क्या खतरनाक है सनस्क्रीन
आपके साथ भी ऐसा हुआ होगा कि गर्मियों के मौसम में तेज धूप में बाहर निकलने से आपने परहेज किया होगा। अक्सर तेज धूप आपको घर से बाहर न निकलने पर मजबूर कर देती है। इसका प्रमुख कारण होता है कि आप स्किन बर्न से बचना चाहते हैं। कभी मजबूरी में आप बाहर निकल भी जाते हैं तो यह एक्सपीरियंस आपके लिए अच्छा साबित नहीं होता।

हालांकि आजकल बाजार में आ रहे सनस्क्रीन लोशन ने सनस्क्रीन के असर को काफी कम कर दिया है। आप इन पर भरोसा भी कर सकते हैं। लेकिन ये आपके लिए कितने सुरक्षित हैं या आपकी त्वचा के लिए खतरनाक हैं? क्या इस तरह के लोशन सूर्य की किरणों से त्वचा पर होने वाले असर और स्किन कैंसर से आपको बचा सकते हैं? ऐसे तमाम सवाल आपके भी दिमाग में आते होंगे और शायद ये सब सोचकर आप भी टेंशन में आ जाते हैं।
तेज धूप में सूरज की किरणों का आपकी स्किन पर असर न हों, इसके लिए आप सनस्क्रीन लोशन का इस्तेमाल करते हैं। और न जानें ऐसी ही चीजों पर कितना पैसा खर्च कर देते हैं। आगे बात करते हैं सनस्क्रीन लोशन के फायदे और नुकसान के बारे में।
सनस्क्रीन लोशन है फायदेमंद
सनस्क्रीन लोशन की समय-समय पर काफी आलोचना होती रहती है और इसी डिबेट के बढ़ने पर इसे यूज करने वालों के लिए अच्छी खबर आ जाती है। अमेरिकन अकादमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के मुताबिक सूरज की धूप आपकी त्वचा के लिए लाभदायक होती है। सूरज की धूप से आपकी त्वचा को स्किन कैंसर से लड़ने में मदद मिलती है।
सनस्क्रीन से बचाव के लिए बाजार में मिलने वाले विभिन्न प्रोडक्ट्स और लोशन के बारे में कहा जाता है कि ये सूर्य की किरणों के बुरे असर को रोकने में कारगर साबित होते हैं। सूरज की यूवीबी किरणें सनबर्न और स्किन कैंसर के लिए जिम्मेदार होती हैं। सनस्क्रीन लोशन में टाइटेनियम डाइऑक्साइड, मेक्सोरल एसएक्स, एवोबेनजोन और जिंक ऑक्साइड मिला होता है, जो सूरज की किरणों से होने वाले बुरे असर से आपकी सुरक्षा करता है।
सनस्क्रीन लोशन है खतरनाक
बतौर ग्राहक आपका फर्ज है कि जिस प्रोडक्ट को आप इस्तेमाल कर रहे हैं उसके बारे में आपको पूरी जानकारी हो। आप सनस्क्रीन लोशन को यूज करते हैं तो इसमें कौन-कौन से कैमिकल मिले हैं आदि जानकारी आपको होनी चाहिए। यह भी पाया गया है कि सनस्क्रीन लोशन इस्तेमाल करने वाले 831 लोगों में से 84 फीसदी की त्वचा पर यह बुरा असर डाल रहा था।
सनस्क्रीन लोशन को तैयार करने में यूज किए गए कैमिकल्स जैसे बेंजोफेनिन, होमोसाल्ट और ऑक्टल मैथोक्सिनमेट त्वचा पर बुरा असर डालते हैं। ये कैमिकल्स आपके बॉडी सिस्टम पर भी विपरीत असर डालते हैं।
यदि आप भी सनस्क्रीन लोशन को इस्तेमाल करते हैं या इसे इस्तेमाल करने के बारे में सोच रहे हैं तो इसकी सुरक्षा से जुड़ी कुछ जानकारी और सुझाव हम आपके साथ साझा कर रहे हैं।
ऐसे सनस्क्रीन लोशन से परहेज करें जिसमें ज्यादा मात्रा में कैमिकल्स को यूज किया गया हो।
ऐसे लोशन को चुनें जो सूर्य की किरणों के पड़ने पर परिवर्तित न हो। इसके लिए जिंक ऑक्साइड बेहतर विकल्प होगा।
यदि आप सनस्क्रीन लोशन यूज करें तो प्रत्येक दो घंटे बाद इसे दुबारे से लगाने की आदत डाल लें। क्योंकि यह फेस पर लगाने के एक घंटे बाद अपना असर करना धीरे-धीरे बंद कर देता है।
धूप में निकलने पर हो सके तो टोपी या कपड़े का इस्तेमाल करें।
आपके साथ भी ऐसा हुआ होगा कि गर्मियों के मौसम में तेज धूप में बाहर निकलने से आपने परहेज किया होगा। अक्सर तेज धूप आपको घर से बाहर न निकलने पर मजबूर कर देती है। इसका प्रमुख कारण होता है कि आप स्किन बर्न से बचना चाहते हैं। कभी मजबूरी में आप बाहर निकल भी जाते हैं तो यह एक्सपीरियंस आपके लिए अच्छा साबित नहीं होता।
हालांकि आजकल बाजार में आ रहे सनस्क्रीन लोशन ने सनस्क्रीन के असर को काफी कम कर दिया है। आप इन पर भरोसा भी कर सकते हैं। लेकिन ये आपके लिए कितने सुरक्षित हैं या आपकी त्वचा के लिए खतरनाक हैं? क्या इस तरह के लोशन सूर्य की किरणों से त्वचा पर होने वाले असर और स्किन कैंसर से आपको बचा सकते हैं? ऐसे तमाम सवाल आपके भी दिमाग में आते होंगे और शायद ये सब सोचकर आप भी टेंशन में आ जाते हैं।
तेज धूप में सूरज की किरणों का आपकी स्किन पर असर न हों, इसके लिए आप सनस्क्रीन लोशन का इस्तेमाल करते हैं। और न जानें ऐसी ही चीजों पर कितना पैसा खर्च कर देते हैं। आगे बात करते हैं सनस्क्रीन लोशन के फायदे और नुकसान के बारे में।
सनस्क्रीन लोशन है फायदेमंद
सनस्क्रीन लोशन की समय-समय पर काफी आलोचना होती रहती है और इसी डिबेट के बढ़ने पर इसे यूज करने वालों के लिए अच्छी खबर आ जाती है। अमेरिकन अकादमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के मुताबिक सूरज की धूप आपकी त्वचा के लिए लाभदायक होती है। सूरज की धूप से आपकी त्वचा को स्किन कैंसर से लड़ने में मदद मिलती है।
सनस्क्रीन से बचाव के लिए बाजार में मिलने वाले विभिन्न प्रोडक्ट्स और लोशन के बारे में कहा जाता है कि ये सूर्य की किरणों के बुरे असर को रोकने में कारगर साबित होते हैं। सूरज की यूवीबी किरणें सनबर्न और स्किन कैंसर के लिए जिम्मेदार होती हैं। सनस्क्रीन लोशन में टाइटेनियम डाइऑक्साइड, मेक्सोरल एसएक्स, एवोबेनजोन और जिंक ऑक्साइड मिला होता है, जो सूरज की किरणों से होने वाले बुरे असर से आपकी सुरक्षा करता है।
सनस्क्रीन लोशन है खतरनाक
बतौर ग्राहक आपका फर्ज है कि जिस प्रोडक्ट को आप इस्तेमाल कर रहे हैं उसके बारे में आपको पूरी जानकारी हो। आप सनस्क्रीन लोशन को यूज करते हैं तो इसमें कौन-कौन से कैमिकल मिले हैं आदि जानकारी आपको होनी चाहिए। यह भी पाया गया है कि सनस्क्रीन लोशन इस्तेमाल करने वाले 831 लोगों में से 84 फीसदी की त्वचा पर यह बुरा असर डाल रहा था।
सनस्क्रीन लोशन को तैयार करने में यूज किए गए कैमिकल्स जैसे बेंजोफेनिन, होमोसाल्ट और ऑक्टल मैथोक्सिनमेट त्वचा पर बुरा असर डालते हैं। ये कैमिकल्स आपके बॉडी सिस्टम पर भी विपरीत असर डालते हैं।
यदि आप भी सनस्क्रीन लोशन को इस्तेमाल करते हैं या इसे इस्तेमाल करने के बारे में सोच रहे हैं तो इसकी सुरक्षा से जुड़ी कुछ जानकारी और सुझाव हम आपके साथ साझा कर रहे हैं।
ऐसे सनस्क्रीन लोशन से परहेज करें जिसमें ज्यादा मात्रा में कैमिकल्स को यूज किया गया हो।
ऐसे लोशन को चुनें जो सूर्य की किरणों के पड़ने पर परिवर्तित न हो। इसके लिए जिंक ऑक्साइड बेहतर विकल्प होगा।
यदि आप सनस्क्रीन लोशन यूज करें तो प्रत्येक दो घंटे बाद इसे दुबारे से लगाने की आदत डाल लें। क्योंकि यह फेस पर लगाने के एक घंटे बाद अपना असर करना धीरे-धीरे बंद कर देता है।
धूप में निकलने पर हो सके तो टोपी या कपड़े का इस्तेमाल करें।
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