Sunday, 26 January 2014

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बालों से बढ़ती सुंदरता

बालों से बढ़ती सुंदरता:-

बालों से बढ़ती सुंदरता 



यह सही है कि सुरक्षा से नारी की सुंदरता बढ़ती है । घने एवं सुंदर बालों से नारी का आकर्षण बढ़ जता है , फिर केश सज्जा एवं बालों की पर्मिग से नारी का रूप पहले से कही अधिक निखार जाता है ।अतएव नारी को अपनी जुल्फों पर फार ध्यान देते हुए उन्हें आकर्षक ढंग से संवारना आवश्यक होता  है ।

    सिर के बाल मजबूत एवं सुंदर होने से चेहरा खिल उठता है और फिर व्यक्तित्व भी अनूठा सा लगता है । इसकेलिए नारी को निरोग रहने के साथ – साथ खुशमिजाज रहना भी जरूरी है । बालों की उचित देखबाल होने से बालों को सुरक्षा मिलती है और केश भी मजबूत व घने होते है । इनसे आकर्षक केश – विन्यास बनाने में भी सुविधा होती है ।
    जुल्फों का सौन्दर्य हमेशा लोगोंको आकर्षित करता रहा है । काले , घने , लंबे , चमकदार ,आकर्षक तथा मुलायम बाल हर महिला की विशेष चाहत होती है । इन सभी के लिए सवस्थ होने के साथ -साथ बालों को उचित ढंग से संभाल कर रखना निहायत जरूरी होता है ।
    अतएव जुल्फों पर विशेष ध्यान देने के लिए निम्नांकित कार्य करने से नारियों को विशेष फ़ायदा हो सकता है और केश संबंधी समस्या से भी निजात पाया पाया जा सकता है ।
    सिर के बालों को खुली जगह में ताजी हवा देने लाभप्रद है । इसके लिए सुबह – सुबह सिर के बालों को ढीला कर हरी घास्वाले खेले मैदानों या बगीचों में टहलाना चाहिए । इससे मस्तिष्क में नई स्पूर्ती एवं शक्ती आने के साथ – साथ नेत्र ज्योती में भी वृद्दि होती है ।
    सुबह के नाश्ते में फूला हुवा मूंग ,चना एवं सोयाबीन ,खजूर ,नारियल ,मेथी के लाइडू, आंवला का मुरब्बा तथा पालक व सहजन के पत्तों का सूप जरूर शामिल करें । साथ ही अंडे की जर्दी एवं कलेजी को भी ग्रहण किया जा सकता है ।
    स्नान के पूर्व चहरे एवं माथे पर असली गुलाब जल एवं नारियल का पानी लगाएं ।फिर इसके बाद बालों पर दस – पंद्रह मिनट तक कभी गरम पानी का तो कभी ठन्डे पानी से भिगोया हवा साफ तेलिया लपेटे ।इससे चेहरा आकर्षक होने के साथ – साथ सिर के बालों के जड़ों में रक्त संचार काफी तेजी से होता है और नारी के केश स्वस्थ बने रहते है ।
    इसके कुछ देर बाद कुछ आराम करने के पश्चात खटटे दही में मुल्तानी मिट्टी , घुत कामारी का रस एवं धतूरा चूर्ण मिलाकर सिर की अच्छी तरह मालिश करें । फिर कुछ समय बाद नहा लें । बालों में चमक आ जाएगी और धीरे – धीरे बालों का टूटना भी रूक जाएगा ।
    मजबूत एवं लंबे केश के लिए उचित मात्रा में जडी – बूटियों का भी सेवन लाभप्रद होता है । सप्ताह में एक बार बालों में नीम एवं बेर के पत्तों का रस लगाएं । साथ ही दही में ककोड़े की जड़ का रस एवं काली मिर्ची का चूर्ण मिलाकर थोड़ी देर तक बालों में लगाएं ।यदा – कदा   सूरजमुखी एवं शंखपुष्पी का तेल लगाएं । जैतून के तेल में गंध्य या हरमल जडी का रस एवं  नारियल के पत्तों का रस मिलाकर बालों में कभी – कभी लगाएं । साथ ही स्त्रियों तीन – चार माह तक लगातार अशोकारिष्ट एवं आरोग्यवर्धिनी वाटिका सेवन कर सकती है ।
    हर्बल रूप से मेहंदी एवं खजूर के पत्तों का रस बालों के लिए कंडीशनर का भी कार्य करते है । इनके यदा – कदा प्रयोग करने से सिर में संक्रमण का भय नहीं रहता है । मेहंदी में टैनिन एवं ग्लोकोसाइड पाए गए है , अतः इनके प्रयोग से जुल्फों को रंगते हुए इन्हें सुंदर बनाया जा सकता है ।
    जिन स्त्रियों के असमय बाल पकने – सफेद होने का खतरा बन गया है उन्हें अपने भोजन में गाजर , मूली , खीरा , ककडी , पपीता मकोय , रामदान ,आम ,छाछ ,पुदीना , सेव आदी लेने के साथ – साथ आंवला हरड एवं बहेड़ा का चूर्ण ग्रहण करना चाहिए । फिर आम की गुथिलियों से तेल निकालकर उसे बालों पर यदा – कदा नियमित रूप से लगाएं ।
    सुंदर एवं चमकीले बालों के लिए व्यक्ति को अपने पौष्टिक आहार – विहार पर विशेष ध्यान देना पड़ता है । सिर के बाल काफी संख्या में टूटने  लगे हो उन्हें अच्छे भोजन के साथ – साथ उपचार एवं दवाई की भी जरूरत पड़ती है । सामान्यतः बालों को खूबसूरत बनाने के लिए प्रायः हर आदमी अपने – अपने ढंग से प्रयास करता है , लेकिन फिर भी बालों की विशेष देखभाल संतुलित तरीके से जरूरी है ।

 

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