरियल होती है और मृत त्वचा को हटाने में मदद करती है।


एक्स्फोलिएशन क्रीम सॉफ्ट हो

अगर आप चेहरे पर बारीक ग्रेन्यूल्स युक्त स्क्रब का प्रयोग करती है , तो चेहरे की त्वचा डेड सेल्स से मुक्त रहेगी । इससे स्किन नर्म व मुलायम दिखाई देगी। इसमें कोमल क्लींजिंग बीड्स होते हैं जो डेड स्किन सेल्स को एक्स्फोलिएशन द्वारा निकालते हैं। ध्यान रहे कि एक्स्फोलिएशन क्रीम में इतने कड़े दरदरे दाने नहीं होने चाहिए , जिससे त्वचा को नुकसान पहुंचे।

त्वचा को मॉश्चरराइज करें

आप चाहें तो चेहरे के लिए स्क्रब की जगह लैक्टिक एसिड या एवोकैडो व स्ट्राबेरी युक्त मॉश्चरराइजर का इस्तामाल कर सकते हैं। यह त्वचा कि मृत कोशिकाओं को हटा कर त्वचा में नमी प्रदान करता है।


चेहरे के लिए अमृत है एलोवेरा

चेहरे के लिए अमृत है एलोवेरा:-
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एलोवेरा औषधीय गुणों का भण्‍डार है। यह त्वचा को कोमल और चमकदार बनाने में मदद करता हैं। इसके एंटी-ऑक्सीडेंट गुण त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करते हैं। एलोवेरा न केवल स्किन सेल के नवीनीकरण की प्रक्रिया में मदद करता है, बल्कि त्वचा को नमी बनाए रखने की क्षमता भी देता

सौंदर्य उत्‍पादों में एलोवेरा का इस्‍तेमाल इन दिनों काफी बढ़ गया है। कई नामी-गिरामी कम्‍पनियां एलोवेरा के गुणों के कारण उसका इस्‍तेमाल अपने उत्‍पादों में कर रही हैं। लेकिन, भारत में इसका इस्‍तेमाल सदियों से होता आ रहा है। इसे साइलेंट हीलर तथा चमत्कारी औषधि भी कहा जाता है। इसकी 200 से ज्यादा प्रजातियां हैं लेकिन इनमें से 5 प्रजातियां हीं हमारे स्वास्‍थ्‍य के लिए लाभकारी हैं

एलोवेरा को ग्वार पाठा या धृतकुमारी के नाम से भी जाना जाता है। अपने अद्भुत गुणों के कारण इसे चमत्‍कारी पौधा माना जाता है। प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में भी इसके गुणों का विवरण किया गया है।

एलोवेरा से त्‍वचा और बालों को मिलने वाले लाभ बहुत अधिक है, यह आज के समय में सौंदर्य उत्‍पादों का सिद्वांत घटक बन गया है। इसके अलावा, एलोवेरा से कटे और घावों को ठीक करने के लिए भी इसका इस्‍तेमाल किया जाता हैं।
एलोवेरा आपकी त्वचा के लिए अच्छा क्‍यों है?

सनबर्न में फायदेमंद
एलोवेरा में सनबर्न से लड़ने के शक्तिशाली चिकित्‍सा गुण होते है। इसके हर्बल एक्स्ट्रैक्ट त्‍वचा पर सुरक्षात्‍मक परत के रूप में काम करते है और साथ ही इसके एंटी ऑक्‍सीडेंट गुण नमी की कमी की भरपाई करने में मदद करते हैं। इसलिए जब भी आप धूप में घर से बाहर जाएं तो एलोवेरा का रस अच्‍छी तरह से अपने चेहरे पर लगा कर जायें।  

त्‍वचा के लिए मॉश्‍चराइजर
एलोवेरा के एक्स्ट्रैक्ट मॉइस्चराइजिंग उत्पादों में इस्तेमाल किये जाते है। यह तैलीय त्‍वचा के लिए भी आदर्श माना जाता है क्‍योंकि इससे त्‍वचा चिकनी नही लगती। वह महिलायें जो मिनरल बेस मेकअप का उपयोग करती है उनकी त्‍वचा की ड्राईनस को कम करने के लिए एलोवेरा मॉइस्चर के रूप में भी कार्य करता है।

 मुंहासों में फायदेमंद
एलोवेरा में औक्सिन और गिब्‍बेरेल्लिंस जैसे दो कंपाउंड्स होते है जो घाव को भरने, मुंहासों को हटाने और चेहरे के दाग-धब्‍बों को दूर करने में मदद करते है। गिबेरेल्लिन नए सेल्‍स के विकास को उत्तेजित करता है और जो त्‍वचा के निशान को जल्‍दी और स्‍वाभाविक तरीके से बहुत कम कर देता हैं। इसलिए कहा जाता हैं कि एलोवेरा स्किन क्लींजर का भी काम करता है।

 झुर्रियों से बचाव
एलोवेरा की पत्तियों में एंटीऑक्‍सीडेंट जैसे बीटा कैरोटीन, विटामिन सी और ई त्वचा में लोच बनाये रखने में मदद करते हैं। इसलिए, यदि आप अपनी त्वचा पर एलोवेरा का उपयोग करती है तो आपकी त्‍वचा में कसाव आएगा और त्‍वचा हाइड्रेटेड बनी रहेगी।

चमकदार त्वचा के लिए एलोवेरा फेस पैक

• एक चुटकी हल्‍दी, एक चम्मच शहद, एक चम्‍मच दूध और गुलाब जल की कुछ बूंदों का मिश्रण बना लें।
• इसमें थोड़ा सा एलोवेरा का जैल मिला लें और इसे अच्छी तरह से मिक्‍स करें।
• चेहरा और गर्दन पर लगायें।
• 20 मिनट के लिए रखें और फिर ठंडे पानी से धो दें।


टैन हटाने के लिए एलोवेरा फेस मास्क

• नींबू के रस की कुछ बूंदों में एलोवेरा मिश्रण मिलायें।
• प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
• 15 मिनट के लिए छोड़ दें।
• ठंडे पानी से धोएं।

 पिग्मन्टेशन मार्क्स हटाने के लिए एलोवेरा फेस पैक

• एलोवेरा और गुलाब जल को मिलाकर पेस्ट तैयार करें। 
• इसे चेहरे पर लगाए और कम से कम 15 मिनट के लिए इसे ऐसे ही रहने दें।
• ठंडे पानी से चेहरे को धो लें।

फटे होंठ छीन न लें आपकी मुस्‍कान

फटे होंठ छीन न लें आपकी मुस्‍कान

मुस्‍कुराते होंठ किसे अच्‍छे नहीं लगते। लेकिन फटे होंठ आपके चेहरे से छीन लेते हैं आपकी प्‍यारी सी मुस्‍कान। चेहरे की खूबसूरती को बनाएं रखने के लिए होंठों का स्‍वस्‍थ होना बहुत जरूरी है।
फटे होंठ न सिर्फ पीड़ादायक होते हैं, बल्कि यह आपके चेहरे से छीन लेते हैं आपकी सबसे खूबसूरत चीज... आपकी मुस्‍कान। इन रुखे और फटे होंठों के साथ मुस्‍कुराना आसान नहीं होता। लेकिन, कुछ बातों का ध्‍यान आप इस तकलीफ से निजात पा सकती हैं। इससे आपके होंठ हो जाएंगे नाजुक। और आपके चेहरे पर लौट आयेगी आपकी प्‍यारी सी मुस्‍कान। आइये जानें ऐसे ही कुछ टिप्‍स के बारें में।

एक्स्फोलीऐट
जिस प्रकार से हम स्किन को फेशियल से एक्‍स्‍फोलीऐट करते है ठीक उसी तरह फटे होंठों को भी एक्‍स्‍फोलीऐट करते हैं। इसमें टूथब्रश या गर्म गीले कपड़े की मदद से मृत त्‍वचा को हटाया जाता है। एक्‍स्‍फोलीऐट के बाद होंठों पर हीलिंग ऑइंटमेंट लगाने की जरूरत पड़ती है। साथ ही इस बात का भी ध्‍यान रखना होगा कि इस प्रक्रिया को करने के एक घंटे बाद तक कुछ भी खाना-पीना नहीं चाहिए। यदि इसे सोने से पहले किया जाएं तो यह ज्‍यादा फायदेमंद साबित होता है।



सनस्क्रीन और लिप बाम का उपयोग
आप लिप बाम, सनस्क्रीन या अन्‍य ऐसे ही किसी उत्‍पाद का इस्‍तेमाल करें जिनसे आपके होंठ फटने से बचे रहें। हमेशा मुलायम बने रहें। इस तरह के उत्पाद के इस्‍तेमाल से होठों की नमी बरकरार रहती है और यह उन्‍हें हाइड्रेटेड रहने में मदद करता है जिससे यह जल्‍दी ठीक होते हैं। पेट्रोलियम जेली की कोटिंग एक प्रभावी मॉइस्चराइजिंग लिप बाम है जो फटे होंठों को ठीक करने के तरीकों में से एक हैं।

पानी
दमकते होंठों के लिए पर्याप्‍त मात्रा में पानी पीने की जरूरत होती है। पानी पीने से शरीर के बाकी हिस्‍सों की तरह होंठ भी हाइड्रेटेड रहते हैं और फटने से भी बचते हैं।



आहार और विटामिन का सेवन

विटामिन बी, विटामिन सी और आयरन की कमी से भी होंठों पर दरार पड़ जाती हैं। इसलिए आपको पता होना चाहिए कि किन सब्जियों, फलों और अन्य कार्बनिक स्रोतों के माध्यम से आपके आहार में ये पोषक तत्व पर्याप्‍त मात्रा में उपलब्‍ध है। वैकल्पिक रूप से आप विटामिन और आयरन की आवश्यकता के लिए रोजाना एक मल्टीविटामिन ले सकते हैं।

यह सब न करें
कई लोगों की आदत होती हैं जब उनके होंठ सूखने लगते हैं तो वह उसे जीभ लगा कर गीला कर लेते हैं। इससे आपको कुछ देर के लिए बेहतर लग सकता है, लेकिन यह वास्‍तव में फिर से सूख जाते हैं। इसलिए ऐसा करने के स्‍थान पर बाम से होठों को रीच करें। धूम्रपान से भी होंठ फट जाते हैं, इसलिए जब तक आपके फटे होंठ ठीक नहीं हो जाते तब तक धूम्रपान से बचें। इसके अलावा, इस दौरान कॉस्‍मेटिक के ज्‍यादा इस्‍तेमाल से भी परहेज करना चाहिए।


फटने से पहले रोकें
अगर आप होंठों को फटने से पहले रोकने के लिए उपाय करेंगे तो यह कम फटेंगे। होंठों को जरूरत पड़ते ही लिप बाम लगाना शुरू कर दें ताकि व‍ह दिन भर कोमल बने रहें। अपने होंठों को जीभ लगाने से बचें क्‍योंकि आपकी यह आदत फटे होंठों के लिए जिम्‍मेदार होती हैं। हवा या ठंड के दिनों में भी आपके होंठ फट सकते हैं। साथ ही घर में ह्यूमिडफाइअर का उपयोग करना चाहिए और बाहर जाने पर होठों को स्‍कार्फ से कवर करके जाना चाहिए।
अगर आपके सूखे और फटे होंठ किसी भी हालत में उपर्युक्‍त उपायों से ठीक नहीं हो रहे हैं तो आपको एक बार अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

 

पीलिंग समस्या को कैसे रोकें

पीलिंग समस्या को कैसे रोकें
क्‍या आपकी त्‍वचा की पपड़ी उतर जाती है। क्‍या आपकी त्‍वचा की परत अपने आप ही उतरने लगती है। इसमें घबराने या डरने की कोई बात नहीं है। हमारी त्‍वचा हर 28 दिनों में पीलिंग (त्‍वचा की ऊपरी परत का छिलना या हटना) की प्रक्रिया से गुजरती है। त्‍वचा की पुरानी कोशिकायें मरती हैं और नयी कोशिकायें जन्‍म लेती हैं।
लेकिन, यह प्रक्रिया कई बाहरी कारणों से भी हो सकती है। पीलिंग के कई कारण हो सकते हैं जैसे सनबर्न, एक्जिमा, सराइअसिस व रुखी त्वचा। इन सभी स्थितियों में त्वचा में खुजली व मृत त्वचा की पीलिंग होती है। जानें त्वचा की पीलिंग के कारणों के बारे में विस्तार से- 

सनबर्न
बहुत ज्यादा सूर्य की रोशनी में रहने पर त्वचा की ऊपरी परत पर असर पड़ता है। सूर्य की हानिकारक यूवी किरणें त्वचा को क्षतिग्रस्त कर देती हैं, जिससे त्वचा की परत हटने लगती है। शॉवर लेने, सफेद सिरके के प्रयोग से क्षतिग्रस्त त्वचा को ठीक करने में मदद मिलती है।

एक्जिमा
एक्जिमा, त्वचा पर होने वाला एक प्रकार का रैशेज है, जो त्वचा में खुजली व पीलिंग पैदा करता है। त्वचा में खुजली व लाल हो जाना इसके मुख्य लक्षण हैं। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपंर्क करना चाहिए।

सराइअसिस
यह भी एक प्रकार का त्वचा रोग है जिसमें त्वचा की ऊपरी परत हटने लगती है। इस अवस्था में त्वचा रंग भी फीका पड़ने लगता है।इस अवस्था में डॉक्टर से कंसल्ट कर तुरंत इलाज शुरु करवाएं।  

पीलिंग को रोकने के कुछ असरकारी उपायों के बारें में जानें-

मॉश्चराइजर का प्रयोग

अक्सर त्वचा रुखी होने के कारण उसकी ऊपरी परत हटने लगती है। ऐसे में मॉश्चराइजर के प्रयोग से त्वचा नरम व मुलायम बनी रहती है। जिस जगह पर पीलिंग की समस्या हो वहां पर नियमित रुप से एंटीऑक्सीडेंट मॉश्चराइजर के प्रयोग से त्वचा का निर्माण जल्दी होता है।  ]

एलोविरा लगाएं

एलोविरा जेल त्वचा के पीलिंग को रोकने में मददगार हो सकता है। एलोविरा के पौधे से निकलने वाले जॅल को दिन में दो बार पीलिंग वाली जगह पर लगायें और कुछ समय बाद साधारण पानी से धो लें। आप चाहें तो एलोविरा का पौधा घर पर भी लगा सकते हैं।
विटामिन ई युक्त तेल का प्रयोग

विटामिन ई

विटामिन ई त्वचा को मॉश्चराइज करने के लिए काफी अच्छा माना जाता है साथ ही यह त्वचा में होने वाली लालिमा व पीलिंग को भी रोकता है। इस विटामिन युक्‍त तेल इस तेल को नियमित रुप से पीलिंग वाली जगह पर हल्के हाथों से रगड़ें और फर्क देखें।

प्राकृतिक उपाय

    प्राकृतिक ओट्स को स्क्रब के रुप में इस्तेमाल करें। हल्के हाथों से इसे पीलिंग वाली जगह पर लगायें और थोड़ी देर बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें।
    पुदीने की पत्तियों को पीस कर पीलिंग वाली जगह पर लगाएं। इसे त्वचा को ताजगी मिलेगी साथ ही यह त्वचा को पीलिंग से भी बचाएगा। 
    प्राकृतिक मॉश्चराइजर के लिए पीलिंग वाली जगह पर शहद से मालिश करें। आधे घंटे बाद साफ पानी से धो लें। इसे त्वचा मॉश्चराइजर को अवशोषित कर लेगी और आगे से पीलिंग की समस्या नहीं होगी।
    ऑलिव ऑयल, शहद व हल्दी को अच्छे से मिलाएं और इसे पीलिंग वाली जगह पर नियमित रुप से लगाएं।
    खाने में विटामिन ए,बी,सी युक्त भोजन को शामिल करें। हरी सब्जियों व ताजे फलों के सेवन से पीलिंग की समस्या से निजात मिल सकता है।

यूं हटाएं चेहरे से भूरे निशान

यूं हटाएं चेहरे से भूरे निशान
चेहरे पर भूरे धब्‍बों के लिए मुख्‍यतौर पर सूरज की अल्‍ट्रावायलेट किरणें जिम्‍मेदार होती हैं। सूर्य की इन पराबैगनी किरणों से चेहरे पर पड़ने से त्‍वचा पर मेलानोसाइट्स नामक कोशिकाओं का उत्‍पादन होता है। इसी सेल्‍स के ज्‍यादा उत्‍पादन होने से चेहरे पर ब्राउन स्‍पॉट यानी भूरे रंग के धब्‍बे बनते हैं। इन धब्‍बों को कई अन्‍य नामों से भी जाना जाता है - ब्‍लैक स्‍पॉट, लिवर स्‍पॉट, एज (उम्र) स्‍पॉट, सन स्‍पॉट आदि।
आमतौर पर यह धब्‍बे चेहरे पर, गर्दन पर, सीने पर, कंधे पर, हाथ पर दिखाई देते हैं। इन धब्‍बों के लिए सूर्य की रोशनी के अलावा कई अन्‍य कारक भी जिम्‍मेदार हैं, अन्‍य कारक जैसे - उम्र का बढ़ना, आनुवांशिक कारण, रजोनिवृत्ति, गर्भावस्‍था, डायबिटीज, कैंसर, विटामिन-सी और बी12 की कमी, तनाव आदि। लेकिन, कुछ उपायों को अपनाकर चेहरे पर पड़ने वाले इन धब्‍बों से छुटकारा पाया जा सकता है।

ब्राउन स्‍पॉट को हटाने के तरीके -

नींबू का रस
नींबू विटामिन-सी का सबसे अच्‍छा स्रोत माना जाता है। यह चेहरे से भूरे धब्‍बों को हटाने में बहुत मदद करता है। ताजे नींबू के जूस को धब्‍बे वाली जगह पर लगाइए। इसे लगभग एक घंटे तक लगा रहने दीजिए, उसके बाद ठंडे पानी से चेहरे को साफ कर लीजिए। दो महीने तक धब्‍बों वाली जगह पर नींबू का रस नियमित रूप से लगाने से धब्‍बे हट जाते हैं। जिसकी त्‍वचा संवेदनशील हो वह नींबू के रस के साथ गुलाबजल या शहद को मिलाकर प्रयोग करे। इसके अलावा आप नींबू के रस के साथ चीनी मिलाकर भी प्रभावित क्षेत्र पर लगाया जा सकता है।

बटरमिल्‍क या छाछ
छाछ में मौजूद लैक्टि एसिड त्‍वचा के लिए बहुत फायेदमंद होता है। बटरमिल्‍क का प्रयोग करके चेहरे के ब्राउन धब्‍बों से निजात पायी जा सकती है। कॉटन का एक छोटा टुकड़ा लेकर उसमें छाछ की कुछ बूंदें गिरा लीजिए, उसके बाद कॉटन की सहायता से धब्‍बों वाली जगह पर छाछ लगाइए। लगभग 10‍ मिनट बाद सामान्‍य पानी से चेहरा धो लीजिए। वे लोग जिनकी त्‍वचा तैलीय है अथवा जो लोग मुंहासों की समस्‍या से परेशान हैं, तो बटरमिल्‍क में नींबू का रस मिलाकर भी चेहरे के दाग-धब्‍बों पर लगा सकते हैं। एक-एक चम्‍मच छाछ और टमाटर का रस मिलाकर भूरे धाग वाले हिस्‍से पर लगाने से धब्‍बे हट जाते हैं।


एलोवेरा
एलोवेरा यानी घृतकुमारी में रोग-निवारक गुण कूट-कूटकर भरे हैं। इसका सेवन जहां कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है, वहीं चेहरे पर इसे लगाने से दाग-धब्‍बे दूर करने में मदद मिलती है। एलोवेरा जैल लेकर धब्‍बों वाली जगह पर लगाइए, चेहरे पर लगभग आधे घंटे तक जेल को लगा रहने दीजिए और उसके बाद सामान्‍य पानी से अपना चेहरा धो लीजिए। नियमित रूप से एक महीने तक इस क्रिया को दिन में दो बार दोहराइए। सुबह खाली पेट 3-4 चम्मच एलोवेरा का रस पीने से दिन-भर शरीर में शक्ति व चुस्ती-स्फूर्ति बनी रहती है।

दही
दूध के मुकाबले दही सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है। दही में कैल्शियम, प्रोटीन, लैक्टोज, आयरन, फास्फोरस पाया जाता है। चेहरे से भूरे धब्‍बों को हटाने में भी दही फायदेमंद होता है। रात को सोने से पहले दही लेकर धब्‍बे वाली जगहों पर लगाइए, लगभग 20 मिनट बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लीजिए। सकारात्‍मक परिणाम पाने के लिए इस क्रिया को नियमित रूप से एक-दो महीने प्रयोग कीजिए।

चेहरे से धब्‍बे हटाने के लिए इन उपायों को अपनाने के अलावा धूप में टहलना कम कीजिए, ज्‍यादा मात्रा में पानी पीजिए, नियमित योग और व्‍यायाम कीजिए। धूप में बाहर जाने से पहले अच्‍छी क्‍वालिटी की सनस्‍क्रीम का प्रयोग अवश्‍य करें। इसके अलावा भी आपके धब्‍बे नही हट रहे हों तो एक बार चिकित्‍सक से संपर्क अवश्‍य कीजिए।


बच्चों के लिए ब्यूटी टिप्स

बच्चों के लिए ब्यूटी टिप्स

‘बच्चों के लिए ब्यूटी टिप्स’ का अर्थ यह नहीं है कि आप बच्चों की त्वचा पर मेकअप के सामान का प्रयोग करें। बच्चों की त्वचा काफी सेंसटिव व कोमल इसलिए उनकी त्वचा पर कोई भी क्रीम लगाने से पहले उसमें मिलें तत्वों को जरूर पढ़ लें। बच्चे अक्सर खेलकूद में इतने मग्न हो जाते हैं कि वे अपने हाथ-पैर व चेहरे का उचित खयाल नहीं रख पाते। ऐसे में आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप उनका खयाल रखें। ध्यान रहे बच्चों की त्वचा को सुंदर बनाने के लिए किसी मेकअप की जरूरत नहीं है उनकी त्वचा के लिए उचित साफ-सफाई व देखभाल ही पर्याप्त होती है। जानिए बच्चों की त्वचा की देखभाल करने के आसान उपाय :

पोषण युक्त आहार दें

अगर आप बच्चों को पोषण युक्त आहार देंगी तो उनकी त्वचा हमेशा चमकती रहेगी। अक्सर बच्चे हेल्दी चीजें खाने में आनाकानी करते हैं। यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप उन्हें हेल्दी चीजें खाने की आदत डालें । अगर एक बार यह बच्चों की आदत में शामिल हो गया तो वे खुद ही आपसे इन चीजों की मांग करने लगेंगे। बच्चों को दूध, चीज, अंडे, मछली, हरी सब्जियां व फलों का सेवन करना चाहिए। 


बालों का ध्यान
अपने बच्चों को बालों व चेहरे की साफ सफाई के बारे में बताएं। बच्चों के बालों के लिए हमेशा माइल्ड शैंपू का प्रयोग करना चाहिए साथ ही बच्चों के बालों को रुखे व बेजान होने से रोकने के लिए रात को सोते समय बालों में नियमित रुप से तेल लगाएं। इस उम्र में बच्चों के बाल छोटे ही रखने चाहिए जिससे उनकी उचित देखभाल हो सके। 

हैंडवॉश की आदत डालें

खेलते समय या अन्य किसी कारण से बच्चों के हाथ में धूल मिट्टी या अन्य तरह के कीटाणु जमा हो जाते हैं। इसलिए बच्चों को हमेशा हाथ धोने की आदत डालें। खासतौर पर खाना खाने से पहले बच्चों को हाथ धोने के लिए जरूर कहें। यह एक अच्छी आदत है जो बच्चों को बीमार पड़ने से बचाती है।
साफ-सफाई जरुरी
बच्चों को गर्मियों के मौसम में दिन में दो बार नहलाना चाहिए और त्वचा के सूखने के बाद बेबी पाउडर का प्रयोग जरूर करें। इससे बच्चे ताजगी का एहसास करते हैं। ध्यान रहें बच्चों को कभी भी डीयोडेरेंट की आदत ना डालें। यह उनकी त्वचा के लिए नुकसानदेह हो सकता है। 

पर्याप्त नींद जरूरी

बच्चे हो या बड़े खूबसूरत त्वचा के लिए पर्याप्त नींद हर किसी के लिए जरुरी है। बच्चे दिन भर की थकान के बाद जब बिस्तर पर जाते हैं तो यह जरूरी हो जाता है कि वे एक अच्छी नींद ले। नींद पूरी नहीं होने पर बच्चे थके हुए व चिड़चिड़े से रहते हैं। जब बच्चे नींद पूरी कर लेते हैं तो खुद को हल्का व ताजगी भरा महसूस करते हैं।

एक्ने से बचने के उपाय

एक्ने से बचने के उपाय
एक्ने त्वचा संबंधी एक गंभीर समस्या है। ज्यादातर युवा इस समस्या से परेशान रहते हैं। इससे ना सिर्फ चेहरे की सुंदरता खराब होती है बल्कि सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है। कई बार सेहत खराब होने से एक्ने की समस्या अपनेआप शुरु हो जाती है।

क्यों होती है एक्ने की समस्या

एक्ने की समस्या तब शुरु होती है जब त्वचा में तैलीय ग्रंथियां अधिक सक्रिय व अनियमित ढंग से कार्य करने लगती हैं। बहुत अधिक तैलीय ग्रंथियों के रिसाव के कारण त्वचा के रोमछिद्र खुल जाते हैं और त्वचा पर उभर आते हैं जिसके परिणामस्वरूप ब्लैक हेड्स और एक्ने की समस्या उत्पन्न होती है। वहीं दूसरी ओर युवावस्था में हार्मोनल बदलाव के कारण स्किन के ऑयल ग्लैंड्स में होने वाले परिवर्तनों के कारण भी एक्ने की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

एक्ने के कारण

       त्वचा का तैलीय होना एक्ने होने का मुख्य कारण है।
       हार्मोनल समस्या भी एक प्रमुख कारण है।
       दवाओं का रिएक्शन भी इस समस्या को उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
       कब्ज के कारण भी मुंहासों की समस्या उत्पन्न होती है।
       घटिया क्वालिटी के सौन्दर्य प्रसाधनों के प्रयोग करने से भी ये समस्या उत्पन्न हो जाती है।

एक्ने से बचने के उपाय
चेहरे की सफाई जरूरी

आपके चेहरे पर एक्ने हो या ना हो नियमित रुप से चेहरे की सफाई जरूरी है। चेहरे पर जमा धूल-मिट्टी, तेल व डेड स्किन एक्ने के कारण हो सकते हैं। फेसवॉश का चुनाव करते समय यह जरूर ध्यान रखें कि वो ऑयल फ्री होना चाहिए। साथ ही सैलिसाइलिक एसिड युक्त फेसवॉश प्रयोग करें क्योंकि यह सैलिसाइलिक एसिड एंटी बैक्टीरियल होती है और मृत त्वचा को हटाने में मदद करती है।

मॉश्चराइजर का रखें ध्यान
एक्ने की समस्या चेहरे पर जमा तेल की वजह से होती है। इससे छुटकारा पाने के लिए हमेशा जेल युक्त मॉश्चराइजर का प्रयोग करें इससे चेहरे पर नमी बनी रहती साथ ही स्किन ऑयली भी नहीं लगती है। अगर आपकी त्वचा रुखी है तो कोशिश करे मॉश्चराइजर के लिए क्रीम या लोशन का प्रयोग करें। ध्यान रहें हमेशा मॉश्चरराइजर लगाने से पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ करना ना भूलें।

मेकअप से बचें

एक्ने की समस्या के दौरान फाउंडेशन, पाउडर व ब्लशर का इस्तेमाल करने से बचें। अगर आपको किसी कारणवश मेकअप करना पड़ता है तो रात को सोने से पहले चेहरे पर लगे मेकअप को अच्छी तरह से साफ करें। कोशिश करें ऑयल फ्री कॉस्मेटिक का इस्तेमाल करें। कोई भी सामान खरीदने से पहले उसमें शामिल पदार्थों के बारे में जरूर पढ़ें।

हाथों को चेहरे से दूर रखें

बार-बार अपने हाथों को चेहरे पर ना ले जाएं इससे आपके हाथों में जमा कीटाणु व गंदगी से चेहरे पर खुजली व संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कभी भी चेहरे पर हुए पिंपल को अंगुलियों से ना छूएं इससे अन्य जगहों पर भी इंफेक्शन होने का खतरा रहता है।

बाहर निकले जरा संभल कर

सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट किरणें चेहरे पर सूजन व लालिमा का कारण हो सकती है। इसलिए जब भी घर से बाहर निकले तो सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूर करें। ये आपकी स्किन को यूवी किरणों से बचाने में मदद करता है। ध्यान रहे घर से निकलने के 15 मिनट पहले सनस्क्रीन लगाएं।

आहार पर दे ध्यान

ज्यादातर स्किन डॉक्टरों का मानना है कि चॉकलेट, चिप्स, जंक फूड जैसे आहार चेहरे पर पिंपल होने का कारण हो सकते हैं। इस लिए स्वस्थ त्वचा पाने के लिए हरी सब्जियों, फल व फलों के जूस का सेवन करना चाहिए। साथ ही ऐसे पदार्थों का सेवन करें जिसमें बीटा कैरोटीन व विटामिन ए पाया जाता है। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए।

ध्यान रहे

चेहरे को धोने के लिए माइल्ड फेसवॉश ही प्रयोग करें साथ ही डियोडेरेंट बॉडी शोप से चेहरा काभी ना धोएं। यह त्वचा संबंधी अन्य समस्याओं को कारण बन सकता है। चेहरे को साफ करने के लिए पर स्क्रब, लूफा आदि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। हमेशा हल्के हाथ से या साफ मुलायम कपड़े से चेहरे को साफ करें।


पुरुषों के लिए ब्यूटी टिप्स

पुरुषों के लिए ब्यूटी टिप्स

सुंदर दिखने की चाह केवल महिलाओं में ही नहीं होती, पुरुष भी चाहते हैं कि वे खूबसूरत नजर आएं। अब वो दौर नहीं है जब रफ एंड टफ रहना ही पुरुषों की पहचान होता है।

आज बाजार में पुरुषों को खूबसूरत बनाने के ढेरों उत्पाद मौजूद हैं। सिर्फ शेव करने से ही चेहरा चमकाने का जमाना अब चला गया है आज दौर है 'हाय हैंडसम' और 'नंबर वन' नजर आने का। तो आइए जानते हैं पुरुषों के लिए अपनी खूबसूरती निखारने के कुछ टिप्स।

ब्यूटी टिप्स

मॉश्चराइजर है जरूरी
अपने चेहरे को रोज क्लीन और मॉश्चराइजर करें। अगर आपकी त्वचा तैलीय है तो सोप-फ्री क्लींजर का इस्तेमाल करें। आप ऑयल कंट्रोल फेस वॉश का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

स्केर्ब से हटाएं मृत त्वचा
डेड स्किन, ब्लैक हैड्स और व्हाइट हैड्स रिमूव करने के लिए हफ्ते में कम से कम दो बार स्कर्ब करें। इससे चेहरे पर निखार तो आएगा साथ ही त्वचा भी जवां रहेगी।

सनस्क्रीन बने सेहत की छतरी
पुरूषों की त्वचा के लिए भी अल्ट्रा-वॉयलेट किरणें उतनी ही हानिकारक होती हैं, जितनी महिलाओं के लिए, इसलिए आप जब भी बाहर जाएं तो सनस्क्रीन लोशन लगा कर जाएं। धूप में जाने से कम से कम 20 मिनट पहले सनस्क्रीन लोशन लगाएं। साथ ही माश्चराइजर के रूप में एलोवेरा जैल का इस्तेमाल किया जा सकता है।

पूरी बांह के कपड़े हैं फायदेमंद
त्वचा को नुकसान और स्किन टैन न हो इसलिए गर्मियों में और तेज धूप में जाते समय हमेशा पूरी बांह की कोटन की शर्ट पहनें।

धूम्रपान को कहें न
सिगरेट आपकी सेहत के लिए बहुत नुकसानदेह होती है। सिगरेट पीने से सेहत पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का असर चेहरे पर भी साफ नजर आता है। साथ ही सिगरेट से चेहरे पर झुर्रियां पड़ने लगती हैं और होंठ भी काले हो जाते हैं।

फेशियल से चमकेगा चेहरा
चेहरे की चमक को बनाए रखने के लिए पुरूष भी महीने में एक बार फेशियल करवा सकते है, महिलाओं की तरह। खास मौकों पर गोल्ड या पर्ल फेशियल ही कराएं।

शेव करने से पहले ध्यान दें
पुरूषों को कई बार शेव करने में ज्यादा दिक्कत होती है क्योकि उनकी त्वचा हार्ड होती है। इसलिए शेव करने से पहले नींबू का रस या शेविंग जेल लगाएं। इससे शेव आसानी से बन जाती है और साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि फोम का ज्यादा इस्तेमाल त्वचा को नुकसान पहुंचाता है।

पिंपल से मिलेगा छुटकारा
अगर आपके फेस पर पिंपल्स हैं तो नींबू और मुल्तानी मिट्टी को मिक्स करके लगाएं और साथ ही साथ काली मिर्च में शहद मिलाकर लगाने से भी फायदा होगा।
दाग धब्बे यूं हटाएं
चेहरे पर झाइयां और दाग-धब्बे हैं तो इन्हें हटाने के लिए बेसन में मौसमी का जूस मिलाकर लगाने से फायदा होगा।

आटा का यह इस्तेमाल देखा है कभी
चेहरे की त्वचा को चिकनी और कोमल बनाए रखने के लिए जौ के आटे को फेस पैक के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि यह कुदरती तौर पर त्वचा को कोमल, गोरा और चमकदार बनाता है।

टमाटर नींबू है उपयोगी
अगर आपकी त्वचा तैलीय है तो टमाटर और नींबू का फेस पैक लगाए। इसके लिए एक टमाटर और नींबू का रस मिलाकर ऑखों के हिस्से को छोड़कर पूरे चेहरे पर लगाऍ।

लड़कियों के लिए ब्यूटी टिप्स

लड़कियों के लिए ब्यूटी टिप्स
खूबसूरत दिखना हर लड़की की चाहत होती है। भीड़ में दूसरों से अलग नजर आने की चाह हर किसी के दिल में समाई होती है। लेकिन, वक्त की कमी के चलते त्वचा पर पूरा ध्यान दे पाना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में कुछ टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं।

ब्यूटी टिप्स

कैसा हो फेसवॉश
चेहरे को हमेशा माइल्ड फेसवॉश से साफ करें। आप चाहें तो दूध को फेसवॉश की तरह इस्तेमाल कर सकती हैं।

ऑलिव आयल की मालिश मददगार
नहाने से पहले अगर गुनगुने ऑलिव ऑयल से मालिश की जाए तो त्वचा सुंदर, चमकदार और स्वच्छ रहती है।

दूध और नींबू से निखरेगी त्वचा
त्वचा की सफाई के साथ नमी के लिए नहाने के पानी में एक कप कच्चा दूध और कुछ बूंद नींबू के रस की डालें।

ठंडा-ठंडा पानी
मौसम चाहे कोई भी हो, हमेशा चेहरा धोने के लिए ठंडे पानी का इस्तेमाल करें। इससे आपकी मुरझाई हुई त्वचा में नई जान आ जाती है।
मॉयश्चराइजर है जरूरी
नहाने के बाद मॉयश्चराइजर का इस्तेमाल जरूर करें क्योंकि उस समय आपकी त्वचा में नमी होती है। और उस वक्त लगाया हुआ मॉयस्चराइजर अधिक सुरक्षादायक और असरकारी होता है।

गुणकारी है तेल
तेल का प्रयोग करना त्वचा की सफाई का सबसे पुराना और एक बेहतरीन तरीका है। यह ढीली और निस्तेज त्वचा में नमी लाने और चिकना बनाने का बेहतरीन तरीका है। अपने चेहरे, गले और आंखों पर बादाम या सनफ्लावर तेल लगाकर हलके हाथों से मसाज करें। एक मिनट बाद गीले कॉटन बॉल से चेहरे को हलके हाथों से पोंछें, ताकि अतिरिक्त तेल हट जाए और चेहरा साफ-सुथरा नजर आए।

सनस्क्रीन है सुरक्षा कवच
तेज अल्ट्रावॉयलेट किरणों से बचने के लिए जब भी घर से बाहर जाएं तो किसी अच्छी कंपनी का सनस्क्रीन जरूर लगाएं।

आहार है आधार
संतुलित आहार लें। तली-भुनी चीजों और जंक फूड खाने की बजाय अपने रोजाना के भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, अंकुरित अनाज और रेशेदार फलों को शामिल करें। ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी पिएं। इससे आपकी त्वचा में स्वाभाविक चमक आती है।

शहद यानी कोमलता से सफाई
त्वचा के मृत कोशों को हटाने के लिए एक चम्मच शहद में आधा चम्मच चंदन पाउडर और आधा चम्मच खसखस मिलाकर चेहरे और शरीर पर लगाएं। यह मृत त्वचा को हटाता है व त्वचा को पोषण भी देता है।

होंठ बनेंगे रसीले
होंठों का रंग निखारने के लिए होंठों पर चुकंदर का रस लगाएं और दस मिनट बाद धो डालें।

जैतून संवारे नाखून
नाखूनों को चमकदार बनाने के लिए प्रतिदिन जैतून के तेल से दस मिनट तक नाखूनों और उसके आस-पास के हिस्से की हलकी मालिश करें। तथा महीने में कम से कम एक बार मेनीक्योर और पेडीक्योर जरूर कराएं। 

कारगर है कसरत
एक्सरसाइज जिस तरह आपके शरीर के लिए उपयोगी होती है, उसी प्रकार त्वचा के लिए भी अच्छी होती है। एक्सरसाइज आपकी स्किन टोन को बेहतर बना सकती है और उसमें कसाव लाने में मदद भी करती है।

थोड़ा-थोड़ा हंसना जरूर चाहिए
सबसे आवश्यक है कि हंसना सीखें। व्यक्तित्व को आकर्षक बनाने के लिए हंसना भी एक बेहतर एक्सरसाइज है। इससे तनाव और कुंठाएं कम होती हैं। और अगर आप इन टिप्स को आजमाती हैं तो मौसम जो भी हो, आपकी देखभाल और मेहनत आपको सुंदर बनाएगी और कोई भी आपको देखकर कहेगा कि आपकी त्वचा से आपकी उम्र का पता ही नहीं चलता।

फेशियल क्या है और इसे क्यों कराना चाहिए

फेशियल क्या है और इसे क्यों कराना चाहिए :-

फेशियल वह ब्यूटी प्रोसीजर है, जिसमें त्वचा को अनेक चरणों जैसे क्लींजिंग, स्टीम से एक्सफॉलियेशन, एक्सट्रैक्शन, मसाज और फेस मास्क आदि की मदद से साफ और पोषित किया जाता है। फेशियल काफी लोकप्रिय है क्योंकि यह त्वचा को साफ करके पोषण देकर इसे मुलायम और नरम बनाता है। आप ब्यूटी सैलून या स्पा में फेशियल करा सकते हैं। या आप खुद से इसे घर पर भी कर सकते हैं। इस लेख में हम आपको फेशियल और इसके प्रकारों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।


फेशियल प्रक्रिया की शुरूआत फेस क्लींजिंग से होती है, जिसके बाद त्वचा एस्थेटीशियन आपकी त्वचा के प्रकार और समस्या वाले हिस्सों की जांच करते हैं और यदि आपको कोई त्वचा सम्बन्‍धी समस्या है तो उसके समाधान हेतु लिये जा सकने वाले इनपुट्स के बारे में सलाह-मशवहरा करता है।

 फेशियल का चुनाव और तरीका


फेशियल हमेशा त्वचा के प्रकार और समस्याओं के आधार पर ही किया जाना चाहिए। ऑयली त्वचा को क्ले-मास्क की ज़रूरत हो सकती है, जबकि ड्राई त्वचा पर हाइड्रेटिंग मास्क की ज़रूरत होती है। वहीं संवेदनशील त्वचा की अधिक सावधानी से साज संभाल करनी होता है, क्योंकि ऐसी त्वचा पर इरिटेशन हो सकती है। इसलिये इस प्रकार की त्वचा पर केवल हाइपोएलर्जिक प्रोडक्ट्स का ही उपयोग किया जाना चाहिये।

त्वचा का एक्सफॉलियेशन हॉट वॉटर के वेपर्स या स्टीम की मदद से किया जाता है। दरअसल स्टीम त्वचा के रंध्रों को खोल देती है और इसे मुलायम तथा फेशियल ट्रीटमेंट के लायक बनाती है। ब्लैकहेड्स की ज़्यादा संभावना वाली त्वचा के बंद रंध्र हॉट वेपर से खुल जाते हैं, जिससे ब्लैकहेड्स को निकालने का काम काफी आसान हो जाता है। लेकिन ब्लैकहेड्स को निकालना कभी-कभी सूट नहीं करता क्योंकि यह संवेदनशील त्वचा पर इन्फ्लेमेशन पैदा कर सकता है।

नाजुक त्वचा पर से ब्लैकहेड्स निकालना दर्दभरा हो सकता है, इन्हें निकालना वैकल्पिक है। फेशियल मसाज आधा घंटा या तब तक की जाती है जब आपके चेहरे की मसल्स रिलैक्स होकर नयी ऊर्जा से भर ना जायें। यह रिलैक्सिंग तकनीक है जो चेहरे पर खून के संचार को बढ़ाकर चेहरे को चमकदार बनाती है। फेस मास्क फेशियल का अंतिम चरण है जिसे आपके त्वचा प्रकार के मुताबिक लगाया जाता है। मास्क के सूखने के बाद आपका चेहरा साफ कर दिया जाता है और एक टोनर या मॉइश्चराईज़र लगाया जाता है। फेशियल युक्त त्वचा केयर विधियों को महीने में एक बार इस्तेमाल करना काफी होता है।

फेशियल करवाते समय जितना जरूरी अपने स्किन टाइप का ध्यान रखना है, उतना ही जरूरी मौसम का रखना भी है। जैसे गर्मी में ऑयल कंट्रोल वाला फेशियल होता है और सर्दियों में नमी देने वाला, इसलिए मौसम के हिसाब से भी फएशियलका चुनाव करें।

समस्याएं

यदि फेशियल सही तरह से किया जाये तो फेशियल के साथ कोई जोखिम नहीं होता है। फेशियल ट्रीटमेंट का महत्त्वपूर्ण नियम यह है कि त्वचा का प्रकार क्या है और त्वचा की जरूरतें क्या हैं। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को किसी एलर्जिक रिएक्शन से बचने के लिये अपने एस्थेटीशियन से अपने त्वचा प्रकार के बारे में पहले ही बता देना चाहिये।

शादी हो, पार्टी, किसी भी खास मौके पर खास दिखना भला कौन नहीं चाहता। और खास दिखने की आपकी तैयारी तभी पूरी होती है, जब मेकअप के अलावा आपकी त्वचा भी ग्लो करे और उसमें निखार आए। इसके लिए फेशियल सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। अगर आप किसी खास मौके पर दमकती त्वचा चाहती हैं तो अपनी जरूरत के हिसाब से अपना फेशियल चुनें।



 

त्वचा कहे नो चिपचिप

त्वचा कहे नो चिपचिप :-
त्वचा का तैलीय होना सिबेशियस ग्लैंड्स के अत्यधिक सक्रिय होने का नतीजा होता है। त्वचा की कोमलता बरकरार रखने के लिए प्राकृतिक तेल जरूरी है, पर जब तैलीय ग्रंथियां अधिक तेल का सिक्रीशन करती हैं तो एक्ने और मुंहासों की समस्या शुरू हो जाती है। ऐसे में धूल-मिट्टी और प्रदूषण के कारण त्वचा के छिद्र भी बंद हो जाते हैं। अगर आप भी तैलीय त्वचा से परेशान हैं तो यहां दिए गए कुदरती उपायों को अपनाएं और पाएं साफ-सुथरी व निखरी त्वचा।

    सेब को छीलकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे व गर्दन पर लगाएं। 20 मिनट बाद हलके गुनगुने पानी से चेहरा साफ कर लें। सेब एएचए (अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड) का बेहतरीन स्रोत होता है, जो त्वचा को टोन करता है। उसे मुलायम और कांतिमय बनाता है।

    एक टी स्पून चंदन पाउडर में गुलाबजल मिलाकर पेस्ट बनाएं। फिर उसे चेहरे पर लगाएं। सूखने पर पानी से धो लें। इससे त्वचा के दाग-धब्बे और एक्ने भी दूर होंगे।

    टी स्पून बेसन में चुटकी भर हल्दी पाउडर, आधा नीबू का रस मिलाकर पेस्ट बनाएं। अगर आपको नीबू सूट नहीं करता है तो उसकी जगह पर दही मिला सकती हैं। आंखों के आसपास का हिस्सा छोडकर लगाएं। सूखने पर हलके हाथों से मलते हुए छुडाएं। यह त्वचा का कालापन दूर करता है। हल्दी त्वचा की चमक बरकरार रखती है।

    तैलीय त्वचा को भी मॉयस्चराइजर की जरूरत होती है और इसके लिए आप शहद का इस्तेमाल कर सकती हैं। शहद एक बेहतरीन कुदरती मॉयस्चराइजर होता है। इसे चेहरे पर 15 मिनट लगाएं। फिर धो लें। यह त्वचा की जलन, मुंहासे और कालेपन को दूर करता है। साथ ही उसे कांतिमय और लचीली बनाता है।

    1 टेबल स्पून चावल के आटे में 1 टेबल स्पून कॉर्नफ्लोर और नीबू के रस की कुछ बूंदें मिलाकर चेहरे पर लगाएं। फिर भीतर से बाहर की तरफगोलोई में हाथ घुमाते हुए कुछ देर मसाज करें। चावल का आटा डेड सेल्स हटाता है। त्वचा के छिद्र भी खोलता है, ताकि साफऑक्सीजन त्वचा के भीतर जा सके।

   1 टेबल स्पून मुलतानी मिट्टी में अंडे की सफेदी, 1 टेबल स्पून ओट्स पाउडर, 1 टेबल स्पून कॉर्नफ्लोर और गुलाबजल मिलाकर गाढा पेस्ट तैयार करें। इसे चेहरे व गर्दन पर लगाएं। 20 मिनट बाद चेहरा साफ कर लें।

मिनटों में खूबसूरत दिखने के आसान नुस्खे

मिनटों में खूबसूरत दिखने के आसान नुस्खे:-
सुंदर दिखना हर किसी की चाहत होती है। इसके लिए जरूरी नहीं है कि आप मंहगे उत्पाद का प्रयोग करें या ब्यूटी पार्लर का रुख करें। चेहरे की खूबसूरती को निखारने के लिए जरूरी है कि आप इसका खास खयाल रखें। जानिए कुछ आसान उपाय जिनसे आपकी खूबसूरती बरकरार रहेगी। 



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झुर्रियों करें दूर-
एक चम्मच शहद में कुछ बूंदे नींबू के रस की मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे पर झुर्रियाँ नहीं पड़ती है।

 चमक रखे बरकरार -
एक चम्मच गुलाबजल और एक चम्मच दूध के मिश्रण में दो तीन बूंद नींबू का रस मिलाकर इसे चेहरे पर लगाने से त्वचा की कोमलता व चमक बनी रहती है।

 स्क्रबिंग के लिए:-
टमाटर का टुकड़ा लेकर चेहरे पर हल्के हाथों से मसाज करें, चेहरे की सारी गंदगी साफ हो जाएगी। त्वचा को निखारने के लिए स्क्रबिंग बहुत जरूरी है। स्क्रब त्वचा की मृत कोशिकाओं, धूल इत्यादि को हटाकर रोमछिद्रों को बंद होने से रोकता है।
 
तैलीय त्वचा से पाएं छुटकारा-

एक चम्मच नींबू का रस में एक चम्मच गुलाब जल और पिसा हुआ पुदीना मिलाकर 1 घंटे रखें। फिर चेहरे पर लगाकर 20 मिनट बाद धो लें। इससे चेहरे का चिपचिपापन दूर हो जाएगा।

 कैसे पाएं निखार -

त्वचा में निखार लाने के लिए थोड़े-से चोकर में एक चम्मच संतरे का रस, एक चम्मच शहद व गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर लगाएं। सूखने पर धो डालें।

 शहद से पाएं त्वचा में कसावट -

चेहरे व गर्दन पर शहद लगाएं थोड़ा सा सूखने के बाद अंगुलियों से चेहरे पर मसाज करें। शहद के सूखने के बाद गुनगुने पानी से इसे साफ करें। इससे त्वचा में कसाव आएगा।

 डार्क सर्कल से बचें-

आंखों के नीचे झुर्रियां व डार्क सर्कल से बचने के लिए बादाम के तेल में शहद  मिलाकर लगाएं और इस हल्के हाथों से मलें और धो लें।

क्लीजिंग के लिए -

चेहरे से मेकअप को हटाने व धूल मिट्टी से बचाने के लिए क्लीजिंग जरूरी है। इसके लिए चावल के आटे में दही मिलाकर पेस्ट बनाएं और इसे चेहरे एवं गर्दन पर अच्छी तरह मलें। इसके बाद चेहरा धो लें।

 रुखी त्वचा से बचें-

नारियल के तेल में  शहद और संतरे का रस मिला लें और इसे रुखी, फटी हुई त्वचा पर लगाएं। इस मिश्रण के सूखने के बाद गुनगुने पानी से धो लें और हल्के हाथ से पोंछकर नारियल का तेल या कोई और मॉइश्चराइर लगा लें।

 यूं हटाएं चेहरे के दाग-धब्बे -

चेहरे पर काले दागों को हटाने के लिए टमाटर के रस में रुई भिगोकर दागों पर लगाएं इससे काले धब्बे साफ हो जाएंगे।

मुंहासों से पाएं छुटकारा -

आलू उबाल कर छिलके छील लें और इसके छिलकों को चेहरे पर रगड़ें, मुंहासे ठीक हो जाएंगे।

फल-सब्जियों का मौसम

फल-सब्जियों का मौसम

हमारे पारंपरिक ज्ञान में ही फलों और सब्जियों के फायदों की लंबी सूची मिल जाती है। आहार विशेषज्ञों ने भी इसकी पुष्टि की है। अब हर व्यक्ति ताजे फल और सब्जियां खाने के स्वास्थ्यगत लाभ जानने लगा है। कुछ उनमें ऐसे भी हैं, जो फलों और सब्जियों का स्वास्थ्य और सौंदर्य के लिए उपयोग करना भी जानते हैं।

हकीकत यह है कि फल और सब्जियां एंटीऑक्सीडेंट्स, बहुमूल्य विटामिंस, मिनरल्स और पोषक तत्व जैसे विटामिन ए, बी, सी, डी और ई, कैरोटेनाइड्स, कोएंजाइम्स क्यू 10, पॉलिफेनल्स, पोटेशियम, सेलेनियम और जिंक आदि से भरपूर होती हैं। कुछ दूसरी सामग्री के साथ मिलाने पर फल और सब्जियां बेहद उपयोगी फेस मॉस्क, स्कीन क्रीम, बॉथ ट्रीटमेंट और स्कीन ऑइन्टमेंट भी बन सकती हैं। आइए जानते हैं कैसे?

केले में निहित प्राकृतिक तेल त्वचा को नर्म करने के तो काम आता ही है, साथ ही यह विटामिन और दूसरे पोषक तत्वों से भी परिपूर्ण होता है, जिससे बालों में लोच आती है।





तरह-तरह के बीन्स उम्र के प्रारंभिक लक्षणों से लड़ने के काम आते हैं।

ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी और रास्पबेरी में एंटीऑक्सीडेंट्स के साथ-साथ ही प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं। इसका उपयोग क्रीम में किया जाता है। यह एक तरफ जहां त्वचा को नर्म बनाती हैं, वहीं त्वचा के सेल्स की भी मरम्मत करती हैं।


पेय पदार्थों की हमारी डाइट में एक अलग ही भूमिका होती है, फिर भले ही वह पेय पदार्थ पानी हो या ज्यूस। इनके नियमित सेवन से हमारी त्वचा में निखार आने के साथ ही शरीर को भी भरपूर ऊर्जा मिलती है। फ्रूट ज्यूस जहां आयरन और विटामिन से भरपूर होते हैं, वहीं वेजीटेबल ज्यूस शरीर के लिए उपयोगी पोषक तत्वों से युक्त होते हैं।

इन दोनों ही तरह के ज्यूस का सेवन शरीर के लिए फायदेमंद होता है। यदि आप बेहतर स्वास्थ्य पाने की इच्छा रखते हैं तो आपको आज ही से अपनी डाइट में ज्यूस और पानी की उचित मात्रा को शामिल करना होगा।

ज्यूस  :- 100 % फल या सब्जियों से बनाए गए ज्यूस हमारे शरीर में विटामिन की पूर्ति करने के साथ ही त्वचा को भी पोषण प्रदान करते हैं। स्वाद में लाजवाब होने के साथ ही ज्यूस त्वचा की गहराई से सफाई कर विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है। एक रिसर्च के अनुसार गहरे रंग के फलों के ज्यूस शरीर के लिए अधिक गुणकारी होते हैं।

अनार और ब्लू बेरी के ज्यूस में हमारे शरीर व त्वचा के लाभकारी एंटी ऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा होती है। चुकंदर का रस भी स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है|


ऐलोवेरा ज्यूस

त्वचा के लालपन व खुजली को खत्म करने के साथ ही ऐलोवेरा का ज्यूस त्वचा संबंधी अन्य समस्याओं जैसे एक्जिमा, सोरियोसिस में भी औषधि की तरह कार्य करता है। 


रक्त की शुद्धि, पाचन क्रिया को बढ़ाना, आर्थराइटिस में कारगर व शारीरिक क्षमता को बढाने के साथ ही ऐलोवेरा ज्यूस के अनगिनत फायदे हैं। रोजाना एक कप ऐलोवेरा ज्यूस का सेवन हमारे स्वास्थ्य व त्वचा संबंधी कई समस्याओं के निदान में कारगर है।
 



* दिन में एक गिलास गाजर का रस बिना नमक-मिर्च-शकर मिलाए पिएं, इससे चेहरा तो सुर्ख होगा ही, साथ ही झाइयां भी समाप्त हो जाएंगी।
* ताजा टमाटर काटकर चेहरे पर हल्के हाथों से मसाज करने से थोड़े दिनों के उपरांत चेहरे की झाइयां कम हो जाएंगी और रंगत भी निखर जाएगी। टमाटर का सूप और ज्यूस भी झाइयों से बचने का रामबाण इलाज है।


चमकती-दमकती त्वचा का राज

चमकती-दमकती त्वचा का राज

सूखी हल्दी की गांठ को नींबू के रस में मिलाकर लगाने से फेस के दाग-धब्बे तेजी से मिटने लगते हैं। ड्राय स्कीन के दाग-धब्बे मिटाने के लिए दूध में चंदन की लकड़ी घिसकर लगाएं।

चोट के निशान पर लाल चंदन रोज पानी में घिस कर लगाएं 20 दिन में फर्क नजर आने लगेगा। टोमेटो में नींबू की दस-बारह ड्रॉप मिलाएँ इस मिश्रण को चेहरे पर लगाने से दाग-धब्बे दूर होते हैं।

अक्सर पेट की गड़बड़ी से चेहरे पर दाग-धब्बे नजर आते हैं अत: दिन में कम से कम तीन बार नींबू पानी पिएं, कुछ ही हफ्तों में चेहरा चमकने लगेगा।

दिन में कम से कम 5-6 बार चेहरा ग्लिसरीनयुक्त साबुन से धोएं। किसी भी तरह की सौंदर्य प्रसाधन सामग्री का इस्तेमाल न करें।

चाय, कॉफी, मांस, मछली, शराब आदि का सेवन न करें। विटामिन-सी का सेवन त्वचा के लिए बहुत लाभदायक है। विटामिन सी के रूप में नींबू का सेवन करें।
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चमकीली त्वचा के लिए पौष्टिक पेय

चमकीली त्वचा के लिए पौष्टिक पेय
पेय पदार्थों की हमारी डाइट में एक अलग ही भूमिका होती है, फिर भले ही वह पेय पदार्थ पानी हो या ज्यूस। इनके नियमित सेवन से हमारी त्वचा में निखार आने के साथ ही शरीर को भी भरपूर ऊर्जा मिलती है। फ्रूट ज्यूस जहां आयरन और विटामिन से भरपूर होते हैं, वहीं वेजीटेबल ज्यूस शरीर के लिए उपयोगी पोषक तत्वों से युक्त होते हैं।

इन दोनों ही तरह के ज्यूस का सेवन शरीर के लिए फायदेमंद होता है। यदि आप बेहतर स्वास्थ्य पाने की इच्छा रखते हैं तो आपको आज ही से अपनी डाइट में ज्यूस और पानी की उचित मात्रा को शामिल करना होगा।
चमकीली त्वचा के लिए पौष्टिक पेय
पानी

कम मात्रा में पानी पीने से हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिसका प्रभाव शरीर के साथ ही त्वचा पर भी देखा जा सकता है। त्वचा की चमक को बरकरार रखने के लिए आपको हर दिन भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए। पानी हमारी त्वचा की कोशिकाओं का भी प्रमुख तत्व होता है।
जिस तरह से हम त्वचा की बाहरी नमी को बरकरार रखने के लिए उस पर मॉइश्चराइजर लगाते हैं उसी प्रकार से त्वचा को अंदरुनी नमी व पोषण प्रदान करने के लिए हमें पानी का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए।
ज्यूस

100 % फल या सब्जियों से बनाए गए ज्यूस हमारे शरीर में विटामिन की पूर्ति करने के साथ ही त्वचा को भी पोषण प्रदान करते हैं। स्वाद में लाजवाब होने के साथ ही ज्यूस त्वचा की गहराई से सफाई कर विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है। एक रिसर्च के अनुसार गहरे रंग के फलों के ज्यूस शरीर के लिए अधिक गुणकारी होते हैं।

अनार और ब्लू बेरी के ज्यूस में हमारे शरीर व त्वचा के लाभकारी एंटी ऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा होती है। चुकंदर का रस भी स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
ओलोंग टी

ओलोंग टी को ब्लैक ड्रेगन टी के नाम से भी जाना जाता है। चाय का यह विशेष प्रकार आपको चाइनीज रेस्टॉरेंट में देखने को मिलेगा। इस चाय में भरपूर मात्रा में पॉलीफिनोल्स होते हैं, जो कि एक्जिमा और झुर्रियों जैसी समस्याओं से त्वचा की सुरक्षा करते हैं।

आंखों के नीचे काले घेरे, चेहरे पर झुर्रियों जैसे बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने व वजन को नियंत्रित करने में ओलोंग टी बड़ी ही कारगर होती है।
ऐलोवेरा ज्यूस

त्वचा के लालपन व खुजली को खत्म करने के साथ ही ऐलोवेरा का ज्यूस त्वचा संबंधी अन्य समस्याओं जैसे एक्जिमा, सोरियोसिस में भी औषधि की तरह कार्य करता है। 


रक्त की शुद्धि, पाचन क्रिया को बढ़ाना, आर्थराइटिस में कारगर व शारीरिक क्षमता को बढाने के साथ ही ऐलोवेरा ज्यूस के अनगिनत फायदे हैं। रोजाना एक कप ऐलोवेरा ज्यूस का सेवन हमारे स्वास्थ्य व त्वचा संबंधी कई समस्याओं के निदान में कारगर है।

ग्रीन टी

ग्रीन टी को बगैर उबली हरी पत्तियों से बनाया जाता है। यही वजह है कि ग्रीन टी में उच्च स्तर पर पॉलीफिनोल्स होते हैं, जो एक ऐसा केमिकल कंपाउंड है जिसके पिगमेंट एंटी एजिंग के तौर पर कार्य करके त्वचा से झुर्रियों को कम कर उसे फोटो प्रोटेक्शन देते हैं।

ग्रीन टी की विशेषता उसके एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लामेट्री गुण भी होते हैं। बालों के लिए भी ग्रीन टी बेहतर है। यदि हम शुद्धता की बात करें तो चाय में शुद्धता के मामले में ग्रीन टी से बेहतर कोई नहीं है।

ब्लैक टी

ब्लैक टी भी ग्रीन टी के समान पत्तियों से ही बनाई जाती है। स्वीट, स्पाइसी, चॉकलेट आदि ब्लैक टी के अलग-अलग फ्लैवर्स हैं। विटामिन ई और सी के साथ ही ब्लैक टी में मौजूद स्ट्रांग एंटीऑक्सीडेंट त्वचा पर प्रीमैच्योर एजिंग के लक्षणों को कम करता है। ब्लैक टी ऐसे एस्ट्रीजेंट के तौर पर कार्य करती है जिससे चेहरा बेदाग व चमकदार बनता है। ब्लैक टी के बेहतर परिणामों के लिए इसे दूध के बगैर पिएं, क्योंकि दूध इसके एंटी ऑक्सीडेंट गुण को घटाता है।

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